कम्प्यूटर शिक्षा से बदलेगी बेटियों की तकदीर, छुट्टी के दिन सीखने पहुंच रहीं छात्राएं, डिजिटल भविष्य की ओर बढ़े कदम
छुट्टी के बाद कम्प्यूटर क्लास करते छात्र छात्राएं. | Prabhat Khabar Network
Digital Education for Girls : वीरपुर के सरस्वती विद्या निकेतन प्लस टू विद्यालय में नियमित कंप्यूटर क्लास शुरू होने से छात्राओं में खुशी की लहर है. आधुनिक शिक्षा की दिशा में यह कदम छात्राओं को डिजिटल तकनीक से जोड़कर उनके उज्ज्वल भविष्य की ओर ले जा रहा है.
Digital Education for Girls : सरस्वती विद्या निकेतन प्लस टू विद्यालय, वीरपुर में नियमित कम्प्यूटर क्लास शुरू होने के बाद छात्राओं में उत्साह और खुशी का माहौल है. आधुनिक शिक्षा की दिशा में उठाए गए इस महत्वपूर्ण कदम को छात्राएं अपने उज्ज्वल भविष्य की नई शुरुआत मान रही हैं. विद्यालय में नियमित कम्प्यूटर शिक्षा मिलने से उन्हें डिजिटल तकनीक की जानकारी के साथ-साथ भविष्य की नई संभावनाओं से जुड़ने का अवसर मिल रहा है. कम्प्यूटर लैब में पढ़ाई के दौरान छात्राओं के चेहरे पर आत्मविश्वास साफ झलक रहा है.
विद्यालय में ही मिल रही डिजिटल शिक्षा की सुविधा
छात्राओं ने बताया कि अब उन्हें कम्प्यूटर सीखने के लिए बाहर जाने की जरूरत नहीं पड़ रही है. विद्यालय परिसर में ही आधुनिक तकनीक के साथ पढ़ाई करने का अवसर मिलने से उनकी पढ़ाई को नया आयाम मिला है. उनका कहना है कि कम्प्यूटर का ज्ञान उच्च शिक्षा, प्रतियोगी परीक्षाओं और रोजगार के क्षेत्र में उन्हें आगे बढ़ने में मदद करेगा. इससे भविष्य की चुनौतियों का सामना करना भी आसान होगा.
एसडीओ की पहल बनी नई उम्मीद
छात्राओं ने अनुमंडल पदाधिकारी विनय कुमार की पहल की सराहना करते हुए कहा कि यह उनके जीवन में "एक नया सबेरा" लेकर आई है. आज के डिजिटल दौर में कम्प्यूटर शिक्षा बेहद आवश्यक हो गई है. ऐसे में विद्यालय में नियमित कम्प्यूटर क्लास शुरू होना ग्रामीण क्षेत्र की छात्राओं के लिए बड़ी उपलब्धि है. छात्राओं ने इस पहल के लिए एसडीओ के प्रति आभार व्यक्त किया.
विद्यालय प्रबंधन ने भी इस पहल को शिक्षा की गुणवत्ता बढ़ाने वाला कदम बताया. प्रबंधन का कहना है कि डिजिटल शिक्षा से छात्राओं का सर्वांगीण विकास होगा और वे बदलती तकनीकी दुनिया की आवश्यकताओं के अनुरूप खुद को तैयार कर सकेंगी.
छुट्टी के दिन भी पढ़ने पहुंचीं छात्राएं
इस पहल की सबसे प्रेरणादायक तस्वीर रविवार और अन्य अवकाश के दिनों में देखने को मिली, जब कई छात्राएं छुट्टी के बावजूद कम्प्यूटर क्लास में पहुंचीं. बच्चों का सीखने के प्रति यह समर्पण देखकर एसडीओ विनय कुमार भी भावुक हो गए.
उन्होंने कहा कि जब उन्होंने छुट्टी के दिन भी बच्चियों को पूरी तल्लीनता के साथ कम्प्यूटर सीखते देखा तो उन्हें बेहद खुशी हुई. उन्होंने कहा कि इन बच्चों में अपार प्रतिभा है और यदि उन्हें सही अवसर व संसाधन उपलब्ध कराए जाएं तो वे निश्चित रूप से बड़ी सफलता हासिल कर सकती हैं. उन्होंने यह भी कहा कि जिला पदाधिकारी का मानना था कि यदि यह प्रयास दस बच्चों के जीवन में भी सकारात्मक बदलाव ला सके, तो इसे बड़ी सफलता माना जाएगा. आज छात्राओं का उत्साह इस पहल की सार्थकता को साबित कर रहा है.
डिजिटल शिक्षा से बदल रही ग्रामीण शिक्षा की तस्वीर
विद्यालय में नियमित कम्प्यूटर शिक्षा केवल तकनीकी ज्ञान तक सीमित नहीं है, बल्कि यह छात्राओं के आत्मविश्वास और भविष्य की संभावनाओं को भी मजबूत कर रही है. ग्रामीण परिवेश की बच्चियों के लिए विद्यालय में ही डिजिटल शिक्षा उपलब्ध होना उनके सपनों को नई उड़ान देने जैसा है. छुट्टी के दिन भी कक्षा में पहुंचने का उनका उत्साह इस बात का प्रमाण है कि सही अवसर मिलने पर ग्रामीण क्षेत्र की छात्राएं भी तकनीकी शिक्षा में नई मिसाल कायम कर सकती हैं. विद्यालय की यह पहल निश्चित रूप से आने वाले समय में कई छात्राओं के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाने वाली साबित होगी.
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लेखक के बारे में
By राजीव कुमार झा
राजीव कुमार झा प्रिंट माध्यम में 20 और डिजिटल माध्यम में पिछले 02 वर्षों से पत्रकारिता में एक्टिव हैं. करियर की शुरुआत हिन्दुस्तान से की. अभी प्रभात खबर ब्यूरोचीफ के पद पर सुपौल में काम कर रहे हैं. शिक्षा, कला-संस्कृति, सामाजिक कार्य व सिनेमा में रुचि रखते हैं.
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