First Government Medical College: कोलकाता मेडिकल कॉलेज में कैसे मिलेगा एडमिशन? जानें फीस, सीटें और करियर स्कोप
कॉलेज कैंपस और स्टूडेंट की सांकेतिक फोंट (Official Website, Canva)
First Government Medical College: डॉक्टर बनने का सपना? कोलकाता मेडिकल कॉलेज में MBBS की 250 सीटें, जानें एडमिशन प्रक्रिया, मात्र ₹6500 सालाना फीस और करियर स्कोप.
First Government Medical College: अगर आपका सपना डॉक्टर बनने का है और आप किसी प्रतिष्ठित सरकारी मेडिकल कॉलेज में पढ़ाई करना चाहते हैं, तो कोलकाता मेडिकल कॉलेज आपके लिए बेहतरीन विकल्प हो सकता है. साल 1835 में स्थापित मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल, कोलकाता भारत ही नहीं, बल्कि पूरे एशिया का पहला मॉडर्न सरकारी मेडिकल कॉलेज माना जाता है. यहां से पढ़ाई करने वाले स्टूडेंट्स को बेहतरीन मेडिकल ट्रेनिंग, अनुभवी फैकल्टी और बड़े अस्पताल में प्रैक्टिकल सीखने का मौका मिलता है.
First Government Medical College: ऐसे मिलेगा एडमिशन
कोलकाता मेडिकल कॉलेज में MBBS कोर्स में एडमिशन के लिए NEET UG परीक्षा पास करना जरूरी है. कैंडिडेट ने 12वीं में फिजिक्स, केमिस्ट्री, बायोलॉजी और इंग्लिश विषयों के साथ कम से कम 50 प्रतिशत अंक हासिल किए हों. आरक्षित वर्ग के कैंडिडेट्स को नियमानुसार छूट मिलती है. एडमिशन के समय कैंडिडेट की न्यूनतम उम्र 17 साल होनी चाहिए.
MBBS की 15 प्रतिशत सीटों पर ऑल इंडिया कोटा के तहत MCC की काउंसलिंग से एडमिशन होता है, जबकि 85 प्रतिशत सीटों पर वेस्ट बंगाल मेडिकल काउंसलिंग कमेटी (WBMCC) के जरिए स्टेट कोटा के तहत दाखिला दिया जाता है. पिछले वर्षों के ट्रेंड के अनुसार जनरल कैटेगरी के लिए लगभग 2,500 से 3,000 के अंदर ऑल इंडिया रैंक सुरक्षित मानी जाती है.
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सीटें और फीस
कोलकाता मेडिकल कॉलेज में MBBS की कुल 250 सीटें हैं. इनमें 38 सीटें ऑल इंडिया कोटा और 212 सीटें स्टेट कोटा के लिए हैं. इस सरकारी मेडिकल कॉलेज की सालाना ट्यूशन फीस लगभग 6,500 रुपये है. वहीं पूरे 5.5 साल के MBBS कोर्स का कुल खर्च करीब 40,000 से 40,500 रुपये तक आता है, जो प्राइवेट मेडिकल कॉलेजों की तुलना में काफी कम है.
First Government Medical College: इंटर्नशिप और करियर स्कोप
MBBS की पढ़ाई पूरी करने के बाद स्टूडेंट्स को एक साल की अनिवार्य रोटेटरी इंटर्नशिप करनी होती है. यह इंटर्नशिप कॉलेज से जुड़े 2,500 से अधिक बेड वाले अस्पताल में होती है. इंटर्नशिप के दौरान राज्य सरकार के नियमों के अनुसार हर महीने लगभग 30,000 रुपये या उससे अधिक स्टाइपेंड मिलता है.
कोर्स पूरा करने के बाद गवर्नमेंट और प्राइवेट अस्पतालों में मेडिकल ऑफिसर, रेजिडेंट डॉक्टर समेत कई पदों पर नौकरी के अच्छे अवसर मिलते हैं. शुरुआती सालाना सैलरी आमतौर पर 7 से 9 लाख रुपये तक हो सकती है. इसके अलावा यहां के स्टूडेंट्स का NEET PG और INICET जैसी परीक्षाओं में भी अच्छा प्रदर्शन देखने को मिलता है.
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लेखक के बारे में
By प्राची किरण
प्राची किरण, प्रभात खबर डिजिटल में जूनियर कंटेंट राइटर हैं और एजुकेशन बीट पर लेखन करती हैं। उन्हें शिक्षा, करियर, एडमिशन, परीक्षा और युवाओं से जुड़े विषयों पर आसान और भरोसेमंद जानकारी पाठकों तक पहुंचाना पसंद है। सरल भाषा लेखन उनकी पहचान हैं। उनका उद्देश्य है कि हर पाठक तक सही और उपयोगी जानकारी सहज तरीके से पहुँचे।
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