रीडिंग करने से होता है Time Waste?English मजबूत करने के लिए Neetu मैम ने दिए टिप्स
Published by : Shambhavi Shivani Updated At : 11 Sep 2025 10:18 PM
नीतू सिंह
Neetu Singh Success Mantra: सरकारी प्रतियोगी परीक्षा देने वाले छात्रों की सबसे बड़ी मुसीबत है अंग्रेजी भाषा. अंग्रेजी भाषा सुधार करने के लिए एक्सपर्ट रीडिंग करने की सलाह देते हैं. वहीं एक फेमस शिक्षक नीतू सिंह ने भी छात्रों को खूब पढ़ने की सलाह दी है. आइए जानते हैं उन्होंने क्या कहा.
Neetu Singh Success Mantra: प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने वाले छात्रों के बीच एक बड़ा सवाल अक्सर उठता है कि क्या रीडिंग करने से वाकई समय बर्बाद होता है? कई बार परिवार और समाज से यह सुनने को मिलता है कि उपन्यास या अन्य किताबें पढ़ने का कोई खास फायदा नहीं है. लेकिन इस सोच से इतर, प्रसिद्ध शिक्षिका नीतू सिंह जिन्हें नीते मैम (Famous Teacher Neetu Singh) के नाम से जाना जाता है, का कहना है कि पढ़ने से न सिर्फ ज्ञान बढ़ता है, बल्कि भाषा पर पकड़ भी मजबूत होती है.
Neetu Singh Success Mantra: खूब पढ़िए, अंग्रेजी बेहतर होगी
नीतू सिंह बताती हैं कि जब वह खुद छोटी थीं, तब उनके घर में भी यही कहा जाता था कि उपन्यास या कहानियां पढ़ना वक्त की बर्बादी है. लेकिन आज उनका मानना है कि जितना ज्यादा पढ़ेंगे, उतनी ही अच्छी अंग्रेजी बनेगी. रीडिंग से शब्दावली समृद्ध होती है, सोचने का नजरिया बदलता है और अभिव्यक्ति में धार आती है. प्रतियोगी परीक्षाओं में विशेष रूप से अंग्रेजी भाषा खंड के लिए रीडिंग बेहद मददगार साबित होती है.
Neetu Singh Success Mantra: प्रतियोगी छात्रों की मार्गदर्शक
नीतू सिंह (Neetu Singh) भारत की उन चुनिंदा शिक्षिकाओं में से हैं, जो SSC (कर्मचारी चयन आयोग) समेत अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए अंग्रेजी पढ़ाती हैं. उनकी किताबें और लेक्चर छात्रों के बीच बेहद लोकप्रिय हैं. यूट्यूब और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर वे न केवल पढ़ाई से जुड़ी सामग्री उपलब्ध कराती हैं, बल्कि छात्रों को मोटिवेशनल बातें और तैयारी के टिप्स भी देती हैं.
Neetu Singh Success Mantra: छात्रों के बीच लोकप्रियता
नीतू सिंह का छात्रों के साथ संवाद करने का तरीका सरल और सहज है. यही कारण है कि लाखों प्रतियोगी छात्र उन्हें एक रोल मॉडल मानते हैं. छात्रों के बीच उनकी लोकप्रियता है. वो रटने से ज्यादा पढ़ने और समझने पर जोर देती हैं.
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