Bihar Board Result 2026: जानें कैसे मिलते हैं ग्रेस मार्क्स, फेल से भी हो सकते हैं पास

एग्जाम की सांकेतिक तस्वीर (PC-Freepik)
Bihar Board Result 2026: बिहार बोर्ड की ग्रेस मार्क्स पॉलिसी उन छात्रों के लिए राहत की तरह है, जो थोड़े से अंकों की वजह से पीछे रह जाते हैं. ग्रेस मार्क्स देना पूरी तरह बोर्ड के निर्णय पर निर्भर करता है. हर साल यह जरूरी नहीं कि सभी छात्रों को इसका लाभ मिले.
Bihar Board Result 2026: बिहार बोर्ड रिजल्ट आने के बाद अक्सर छात्रों के मन में एक सवाल होता है कि क्या ग्रेस मार्क्स मिलते हैं? और अगर मिलते हैं, तो किसे और कैसे दिए जाते हैं? बिहार विद्यालय परीक्षा समिति (BSEB) कुछ खास परिस्थितियों में छात्रों को ग्रेस मार्क्स देकर पास करने का मौका देती है.
क्या होता है ग्रेस मार्क्स?
ग्रेस मार्क्स यानी अतिरिक्त अंक, जो बोर्ड उन छात्रों को देता है जो बहुत कम अंकों से फेल हो जाते हैं. इसका मकसद ऐसे छात्रों को एक मौका देना होता है, ताकि वे अगली कक्षा में जा सकें.
किन छात्रों को मिलता है ग्रेस मार्क्स?
बिहार बोर्ड के नियमों के अनुसार, अगर कोई छात्र बहुत कम अंकों से फेल होता है, तो उसे ग्रेस मार्क्स दिया जा सकता है. अगर छात्र एक विषय में 8% या उससे कम अंकों से फेल है या दो विषयों में 4-4% अंकों से पीछे रह गया है तो उसे ग्रेस मार्क्स देकर पास किया जाता है. ऐसे मामलों में बोर्ड कमी वाले अंक जोड़कर छात्र को पास कर सकता है.
कितने नंबर तक मिल सकते हैं ग्रेस मार्क्स?
आमतौर पर छात्रों को 1 से 5 अंकों तक ग्रेस मार्क्स दिए जाते हैं. कुछ मामलों में यह डिवीजन सुधारने के लिए भी दिया जा सकता है, जैसे सेकेंड से फर्स्ट डिवीजन में लाने के लिए.
एक और खास नियम
अगर किसी छात्र का कुल प्रतिशत अच्छा है, लेकिन वह सिर्फ एक विषय में थोड़ा कम नंबर से फेल हो गया है, तो बोर्ड उसे ग्रेस देकर पास घोषित कर सकता है.
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By Shambhavi Shivani
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