NEET Result में स्कोर कम है तो न हों निराश, बिना MBBS भी डॉक्टर बनने के ये हैं बेस्ट ऑप्शन्स

Neet Student की सांकेतिक फोटो (AI Generated)
नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) द्वारा NEET UG 2026 का Result जारी हो गया है. इसमें सफल स्टूडेंट्स के चेहरों पर खुशी देखी जा रही है, वहीं कुछ स्टूडेंट्स कम स्कोर आने की वजह से निराश हैं. देश भर में सरकारी MBBS सीटों की संख्या सीमित होने के कारण हर कैंडिडेट को डॉक्टर बनने का मौका नहीं मिल पाता. लेकिन क्या आप जानते हैं कि NEET में कम स्कोर आने के बावजूद आप मेडिकल क्षेत्र में करियर बना सकते हैं? इस आर्टिकल में हम यही बताने वाले हैं.
NEET में कम स्कोर आने का मतलब यह नहीं है कि आपका मेडिकल क्षेत्र में करियर बनाने का सपना टूट गया है. मेडिकल और हेल्थकेयर फील्ड में MBBS के अलावा भी कई ऐसे बेहतरीन कोर्सेज हैं, जिनमें आप न सिर्फ एक शानदार करियर बना सकते हैं, बल्कि भविष्य में बेहतरीन सैलरी भी पा सकते हैं. आइए इन टॉप अल्टरनेटिव ऑप्शन्स और इनमें एडमिशन की प्रक्रिया के बारे में जानते हैं.
1. BDS (बैचलर ऑफ डेंटल सर्जरी)
अगर आपका स्कोर MBBS के कट-ऑफ से थोड़ा कम रह गया है, तो दंत चिकित्सक (Dentist) बनना एक बेहतरीन विकल्प है. बीडीएस करने के बाद आप खुद का क्लिनिक खोल सकते हैं या सरकारी और प्राइवेट अस्पतालों में डेंटल सर्जन के रूप में काम कर सकते हैं.
कैसे होगा एडमिशन: BDS में भी एडमिशन के लिए NEET UG पास करना अनिवार्य है. लेकिन इसके लिए उतना हाई कट-ऑफ नहीं जाता है. कम स्कोर पर भी काउंसलिंग के जरिए कॉलेज में एडमिशन मिल जाता है.
2. आयुष कोर्सेज (BAMS, BHMS, BUMS)
आजकल एलोपैथी के साथ-साथ लोग आयुर्वेद, होमियोपैथी और नेचुरल तरीकों की तरफ भी काफी शिफ्ट हो रहे हैं. ऐसे में आप आयुर्वेदिक (BAMS) या होम्योपैथिक (BHMS) डॉक्टर बनकर भी इस क्षेत्र में बड़ा नाम कमा सकते हैं.
कैसे होगा एडमिशन: आयुष कोर्सेज में दाखिले के लिए भी NEET UG का स्कोर अनिवार्य है. नीट पास करने के बाद आपको आयुष काउंसलिंग (AACCC) में भाग लेना होगा. इसका भी कट-ऑफ MBBS के कट-ऑफ से कम ही होता हैं.
3. BVSc and AH (बैचलर ऑफ वेटरनरी साइंस एंड एनिमल हसबैंड्री)
आपने भी अपने आस-पास पशुओं के डॉक्टर को देखा होगा. जिसे हम वेटरनरी डॉक्टर कहते हैं. ऐसे में अगर आपको भी जानवरों से लगाव है, तो वेटरनरी डॉक्टर बनना एक बेहद आकर्षक और सम्मानजनक करियर है. डेयरी फार्म, वाइल्डलाइफ सेंचुरी और सरकारी पशु अस्पतालों में इनकी भारी मांग होती है.
कैसे होगा एडमिशन: बैचलर ऑफ वेटरनरी साइंस में भी MBBS की ही तरह एडमिशन प्रक्रिया होती है. यह पूरा कोर्स 5.5 साल का होता है. यहां ऑल इंडिया की 15% सीटों पर Veterinary Council of India द्वारा NEET स्कोर से काउंसिलिंग होती है, जबकि राज्यों की 85% सीटों के लिए भी NEET स्कोर के आधार पर ही संबंधित राज्य अपनी स्टेट काउंसिलिंग आयोजित करते हैं.
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