MBBS छात्रों को 250 सीटों का झटका! NMC ने इस राज्य के 5 नए मेडिकल कॉलेज को किया खारिज

Updated:
विज्ञापन

डॉक्टर्स की AI जेनरेटेड तस्वीर

MBBS Seats: छत्तीसगढ़ के 5 नए मेडिकल कॉलेज के प्रस्ताव को NMC ने खारिज कर दिया. इसका असर नीट स्टूडेंट्स पर पड़ेगा. कंप्टीशन काफी टफ हो जाएगा. छात्रों को 250 मेडकिल सीटों का नुकसान होगा.

विज्ञापन

MBBS Seats: NEET UG 2026 के उम्मीदवारों के लिए छत्तीसगढ़ से एक बड़ी खबर सामने आई है. राष्ट्रीय आयुर्विज्ञान आयोग (NMC) ने राज्य में प्रस्तावित पांच नए सरकारी मेडिकल कॉलेजों के आवेदन खारिज कर दिए हैं. NMC के इस फैसले के बाद राज्य को आगे आने वाले अकैडमिक सेशन में 250 मेडिकल सीटों का नुकसान उठाना पड़ सकता है.

जिन पांच मेडिकल कॉलेजों को मंजूरी नहीं मिली है, वे कवर्धा, जांजगीर-चांपा, मनेन्द्रगढ़, दंतेवाड़ा और कुनकुरी में प्रस्तावित थे. इन सभी कॉलेजों में 50-50 MBBS सीटें शुरू की जानी थीं. यदि इन्हें मंजूरी मिल जाती, तो राज्य में कुल 250 नई सीटें जुड़ जातीं.

NMC ने क्यों खारिज किया प्रस्ताव

राज्य के मेडिकल एजुकेशन डिपार्टमेंट ने जब इन कॉलेज का प्रस्ताव रखा था तो सोचा था कि सरकारी होने के कारण इन्हें NMC से मंजूरी मिल जाएगी. NMC ने कमजोर इंफ्रास्ट्रक्टचर, ग्राउंड लेवल पर कमजोर तैयारी आदि के कारण उन कॉलेज के प्रस्ताव को खारिज कर दिया. कई कॉलेज ने हेल्थ साइंसेज यूनिवर्सिटीका संबद्धता प्रमाण पत्र का डॉक्यूमेंट अटैच नहीं किया था.

क्या-क्या कमी मिली?

  • क्राइटेरिया के अनुसार मकान नहीं थे
  • लेबोरेटरी और एडवांस मशीनें नहीं लगी हुई थीं
  • फैकल्टी और डॉक्टरों की कमी

NEET अभ्यर्थियों पर क्या पड़ेगा असर?

मेडिकल कॉलेजों को मंजूरी नहीं मिलने का सीधा असर NEET UG अभ्यर्थियों पर पड़ेगा. नई सीटें बढ़ने से आमतौर पर छात्रों को अधिक ऑप्शन मिलते हैं और कटऑफ पर भी पॉजिटिव प्रभाव पड़ सकता है. लेकिन 250 सीटें नहीं जुड़ने से इस वर्ष कंप्टीशन अधिक टफ रह सकता है. छत्तीसगढ़ में 10 सरकारी और 5 प्राइवेट मेडिकल कॉलेजों को मिलाकर कुल 2,330 MBBS सीटें मौजूद हैं. इन 5 नए कॉलेजों सीटें बढ़कर 2,580 होने वाली थीं.

राज्य के मेडिकल स्टूडेंट्स को लगा झटका

छत्तीसगढ़ सरकार पिछले कुछ वर्षों से मेडिकल स्टूडेंट्स के विस्तार पर काम कर रही है. कई जिलों में नए मेडिकल कॉलेज खोलने की योजना बनाई गई थी ताकि लोकल स्टूडेंट्स को बेहतर ऑप्शन मिल सकें और स्वास्थ्य सेवाओं को भी मजबूती मिले. हालांकि NMC की मंजूरी नहीं मिलने से फिलहाल इन योजनाओं को बड़ा झटका लगा है.

NMC क्या है?

National Medical Commission देश में मेडिकल शिक्षा और मेडिकल कॉलेजों को मान्यता देने वाली प्रमुख संस्था है. नए मेडिकल कॉलेजों की स्थापना, MBBS सीटों में वृद्धि और संस्थानों की क्वालिटी से जुड़े निर्णय NMC द्वारा लिए जाते हैं. आसान शब्दों में कहें तो ये एक रेगुलेटरी बॉडी है.

यह भी पढ़ें- नीट री-एग्जाम के लिए जल्द जारी होगा एडमिट कार्ड, परीक्षा 21 जून को

विज्ञापन
शाम्भवी शिवानी

लेखक के बारे में

By शाम्भवी शिवानी

शाम्भवी शिक्षा, रोजगार, एडमिशन और सक्सेस स्टोरी पर खास नजर रखती हैं. उन्होंने प्रभात खबर के लिए कई UPSC और BPSC टॉपर्स के इंटरव्यू लिए हैं. साथ ही इस प्लेटफॉर्म के लिए AI एजुकेशन और करियर गाइडेंस पर एक्सपर्ट ओपनियन भी बनाती हैं. उनकी खासियत है कि वो डाटा रिलेटेड खबरों और फैक्ट्स को आसान शब्दों में रीडर्स तक पहुंचाती हैं. शाम्भवी को डिजिटल मीडिया में 3 सालों से अधिक का अनुभव है. प्रभात खबर से पहले वे राजस्थान पत्रिका और पटना स्थित न्यूज़ हाट में भी काम कर चुकी हैं. 

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन
Sponsored Linksby Taboola