सॉरी, एक दो क्यों ज्यादा बेटियां होनी चाहिए, IIT Delhi में पीएम ने क्या कहा जिस पर स्टूडेंट्स ने बजाई तालियां

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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी IIT दिल्ली के कार्यक्रम में (PC-सोशल मीडिया)

PM Modi IIT Delhi Speech 2026: IIT दिल्ली में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने स्टूडेंट्स को संबोधित करते हुए कहा कि यहां से आप सिर्फ डिग्री लेकर नहीं निकलेंगे बल्कि कई अनुभव लेकर निकलेंगे. उन्होंने छात्रों को भविष्य के लिए संदेश और बधाइयां दीं.

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PM Modi IIT Delhi Speech 2026: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने IIT Delhi के 57वें दीक्षांत समारोह में शामिल हुए. उन्होंने आईआईटी में पढ़ने वाले स्टूडेंट्स से बात की. अपनी स्पीच में उन्होंने छात्रों को कई मैसेज दिए. पीएम ने कहा कि पढ़ाई पूरी होने के बाद जिंदगी की असली परीक्षा शुरू होती है. लाइफ में कई ऐसी परिस्थितियां सामने आती हैं, जो किसी किताब या सिलेबस में नहीं होती. इसलिए स्टूडेंट्स को हर हर परिस्थिति के लिए तैयार रहना चाहिए और सीखने की जिज्ञासा हमेशा बनाए रखनी चाहिए.

स्पीच के बीच में क्या बोले पीएम जो बजी तालियां

पीएम ने अपनी स्पीच में कहा कि यहां एकाध बेटियां होती जो ज्यादा रहता है. फिर उन्होंने कहा कि सॉरी एक दो क्यों ज्यादा ही होनी चाहिए थी. पीएम की इस बात पर तालियां से पूरा ऑडिटोरियम गूंज गया.


आप जीवन के यादगार मोमेंट को जी रहे हैं, जिसमें उत्साह, उमंग और भावनाएं हैं. IIT Delhi के कैंपस में सिर्फ डिग्री नहीं ले रहे हैं बल्कि देश के लिए बहुत कुछ करने का सपना लेकर यहां से निकल रहे हैं. आज कई स्टूडेंट्स, जिन्हें उनकी उपलब्धि के लिए मेडल मिले हैं, उन्हें मैं बधाई देता हूं.

पीएम ने AI पर कही ये बात 

पीएम ने कहा कि आज के समय में IIT Delhi में AI से जुड़े कई कार्यक्रम शुरू किए गए हैं. इसके लिए मैं संस्थान और यहां पढ़ने वाले स्टूडेंट्स को शुभकामनाएं देता हूं. प्रधानमंत्री ने कहा कि टेक्नोलॉजी के फील्ड में तेजी से बदलाव आ रहा है. ऐसे समय में विद्यार्थियों को अपनी पढ़ाई को डिग्री मिलने के साथ खत्म नहीं मानना चाहिए. नई तकनीक, नए विचार और नए कौशल सीखते रहना चाहिए. उन्होंने कहा कि दुनिया बहुत तेजी से बदल रही है.

मैं तो बाबा बागेश्वर नहीं: पीएम ने कहा 

आगे उन्होंने कहा कि आप सभी यहां फिजिकली प्रजेंट तो हैं पर मन के किसी कोने में कुछ और चल रहा होगा. मैं तो बाबा बागेश्वर नहीं हूं, लेकिन कुछ तो चलता होगा. हर स्टूडेंट्स के मन में आने वाले कल की अपनी-अपनी तस्वीर होगी. कई छात्र अपनी पहली सैलरी का वेट कर रहे होंगे. कोई अपने पहले स्टार्टअप का सपना देख रहा होगा. कोई अगले प्रतियोगिता परीक्षा की तैयारी की योजना बना रहा होगा. हर किसी का रास्ता अलग है.

