IAS बनने की दौड़ में क्यों आगे है यूपी-बिहार, विकास दिव्यकीर्ति ने बताया कारण
Published by : Shambhavi Shivani Updated At : 16 Mar 2026 10:03 AM
विकास दिव्यकीर्ति (PC-सोशल मीडिया)
Vikas Divyakirti: देश के लगभग हर हिस्से से इसके लिए अभ्यर्थी तैयारी करते हैं, लेकिन उत्तर प्रदेश और बिहार जैसे राज्यों में इसकी तैयारी करने वालों की संख्या काफी ज्यादा है. विकास दिव्यकीर्ति ने बताया इसका कारण.
Vikas Divyakirti: संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) की सिविल सेवा परीक्षा भारत की सबसे प्रतिष्ठित और लोकप्रिय प्रतियोगी परीक्षाओं में से एक मानी जाती है. देश के लगभग हर हिस्से से इसके लिए अभ्यर्थी तैयारी करते हैं, लेकिन उत्तर प्रदेश और बिहार जैसे राज्यों में इसकी तैयारी करने वालों की संख्या काफी ज्यादा है. अक्सर यह सवाल उठता है कि आखिर इन राज्यों से ही सबसे ज्यादा IAS, IPS और अन्य सिविल सेवा अधिकारी क्यों निकलते हैं. फेमस शिक्षक और मेंटर विकास दिव्यकीर्ति ने इसके पीछे की वजह बताई.
सिविल सेवा में मिलती है पावर
एक इंटरव्यू में बात करते हुए विकास दिव्यकीर्ति ने कहा कि जब कोई व्यक्ति करियर चुनता है तो वह अच्छी सैलरी, सुरक्षित नौकरी, सम्मान और संतुष्टि की तलाश करता है. अगर इसके साथ पावर भी मिल जाए तो यह और बेहतर माना जाता है.
उनके अनुसार समाज में रिस्पेक्ट, पावर लोगों की सेवा करने का मौका, अच्छी सैलरी और नौकरी की सुरक्षा, अगर ये सभी चीजें किसी एक नौकरी में मिलती हैं, तो वह सिविल सेवा की नौकरी है.
बिहार और यूपी के लोग चाहते हैं रिस्पेक्ट और पावर
उन्होंने कहा कि बिहार और उत्तर प्रदेश में लोगों के बीच रिस्पेक्ट और पावर पाने की चाह ज्यादा होती है. दूसरे राज्यों की प्राथमिकता अलग-अलग हो सकती हैं. उदाहरण के लिए गोवा जैसे राज्यों में लोग कंफर्ट चुनते हैं.
विकास दिव्यकीर्ति के अनुसार, यूपी और बिहार के लोग सरकारी नौकरी को समाज में सम्मान और प्रभाव हासिल करने का सबसे अच्छा तरीका मानते हैं. इसके साथ अच्छी आय और नौकरी की स्थिरता भी एक बड़ा कारण है. यही कारण है कि यहां के युवाओं में सिविल सेवा का क्रेज अधिक है.
अलग-अलग लोगों की करियर को लेकर सोच अलग हो सकती है. लेकिन अधिकतर लोग ऐसी नौकरी चाहते हैं जिसमें अच्छी सैलरी, स्थिरता और सुरक्षा हो. यही वजह है कि हर साल बड़ी संख्या में अभ्यर्थी सिविल सेवा परीक्षा में शामिल होते हैं और इस प्रतिष्ठित सेवा का हिस्सा बनने का सपना देखते हैं.
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