Success Story: बचपन में पिता ने छोड़ दिया साथ, 800 रुपये प्रति माह की नौकरी कर मां ने पाला, अब UGC NET परीक्षा में बनी टॉपर
अमन जफर (file)
Success Story, UGC NET, Topper Story: हाल ही में यूजीसी नेट जेआरएफ की परीक्षा में बिहार के दरभंगा जिला की रहने वाली अनम जफर ऑल इंडिया टॉपर बनी हैं. उन्होंने all इंडिया रैंक-1 हासिल किया. आइये जानते हैं इनके सफर के बारे में...
Sucess Story, UGC NET, Topper Story: दरभंगा जिले के चंदनपट्टी गांव की रहने वाली में अनम जफर ने UGC-NET JRF परीक्षा में ऑल इंडिया रैंक 1 हासिल किया है. जैसे ही अनम की मां रेहाना खातून ने सुना कि उनकी बेटी ने पूरे देश में टॉप किया है तो खुशी से उनकी आंखों से आंसू छलक पड़े. उन्हें अपने संघर्ष के दिन याद आ गये. क्योंकि अनम जब सिर्फ आठ साल की थी तो उनके पिता ने उनकी मां को तलाक दे दिया. परिवार पर दुःख का पहाड़ टूट पड़ा. इसके बाद रेहाना खातून ने बड़ी मुश्किलों से अनम को पाला पोसा और उनकी पढ़ाई-लिखाई कराई. अनम ने भी मां की मेहनत को बर्बाद नहीं होने दिया और खूब मेहनत से पढ़ाई की और आज बिहार ही नहीं समूचे देश में अपना नाम बनाया.
अपनों ने छोड़ दिया था साथ
अनम के पिता ने उनकी मां को तलाक दे दिया तो घर चलाने की जिम्मेदारी रेहाना खातून पर आ गई. अनम की मां ने एक प्राइवेट स्कूल में महज 800 रुपये महीने की तनख्वाह पर पढ़ाना शुरू किया. इतनी कम आमदनी एक आदमी के लिए भी बेहद कम थी और उन्हें तो पूरा परिवार चलाना था. तमाम विपरीत परिस्थितियों के बावजूद उन्होंने हार नहीं मानी और अपनी बेटी को अच्छी शिक्षा दिलाने के लिए अच्छे स्कूल में दाखिला दिलाया. संघर्ष के दिनों में रेहाना खातून और अनम के परिवार के लोगों ने भी उनसे मुहं मोड़ लिया था. स्कूली शिक्षा हासिल करने के बाद उनकी मां ने अनम का दाखिला मौलाना आज़ाद नेशनल उर्दू यूनिवर्सिटी के सेंटर फॉर टीचर्स एजुकेशन, दरभंगा में बी.एड में कराया. पढ़ाई के क्रम में ही अनम की शादी जोहर अली नाम के युवक से हुई जो एक प्राइवेट कंपनी में काम करते हैं.
45000 रुपये प्रति माह मिलेगी फेलोशिप
अनम जफर ने दिसम्बर 2024 में यूजीसी नेट जेआरएफ की परीक्षा दी. हाल ही में जब इसका रिजल्ट घोषित हुआ, तो उन्हें इस परीक्षा में 100 पर्सेंटाइल हासिल हुआ और उनका ऑल इंडिया रैंक 1 था. इस खबर से उनके दोस्तों के साथ ही पूरे विश्वविद्यालय में खुशी की लहर दौड़ गई. एक विशेष कार्यक्रम आयोजित कर अनम जफर को सम्मानित किया गया. टॉपर बनने के अब उनको एक रिसर्च फेलो के रूप में 45,000 रुपये प्रति माह की फेलोशिप मिलेगी. अनम की सफलता उन लड़कियों के लिए एक संदेश है जो विपरीत परिस्थिति से डर जाती है और अपने सपनों को पाने से पीछे हटती हैं.
