हैदराबाद की कंपनी, CBSE 12वीं रिजल्ट में गड़बड़ी को लेकर लगे आरोप, जानिए पूरा मामला

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CBSE OSM Controversy

Coempt Edu Tech कंपनी (PC-ऑफिशियल वेबसाइट)

CBSE OSM Controversy: कहा जा रहा है कि CBSE की ओर से डिजिटल आंसर चेकिंग का कॉन्ट्रैक्ट Coempt Edu Tech नाम की कंपनी को दिया गया था. आइए, जानते हैं इस कंपनी के बारे में.

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CBSE OSM Controversy: केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) का On-Screen Marking (OSM) सिस्टम इन दिनों लगातार विवादों में बना हुआ है. कक्षा 12वीं बोर्ड रिजल्ट के बाद छात्रों ने कम मार्क्स, ब्लर स्कैन, गलत आंसर शीट अपलोड होने और पोर्टल क्रैश जैसी कई शिकायतें कीं.

CBSE ने रखा अपना पक्ष

कहा जा रहा है कि CBSE की ओर से डिजिटल आंसर चेकिंग का कॉन्ट्रैक्ट Coempt Edu Tech नाम की कंपनी को दिया गया था. इस पूरे मामले पर CBSE का कहना है कि ये बातें गलत हैं और गुमराह करने वाली हैं. हालांकि, CBSE ने इस आरोप को खारिज कर दिया है. लेकिन आइए जानते हैं कि हैदराबाद की ये प्राइवेट कंपनी Coempt Edu Tech क्या काम करती है.

क्या है इस कंपनी का काम?

Coempt Edu Tech हैदराबाद की स्थित एक प्राइवेट कंपनी है. इस कंपनी की ऑफिशियल वेबसाइट के अनुसार, यह एक प्रमुख EdTech कंपनी है, जिसके पास एग्जाम मैनेजमेंट और डिजिटल कॉपी चेकिंग के फील्ड में 25 वर्षों से अधिक का एक्सपीरियंस है. कंपनी विभिन्न परीक्षा बोर्डों और सर्टिफिकेट देने वाली संस्थाओं को एंड-टू-एंड एग्जाम सॉल्यूशंस उपलब्ध कराती है.

Rahul Gandhi On CBSE
कांग्रेस लीडर राहुल गांधी का x पोस्ट

परीक्षा को पारदर्शी बनाने के उद्देश्य से इस कंपनी ने OneX, Onmark, EzyTest और DigiTab जैसे कई प्लेटफॉर्म बनाए हैं. Compt Edu Teck प्री-एग्जाम प्रोसेस, क्वेश्चन पेपर मैनेजमेंट, AI आधारित ऑनलाइन परीक्षा, आंसर बुक डिजिटाइजेशन, डिजिटल मूल्यांकन और पोस्ट-एग्जाम सेवाएं प्रदान करती है.

पहले भी लगे हैं आरोप

पहले इस कंपनी का नाम Globarena Technologies Private Limited था. कहा जाता है कि 2019 में तेलंगाना में भी इस कंपनी ने ऐसी ही गड़बड़ी की थी. इस कंपनी पर तेलंगाना बोर्ड परीक्षा के रिजल्ट में बड़े पैमाने पर गड़बड़ी के आरोप हैं.

क्या है OSM सिस्टम?

CBSE ने 2026 में पहली बार बड़े स्तर पर On-Screen Marking (OSM) सिस्टम लागू किया. इसके तहत छात्रों की फिजिकल उत्तर पुस्तिकाओं को स्कैन कर डिजिटल रूप में परीक्षकों को भेजा गया और मूल्यांकन कंप्यूटर स्क्रीन पर किया गया.

बोर्ड का दावा था कि इससे मूल्यांकन प्रक्रिया ज्यादा तेज, पारदर्शी और सुरक्षित बनेगी. लेकिन रिजल्ट जारी होने के बाद सोशल मीडिया पर छात्रों ने कई तरह की शिकायतें शुरू कर दीं. कई छात्रों ने दावा किया कि उनकी उत्तर पुस्तिकाओं में कुछ जवाब जांचे ही नहीं गए, कई स्कैन धुंधले थे और कुछ मामलों में गलत आंसर शीट अपलोड होने के आरोप भी लगे.

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शाम्भवी शिवानी

लेखक के बारे में

By शाम्भवी शिवानी

शाम्भवी शिक्षा, रोजगार, एडमिशन और सक्सेस स्टोरी पर खास नजर रखती हैं. उन्होंने प्रभात खबर के लिए कई UPSC और BPSC टॉपर्स के इंटरव्यू लिए हैं. साथ ही इस प्लेटफॉर्म के लिए AI एजुकेशन और करियर गाइडेंस पर एक्सपर्ट ओपनियन भी बनाती हैं. उनकी खासियत है कि वो डाटा रिलेटेड खबरों और फैक्ट्स को आसान शब्दों में रीडर्स तक पहुंचाती हैं. शाम्भवी को डिजिटल मीडिया में 3 सालों से अधिक का अनुभव है. प्रभात खबर से पहले वे राजस्थान पत्रिका और पटना स्थित न्यूज़ हाट में भी काम कर चुकी हैं. 

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