छातापुर में राशन डीलरों की बैठक, पॉश मशीन और खाद्यान्न की गुणवत्ता पर उठी आवाज
बैठक में शामिल एसोसिएशन के जिला एवं प्रखंड स्तरीय पदाधिकारी | Prabhat Khabar Network
सुपौल में फेयर प्राइस डीलर्स एसोसिएशन की बैठक हुई. इसमें डीलरों ने PoS मशीन शोषण, आवंटन अनियमितता और खाद्यान्न की गुणवत्ता जैसे कई मुद्दों पर आवाज उठाई. उन्होंने 30 हजार रुपये मासिक मानदेय और मार्जिन मनी भुगतान की मांग की.
Supaul News: छातापुर में जनवितरण प्रणाली के दुकानदारों की बैठक में एक बात पर खास जोर दिया गया कि अगर दुकान का सूचनापट्ट, गोदाम और खाद्यान्न का रिकॉर्ड दुरुस्त है तो अधिकारियों के सामने जवाब देने में किसी तरह की परेशानी नहीं होनी चाहिए. सोमवार को मुख्यालय स्थित केरोसिन डिपो में आयोजित फेयर प्राइस डीलर्स एसोसिएशन सुपौल की जिला स्तरीय बैठक में जिला महामंत्री बिनोद कर्ण ने डीलरों से व्यवस्था को पारदर्शी रखने और खाद्यान्न के वजन व गुणवत्ता को लेकर अपनी आवाज मजबूती से उठाने की अपील की.
बैठक में पॉश मशीन अपडेट करने के नाम पर डीलरों को परेशान करने, खाद्यान्न आवंटन में अनियमितता, एसएफसी गोदाम से उठाव में पारदर्शिता, डोर स्टेप डिलीवरी और बकाया मार्जिन मनी समेत कई मुद्दों पर विस्तार से चर्चा हुई. डीलरों ने कहा कि इन समस्याओं का असर उनकी रोजमर्रा की कार्यप्रणाली के साथ-साथ उपभोक्ताओं को मिलने वाले खाद्यान्न पर भी पड़ता है.
पॉश मशीन के नाम पर परेशानी की शिकायत
जिला स्तरीय बैठक जिलाध्यक्ष सीयालाल यादव की अध्यक्षता में हुई. इसमें सभी प्रखंडों के अध्यक्ष और सचिव के साथ स्थानीय जनवितरण विक्रेता शामिल हुए.
बैठक में डीलरों ने जिला कार्यालय में पॉश मशीन को अपडेट करने के नाम पर परेशान किये जाने की शिकायत रखी. डीलरों का कहना था कि तकनीकी प्रक्रिया के दौरान आने वाली समस्याओं का समाधान व्यवस्थित तरीके से होना चाहिए, ताकि जनवितरण व्यवस्था प्रभावित न हो.
जिला महामंत्री बिनोद कर्ण ने कहा कि पॉश मशीन के नाम पर शोषण की शिकायत को लेकर डीएम और डीएसओ से लिखित शिकायत की जायेगी. उन्होंने डीलरों से भी कहा कि किसी तरह की वाजिब समस्या होने पर संगठन को तत्काल जानकारी दें.
गोदाम से मिलने वाले खाद्यान्न पर उठे सवाल
बैठक में एसएफसी गोदाम से मिलने वाले खाद्यान्न की गुणवत्ता और वजन का मुद्दा भी प्रमुखता से उठा. डीलरों ने मांग की कि उन्हें निर्धारित मात्रा और अच्छी गुणवत्ता का खाद्यान्न उपलब्ध कराया जाये.
डीलरों ने यह भी मांग रखी कि बोरी का वजन घटाकर वास्तविक खाद्यान्न की मात्रा के अनुसार आपूर्ति सुनिश्चित हो. इसके अलावा डोर स्टेप डिलीवरी में निर्धारित नियमों का पालन करने की मांग भी उठायी गयी.
