एक को मिला समंदर, दूसरा बना जमीन की ढाल, मिलिए देश के अनोखे 'फौजी कपल' से

Edited by Smita Dey
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रॉबिन सिंह तालन और स्वाती कुमारी की तस्वीर (Social Media)

Robin Singh Talan: कॉलेज के 'स्वीटहार्ट्स' रॉबिन सिंह तालान और स्वाती कुमारी ने देश सेवा का अपना सपना पूरा किया. जानिए नौसेना की लेफ्टिनेंट स्वाती और सेना के नए लेफ्टिनेंट रॉबिन की सक्सेस स्टोरी.

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Robin Singh Talan: प्यार और करियर में से किसी एक को चुनना अक्सर लोगों के लिए बड़ी चुनौती बन जाता है. लेकिन ग्रेटर नोएडा के रॉबिन और स्वाती ने एक ऐसी मिसाल कायम की है, जिसने न सिर्फ उनके प्यार को मुकम्मल किया बल्कि देश सेवा के उनके साझे सपने को भी पूरा कर दिया.

देहरादून के इंडियन मिलिट्री अकादमी (IMA) में हुई पासिंग आउट परेड के दौरान रॉबिन सिंह तालान जब भारतीय सेना में लेफ्टिनेंट बने, तो दर्शकों के बीच बैठी उनकी पत्नी लेफ्टिनेंट स्वाती कुमारी की आंखों में गर्व के आंसू थे, जो खुद 2021 से भारतीय नौसेना (Indian Navy) में ऑफिसर हैं. 

कॉलेज के दिनों से शुरू हुआ था देश सेवा का सपना 

रॉबिन सिंह तालान (28 वर्ष) और स्वाती कुमारी (27 वर्ष) की कहानी कॉलेज के दिनों से शुरू हुई थी. शुरुआत में दोनों के बीच दोस्ती हुई, जो धीरे-धीरे प्यार में बदल गई. लेकिन यह आम कपल्स जैसा रोमांस नहीं था, बल्कि दोनों की आंखों में एक ही सपना था देश के लिए सैन्य वर्दी पहनना. कॉलेज की पढ़ाई के साथ ही दोनों ने मिलकर सेना की प्रतियोगी परीक्षाओं और कड़े सिलेक्शन प्रोसेस की तैयारी शुरू कर दी थी.

स्वाती ने पहले हासिल किया मुकाम, पर रॉबिन का रास्ता था अलग

सालों की कड़ी मेहनत के बाद 2021 में स्वाती कुमारी ने नौसेना की परीक्षा पास की और वह इंडियन नेवी में लेफ्टिनेंट बन गईं. यह उनकी सपने की पहली बड़ी जीत थी. इसके बाद भी स्वाती ने रॉबिन का हौसला टूटने नहीं दिया. रॉबिन का सफर थोड़ा अलग और संघर्षों से भरा रहा. उन्होंने शुरुआत में भारतीय वायु सेना (IAF) में एक एयरमैन (कॉर्पोरल रैंक) के रूप में अपनी सेवा शुरू की.

Robin Singh Talan: रॉबिन के लेफ्टिनेंट बनने का सफर

वायुसेना में अपनी ड्यूटी निभाते हुए भी रॉबिन ने ऑफिसर बनने का अपना सपना जिंदा रखा. फौज की नौकरी के साथ-साथ पढ़ाई करना बेहद मुश्किल था, लेकिन रॉबिन डटे रहे. साल 2022 में उन्होंने आर्मी कैडेट कॉलेज (ACC) की परीक्षा पास की. यह विंग सेना के जवानों और एयरमैन को ऑफिसर बनने का मौका देती है. इसके बाद IMA में कठिन मिलिट्री ट्रेनिंग पूरी कर 13 जून 2026 को आखिरकार Robin Singh Talan ने ‘अंतिम पग’ पार किया और सेना में लेफ्टिनेंट बन गए.

फौजी परिवार की तीसरी पीढ़ी ने संभाली कमान

रॉबिन की यह कामयाबी उनके पूरे परिवार के लिए बहुत भावुक करने वाली थी. उनके पिता धीरेंद्र सिंह खुद भारतीय सेना से सूबेदार मेजर और मानद लेफ्टिनेंट (Honorary Lieutenant) के पद से रिटायर हुए हैं. अपने बेटे को आर्मी ऑफिसर और बहू को नेवी ऑफिसर के रूप में देश की सेवा करते देखना उनके जीवन का सबसे गौरवशाली पल बन गया.

युवाओं के लिए बड़ी प्रेरणा हैं लेफ्टिनेंट रॉबिन और स्वाती

लेफ्टिनेंट रॉबिन (Robin Singh Talan) और लेफ्टिनेंट स्वाती की यह कहानी देश के लाखों युवाओं और सेना में छोटे पदों पर काम कर रहे जवानों के लिए एक बहुत बड़ी प्रेरणा है. रॉबिन की सफलता यह साबित करती है कि अगर आपके भीतर जज्बा हो, तो नॉन-कमीशन रैंक से भी आप अपनी मेहनत के दम पर सेना के सर्वोच्च अधिकारी बन सकते हैं. 

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Smita Dey

लेखक के बारे में

By Smita Dey

स्मिता दे प्रभात खबर में डिजिटल कंटेंट क्रिएटर के तौर पर काम कर रही हैं. बुक्स पढ़ना, डांसिंग और ट्रैवलिंग का शौक रखने वाली स्मिता युवाओं को बेहतर करियर गाइड करना और नौकरी के लिए प्रोत्साहित करना पसंद करती हैं.

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