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पीेएम मोदी का स्पीच (PC-ANI)

लेकिन इन सब के बाद भी एक एहसास ऐसा है जो आप सभी के मन में एक-सा होगा. वो दिन याद कीजिए जब आपका IIT Delhi में पहला दिन था और एक ये आज का दिन है. आप सोच रहे होंगे अभी कल की ही बात है जब ओरिएंटेशन हुआ था और अब कॉन्वोकेशन आ गया. आप सभी में जीवन के एक नए चैप्टर का उत्साह होगा. 

जिंदगी की परीक्षा में नहीं चलता कोई तय सिलेबस

PM मोदी ने छात्रों को समझाया कि एकेडमिक जीवन में परीक्षा का सिलेबस पहले से तय होता है, लेकिन रियल लाइफ में परिस्थितियां लगातार बदलती रहती हैं. ऐसे में केवल डिग्री या टेक्निकल ज्ञान ही पर्याप्त नहीं है. नई परिस्थितियों को समझने, उनसे सीखने और जरूरत के अनुसार खुद को बदलने की क्षमता भी जरूरी है.

तेजी से बदल रही टेक्नोलॉजी, लगातार सीखना जरूरी

प्रधानमंत्री ने कहा कि तकनीक तेजी से बदल रही है. ऐसे समय में विद्यार्थियों को अपनी पढ़ाई को डिग्री मिलने के साथ खत्म नहीं मानना चाहिए. नई तकनीक, नए विचार और नए कौशल सीखते रहना भविष्य की चुनौतियों से निपटने में मदद करेगा. उन्होंने छात्रों से अपनी जिज्ञासा को जीवित रखने और बदलाव को अवसर के रूप में देखने की अपील की.

IIT Delhi के 3000 से ज्यादा छात्रों को मिली डिग्री

IIT Delhi के 57वें दीक्षांत समारोह में 3000 से अधिक विद्यार्थियों को डिग्री प्रदान की गई, जिनमें 587 PhD स्कॉलर्स भी शामिल हैं. समारोह में प्रधानमंत्री मोदी ने संस्थान के मेधावी विद्यार्थियों को विभिन्न प्रतिष्ठित सम्मान भी प्रदान किए.

‘Param Pragya’ सुपरकंप्यूटिंग सुविधा का भी उद्घाटन

दीक्षांत समारोह के दौरान प्रधानमंत्री मोदी ने IIT Delhi के सोनीपत कैंपस में स्थापित AI-powered high-performance supercomputing facility ‘Param Pragya’ का उद्घाटन भी किया. यह सुविधा आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, डेटा साइंस, एडवांस्ड कंप्यूटिंग और इंटरडिसिप्लिनरी रिसर्च को बढ़ावा देने में मदद करेगी.

छात्रों के लिए PM मोदी का संदेश

PM मोदी के संबोधन का सार यही रहा कि डिग्री हासिल करना मंजिल नहीं, बल्कि आगे की यात्रा की शुरुआत है. बदलती दुनिया में वही विद्यार्थी आगे बढ़ पाएंगे, जो जिज्ञासु बने रहेंगे, नई चीजें सीखेंगे और जिंदगी की ‘Out of Syllabus’ परिस्थितियों का सामना करने के लिए खुद को तैयार रखेंगे.


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शाम्भवी शिवानी

लेखक के बारे में

By शाम्भवी शिवानी

शाम्भवी शिक्षा, रोजगार, एडमिशन और सक्सेस स्टोरी पर खास नजर रखती हैं. उन्होंने प्रभात खबर के लिए कई UPSC और BPSC टॉपर्स के इंटरव्यू लिए हैं. साथ ही इस प्लेटफॉर्म के लिए AI एजुकेशन और करियर गाइडेंस पर एक्सपर्ट ओपनियन भी बनाती हैं. उनकी खासियत है कि वो डाटा रिलेटेड खबरों और फैक्ट्स को आसान शब्दों में रीडर्स तक पहुंचाती हैं. शाम्भवी को डिजिटल मीडिया में 3 सालों से अधिक का अनुभव है. प्रभात खबर से पहले वे राजस्थान पत्रिका और पटना स्थित न्यूज़ हाट में भी काम कर चुकी हैं. 

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