NEET में 700+ स्कोर लाने में छूट जाते हैं पसीने, मिल सकते हैं भारत के टॉप कॉलेज

स्टूडेंट्स की सांकेतिक तस्वीर (AI Generated Image)
NEET Score: नेशनल टेस्टिंग एजेंसी ने NEET UG 2026 का रिजल्ट जारी कर दिया है. रिजल्ट आने के बाद कई छात्र यह जानना चाहते हैं कि आखिर 700 या उससे अधिक मार्क्स हासिल करने का क्या मतलब होता है. क्या इतने नंबर पर सरकारी मेडिकल कॉलेज मिल जाता है? क्या AIIMS में एडमिशन की संभावना बनती है? आइए आसान भाषा में समझते हैं.
NEET Score: NEET का रिजल्ट आते ही कौन सी सीट और कॉलेज मिलेगा, ये सवाल सभी स्टूडेंट्स के मन में रहता है. NEET परीक्षा टोटल 720 मार्क्स का होता है. इसमें 700 या उससे अधिक मार्क्स हासिल करना बेहद कठिन माना जाता है. इतना मार्क्स लाने पर आप देश के टॉप मेडिकल कॉलेज (Top Medical College) में एडमिशन ले सकते हैं.
देश के सरकारी मेडिकल कॉलेज में मिल सकता है एडमिशन
ऐसे स्कोर पर उम्मीदवारों की ऑल इंडिया रैंक (AIR) आमतौर पर टॉप 100 या टॉप 200 के आसपास रहने की संभावना होती है. ऐसे उम्मीदवारों के लिए AIIMS, JIPMER और देश के अन्य फेमस सरकारी मेडिकल कॉलेजों (Sarkari Medical College) में MBBS सीट मिलने की संभावना काफी मजबूत रहती है.
700+ स्कोर के लिए कितने सवाल सही करने होंगे?
NEET में कुल 180 सवाल पूछे जाते हैं. हर सही आंसर पर 4 मार्क्स मिलते हैं, जबकि गलत आंसर पर 1 मार्क्स की निगेटिव मार्किंग होती है. 700 या उससे अधिक मार्क्स प्राप्त करने के लिए उम्मीदवार को लगभग 175 सवाल सही करने होते हैं. यानी पूरी परीक्षा में गलती की गुंजाइश बेहद कम रहती है. कुछ गलत आंसर या छोड़े गए सवाल भी फाइनल स्कोर को प्रभावित कर सकते हैं.
विषयवार कितना स्कोर होना चाहिए?
700+ स्कोर हासिल करने के लिए तीनों विषयों में लगभग बैलेंस्ड और अच्छा प्रदर्शन होना चाहिए. बायोलॉजी में मजबूत पकड़ सबसे महत्वपूर्ण मानी जाती है, क्योंकि यह सबसे अधिक मार्क्स वाला विषय है और मेरिट तय करने में बड़ी भूमिका निभाता है.
- जीव विज्ञान (Biology): 350 से 360 मार्क्स
- रसायन विज्ञान (Chemistry): 170 से 175 मार्क्स
- भौतिकी (Physics): 165 से 170 मार्क्स
क्या 700+ स्कोर पर AIIMS मिल सकता है?
700 से अधिक मार्क्स हासिल करने वाले उम्मीदवारों के पास AIIMS, JIPMER और देश के टॉप सरकारी मेडिकल कॉलेजों में MBBS सीट पाने की मजबूत संभावना रहती है. हालांकि फाइनल सीट आवंटन उम्मीदवार की ऑल इंडिया रैंक (AIR), कैटेगरी (Category), काउंसलिंग ऑप्शन और संबंधित वर्ष की कटऑफ पर निर्भर करता है.
क्यों खास माना जाता है 700+ स्कोर?
NEET भारत की सबसे कठिन प्रवेश परीक्षाओं में से एक है. हर साल लाखों उम्मीदवार इसमें शामिल होते हैं, लेकिन 700 या उससे अधिक मार्क्स केवल बहुत कम छात्र ही हासिल कर पाते हैं. यही वजह है कि इस स्कोर को काफी अच्छा परफॉर्मेंस माना जाता है.
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By शाम्भवी शिवानी
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