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By Paritosh Shahi
परितोष शाही पिछले 4 वर्षों से डिजिटल मीडिया और पत्रकारिता में सक्रिय हैं. उन्होंने अपने करियर की शुरुआत राजस्थान पत्रिका से की और वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल की बिहार टीम का हिस्सा हैं. राजनीति, सिनेमा और खेल, विशेषकर क्रिकेट में उनकी गहरी रुचि है. जटिल खबरों को सरल भाषा में पाठकों तक पहुंचाना और बदलते न्यूज माहौल में तेजी से काम करना उनकी विशेषता है. परितोष शाही ने पत्रकारिता की पढ़ाई बनारस हिंदू यूनिवर्सिटी (BHU) से की. पढ़ाई के दौरान ही पत्रकारिता की बारीकियों को समझना शुरू कर दिया था. खबरों को देखने, समझने और लोगों तक सही तरीके से पहुंचाने की सोच ने शुरुआत से ही इस क्षेत्र की ओर आकर्षित किया. पत्रकारिता में करियर की पहली बड़ी शुरुआत बिहार विधानसभा चुनाव 2020 के दौरान हुई, जब उन्होंने जन की बात के साथ इंटर्नशिप की. इस दौरान बिहार के 26 जिलों में जाकर सर्वे किया. यह अनुभव काफी खास रहा, क्योंकि यहां जमीनी स्तर पर राजनीति, जनता के मुद्दों और चुनावी माहौल को बहुत करीब से समझा. इसी अनुभव ने राजनीतिक समझ को और मजबूत बनाया. इसके बाद राजस्थान पत्रिका में 3 महीने की इंटर्नशिप की. यहां खबर लिखने की असली दुनिया को करीब से जाना. महज एक महीने के अंदर ही रियल टाइम न्यूज लिखने लगे. इस दौरान सीखा कि तेजी के साथ-साथ खबर की सटीकता कितनी जरूरी होती है. राजस्थान पत्रिका ने उनके अंदर एक मजबूत डिजिटल पत्रकार की नींव रखी. पत्रकारिता के सफर में आगे बढ़ते हुए पटना के जनता जंक्शन न्यूज पोर्टल में वीडियो प्रोड्यूसर के रूप में भी काम किया. यहां कैमरे के सामने बोलना, प्रेजेंटेशन देना और वीडियो कंटेंट की बारीकियां सीखीं. करीब 6 महीने के इस अनुभव ने कैमरा फ्रेंडली बनाया और ऑन-स्क्रीन प्रेजेंस को मजबूत किया. 1 अप्रैल 2023 को राजस्थान पत्रिका को प्रोफेशनल तौर पर ज्वाइन किया. यहां 17 महीने में कई बड़े चुनावी कवरेज में अहम भूमिका निभाई. लोकसभा चुनाव 2024 में नेशनल टीम के साथ जिम्मेदारी संभालने का मौका मिला. इसके अलावा मध्य प्रदेश, राजस्थान और छत्तीसगढ़ विधानसभा चुनाव के दौरान भी स्टेट टीम के साथ मिलकर काम किया. इस दौरान चुनावी रणनीति, राजनीतिक घटनाक्रम और बड़े मुद्दों पर काम करने का व्यापक अनुभव मिला. फिलहाल परितोष शाही प्रभात खबर डिजिटल बिहार टीम के साथ जुड़े हुए हैं. यहां बिहार विधानसभा चुनाव के दौरान कई बड़ी खबरों को रियल टाइम में ब्रेक किया, ग्राउंड से जुड़े मुद्दों पर खबरें लिखीं और वीडियो भी बनाए. बिहार चुनाव के दौरान कई जिलों में गांव- गांव घूम कर लोगों की समस्या को जाना-समझा और उनके मुद्दे को जन प्रतिनिधियों तक पहुंचाया. उनकी कोशिश हमेशा यही रहती है कि पाठकों और दर्शकों तक सबसे पहले, सही और असरदार खबर पहुंचे. पत्रकारिता में लक्ष्य लगातार सीखते रहना, खुद को बेहतर बनाना और भरोसेमंद पत्रकार के रूप में अपनी पहचान मजबूत करना है.
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