Shaheed Udham Singh Martyrdom Day 2024: शहीद उधम सिंह के शहादत दिवस पर जानें कैसे उन्होंने लिया था जलियांवाला बाग नरसंहार का बदला

Shaheed Udham Singh Martyrdom Day 2024 पर जानें कैसे लिया गया जलियांवाला बाग हत्याकांड का बदला
Shaheed Udham Singh Martyrdom Day 2024: उधम सिंह को आज उनकी पुण्यतिथि पर भारत को औपनिवेशिक शासन से मुक्त कराने के उनके साहस और दृढ़ संकल्प के लिए याद किया जा रहा है. क्रांतिकारी स्वतंत्रता सेनानी को 31 जुलाई, 1940 को लंदन के पेंटनविले जेल में जनरल माइकल ओ'डायर की हत्या के आरोप में फांसी पर लटका दिया गया था.
Shaheed Udham Singh Martyrdom Day 2024: शहीद उधम सिंह का शहादत दिवस हर साल 31 जुलाई को पूरे भारत में, खास तौर पर पंजाब और हरियाणा में मनाया जाता है. यह दिन पंजाब के एक क्रांतिकारी उधम सिंह को समर्पित है, जिन्होंने पंजाब के पूर्व लेफ्टिनेंट गवर्नर माइकल ओ’डायर की हत्या की थी. यह कृत्य जलियांवाला बाग हत्याकांड का बदला लेने के लिए किया गया था, जो 13 अप्रैल, 1919 को ओ’डायर के नेतृत्व में हुआ था.
31 जुलाई, 1940 को उधम सिंह को लंदन की पेंटनविले जेल में फांसी पर लटका दिया गया था. शहीद उधम सिंह के शहादत दिवस पर हर साल उनकी पुण्यतिथि मनाने के लिए उनके गृहनगर सुनाम में मार्च निकाला जाता है. शहीद उधम सिंह के शहादत दिवस 2024 की तारीख और इस वार्षिक आयोजन के महत्व के बारे में और जानें.
बचपन में इस नाम से जानें जाते थे उधम सिंह
उधम सिंह कंबोज बचपन में शेर सिंह के नाम से जाने जाते थे. उनका जन्म 26 दिसंबर, 1899 को हुआ था और उन्होंने बहुत कम उम्र में ही अपने माता-पिता को खो दिया था. उन्हें 1907 में सेंट्रल खालसा अनाथालय में भर्ती कराया गया था.
ऐसा माना जाता है कि जलियांवाला बाग हत्याकांड ने उन पर गहरा प्रभाव डाला था. 13 अप्रैल, 1919 को जनरल डायर ने 1,000 से ज़्यादा लोगों की नृशंस हत्या की थी. सिंह स्वतंत्रता सेनानी भगत सिंह की विचारधाराओं से भी काफी प्रभावित थे. 1924 में वे गदर पार्टी से जुड़ गए और विदेशों में भी भारतीयों को संगठित किया. वे 1927 में रिवॉल्वर और गोला-बारूद के साथ भारत लौटे. इसके बाद सिंह को बिना लाइसेंस के हथियार रखने के आरोप में गिरफ़्तार किया गया और पाँच साल की सजा सुनाई गई. 1931 में रिहा होने के बाद वे इंग्लैंड गए और माइकल ओ’डायर की हत्या की योजना बनाई. जब ओ’डायर भाषण देने के लिए मंच की ओर जा रहा था, उधम सिंह ने उसे दो गोलियां मार दीं. गोलियां ओ’डायर के दिल और दाहिने फेफड़े में लगीं, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई.
31 जुलाई 1940 को स्वतंत्रता सेनानी उधम सिंह को पंजाब के पूर्व लेफ्टिनेंट गवर्नर जनरल माइकल ओ’ ड्वायर की हत्या के लिए सज़ा के तौर पर फांसी पर लटका दिया गया था. सिंह ने हजारों भारतीय परिवारों की हत्या का बदला लिया.
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By Shaurya Punj
मैंने डिजिटल मीडिया में 15 वर्षों से अधिक का अनुभव हासिल किया है. पिछले 6 वर्षों से मैं विशेष रूप से धर्म और ज्योतिष विषयों पर सक्रिय रूप से लेखन कर रहा हूं. ये मेरे प्रमुख विषय हैं और इन्हीं पर किया गया काम मेरी पहचान बन चुका है. हस्तरेखा शास्त्र, राशियों के स्वभाव और उनके गुणों से जुड़ी सामग्री तैयार करने में मेरी निरंतर भागीदारी रही है. रांची के सेंट जेवियर्स कॉलेज से मास कम्युनिकेशन में स्नातक की डिग्री प्राप्त करने के बाद. इसके साथ साथ कंटेंट राइटिंग और मीडिया से जुड़े विभिन्न क्षेत्रों में काम करते हुए मेरी मजबूत पकड़ बनी. इसके अलावा, एंटरटेनमेंट, लाइफस्टाइल और शिक्षा जैसे विषयों पर भी मैंने गहराई से लेखन किया है, जिससे मेरी लेखन शैली संतुलित, भरोसेमंद और पाठक-केंद्रित बनी है.
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