12 साल में 82.69 लाख से बढ़कर 1.02 करोड़ हुई शिक्षकों की संख्या, महिला शिक्षकों की भागीदारी भी बढ़ी

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क्लास में पढ़ाती हुई शिक्षिका की AI जनरेटेड फोटो

Teacher Growth in India: मिनिस्ट्री ऑफ एजुकेशन की नई रिपोर्ट के अनुसार पिछले 12 वर्षों में देश में शिक्षकों की संख्या 82.69 लाख से बढ़कर 1.02 करोड़ हो गई है. महिला शिक्षकों की भागीदारी में भी वृद्धि हुई है, जिससे स्कूलों में शिक्षक-छात्र अनुपात में सुधार की उम्मीद है.

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Teacher Growth in India: देश की शिक्षा व्यवस्था में पिछले 12 वर्षों के दौरान एक अच्छा सुधार देखने को मिला है. मिनिस्ट्री ऑफ एजुकेशन द्वारा X पर जारी एक रिपोर्ट में यह जानकारी दी गई है. आइए इस बारे में डिटेल्स में जानते हैं.

Recent Report: शिक्षकों की अवेलेबिलिटी बढ़ी

मिनिस्ट्री ऑफ एजुकेशन द्वारा जारी रिसेंट रिपोर्ट के अनुसार, वर्ष 2013-14 से 2025-26 के बीच देश में शिक्षकों की कुल संख्या में काफी इजाफा हुआ है. इससे न केवल स्कूलों में शिक्षकों की अवेलेबिलिटी बढ़ी है, बल्कि स्कूल मैनेजमेंट और एजुकेशन क्वालिटी में भी बदलाव देखने को मिलेगा.

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How much Teachers Increase: शिक्षकों की संख्या कितनीं बढ़ी?

जारी रिपोर्ट के मुताबिक वर्ष 2013-14 में देशभर में शिक्षकों की कुल संख्या 82.69 लाख थी. वहीं, 2025-26 तक यह संख्या बढ़कर 1.02 करोड़ (102 लाख) पहुंच गई है. यानी पिछले 12 वर्षों में करीब 19 लाख से अधिक नए शिक्षक शिक्षा व्यवस्था से जुड़े हैं.

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Female Teacher Increased: महिला शिक्षकों की संख्या बढ़ी

जारी रिपोर्ट को देखा जाए तो, समझ आ रहा है कि शिक्षा क्षेत्र में महिलाओं की भागीदारी भी बढ़ी है. वर्ष 2013-14 में देश में 38.25 लाख महिला शिक्षक थीं. वहीं 2025-26 में यह संख्या बढ़कर 56.4 लाख हो गई है. रिपोर्ट बताते हैं कि महिला शिक्षकों की संख्या में लगभग 18 से 19 लाख की वृद्धि आई है.

Student Teacher Ratio: स्कूलों में शिक्षक-छात्र की रेशियो में होगा सुधार

शिक्षकों की वृद्धि से आने वाले समय में स्कूलों में शिक्षक-छात्र रेशियो में सुधार आएगा. कई बार देखा जाता है, कि किसी स्कूल में शिक्षक पर्याप्त हैं, मगर वहां गिने चुने स्टूडेंट्स हैं. वहीं इसके ठीक विपरीत कुछ ऐसे स्कूल हैं, जहां स्टूडेंट्स की संख्या काफी अधिक है, मगर यहां शिक्षकों की काफी कमी है. ऐसे में शिक्षकों की संख्या बढ़ने से देश के स्कूलों में शिक्षक-छात्र रेशियो मैनेज होगा.

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प्रगति सिन्हा

लेखक के बारे में

By प्रगति सिन्हा

मैं प्रगति सिन्हा पिछले लगभग 3 वर्षों से पत्रकारिता के क्षेत्र से जुड़ी हूं। मुझे मुख्य रूप से शिक्षा से जुड़ी खबरों और उसमे हो रहे बदलावों व अपग्रेडेशन को समझना एवं उसे लोगों तक पहुंचाना पसंद है। प्रभात खबर डिजिटल के माध्यम से मेरा प्रयास रहता है कि शिक्षा जगत में हो रहे महत्वपूर्ण घटनाक्रम, विद्यार्थियों से जुड़े मुद्दे और नई योजनाओं की जानकारी रीडर्स तक पहुंचा सकूं। मैं इससे पहले कोलकाता स्थित सन्मार्ग हिंदी डेली में एजुकेशन रिपोर्टर के तौर पर काम कर चुकी हूं.

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