इन मांगों का सीधा संबंध उन उपभोक्ताओं से है, जिन्हें जनवितरण प्रणाली के माध्यम से खाद्यान्न मिलता है. डीलरों का कहना है कि गोदाम से ही वजन और गुणवत्ता को लेकर व्यवस्था स्पष्ट रहेगी तो आगे वितरण के दौरान विवाद की स्थिति कम होगी.
एजीएम और डीलरों की बैठक कराने की मांग
डीलरों ने खाद्यान्न उठाव की प्रक्रिया में पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए एसएफसी गोदाम के एजीएम, संवेदक और डीलरों के साथ बैठक कराने की मांग की. उनका कहना है कि उठाव के दौरान आने वाली समस्याओं को सभी पक्षों की मौजूदगी में रखा और सुलझाया जाना चाहिए.
आवंटन में कथित अनियमितता का मुद्दा भी बैठक में उठाया गया. डीलरों ने व्यवस्था में स्पष्टता और पारदर्शिता की मांग की, ताकि आवंटन और उठाव को लेकर किसी तरह की परेशानी नहीं हो.
मार्जिन मनी और मानदेय का मुद्दा भी उठा
जनवितरण विक्रेताओं ने मार्जिन मनी के भुगतान का मुद्दा भी प्रमुखता से उठाया. संगठन की ओर से बताया गया कि मई 2026 तक की मार्जिन मनी डीलरों को भेजी जा चुकी है. साथ ही बकाया राशि का भुगतान समय पर करने की मांग भी रखी गयी.
बैठक में अनुकंपा के आधार पर नियुक्ति में उम्र सीमा की बाध्यता खत्म करने और सभी डीलरों को 30 हजार रुपये मासिक मानदेय देने की मांग सरकार के समक्ष जोरदार तरीके से रखने का निर्णय लिया गया.
बिनोद कर्ण बोले- रिकॉर्ड दुरुस्त होगा तो जवाब देने में डर नहीं
जिला महामंत्री बिनोद कर्ण ने डीलरों से कहा कि दुकान पर सूचनापट्ट और गोदाम की व्यवस्था दुरुस्त रखें. उनका कहना था कि अगर भंडारण और संबंधित जानकारी सही तरीके से रखी गयी है तो अधिकारियों के सामने जवाब देने में हिचकिचाहट नहीं होनी चाहिए.
उन्होंने खाद्यान्न के वजन और गुणवत्ता को लेकर भी डीलरों को अपनी आवाज मजबूती से उठाने की बात कही. वहीं जिलाध्यक्ष सीयालाल यादव ने कहा कि डीलरों को किसी भी प्रकार की समस्या होने पर संगठन को इसकी जानकारी देनी चाहिए. वाजिब समस्याओं का निदान करवाना संगठन की जिम्मेदारी है.
Supaul News: तीन साल में होगा प्रखंड स्तरीय संगठन का चुनाव
बैठक में संगठनात्मक व्यवस्था को मजबूत करने पर भी चर्चा हुई. बिनोद कर्ण ने बताया कि प्रखंड स्तरीय संगठन का चुनाव तीन वर्ष के अंतराल पर होगा. इस अवधि के बीच दो वर्ष बाद दो तिहाई बहुमत से किसी पदाधिकारी को हटाया भी जा सकता है.
बैठक में गुंदेश्वरी मेहता, जगदेव यादव, सुकदेव यादव, लालबहादुर शर्मा, हरिश्चंद्र झा, इंद्रजीत मंडल, राजवर्धन, जयकृष्ण यादव, मो. अब्दुल बारिक, उमेश कुमार जायसवाल, मंजर इमाम, पन्नालाल यादव, मो. कलाम, गंगा दास, मो. अजीज समेत छातापुर के अधिकांश डीलर मौजूद थे.
आगे संगठन की ओर से पॉश मशीन से जुड़ी शिकायत, गोदाम से खाद्यान्न की गुणवत्ता और वजन, डोर स्टेप डिलीवरी तथा मार्जिन मनी जैसे मुद्दों को संबंधित अधिकारियों के समक्ष रखने की बात कही गयी है. अब इन मांगों पर विभागीय स्तर पर क्या कार्रवाई होती है, यह देखना महत्वपूर्ण होगा.

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