DU के पीजी कोर्स के सिलेबस में किया गया बदलाव, इतिहास से हटाया गया ‘दिल्ली सल्तनत’ टॉपिक
दिल्ली यूनिवर्सिटी के सिलेबस में बदलाव (सांकेतिक तस्वीर)
Delhi University History Syllabus: दिल्ली यूनिवर्सिटी के संशोधित पोस्ट ग्रेजुएट इतिहास सिलेबस में कई पुराने पेपर और विषयों को हटाया गया है. इनमें दिल्ली सल्तनत से जुड़ा पेपर भी शामिल है. आइए, जानते हैं पूरी खबर.
Delhi University History Syllabus: दिल्ली यूनिवर्सिटी के पोस्ट ग्रेजुएट इतिहास सिलेबस में एक बदलाव किया गया है. यूनिवर्सिटी के नए नोटिफाइड सिलेबस से ‘दिल्ली सल्तनत’ पर पढ़ाया जाने वाला पेपर हटा दिया गया है. यह पेपर पहले एमए हिस्ट्री के तीसरे सेमेस्टर में पढ़ाया जाता था.
PG History के सिलेबस में क्या बदला?
दिल्ली यूनिवर्सिटी के संशोधित पोस्ट ग्रेजुएट इतिहास सिलेबस में कई पुराने पेपर और विषयों को हटाया गया है. इनमें दिल्ली सल्तनत से जुड़ा पेपर भी शामिल है. इसके अलावा ‘History of North India, c. 1400-1550’ और कुछ अन्य लंबे समय से पढ़ाए जा रहे विषय भी नए कोर्स में नहीं हैं.
क्या है दिल्ली सल्तनत?
दिल्ली सल्तनत भारत के मध्यकालीन इतिहास का वह दौर है, जब दिल्ली केंद्रित कई मुस्लिम राजवंशों ने शासन किया. इसकी शुरुआत 1206 में कुतुबुद्दीन ऐबक के शासन से मानी जाती है.
दिल्ली सल्तनत के दौर में मुख्य रूप से गुलाम वंश, खिलजी वंश, तुगलक वंश, सैयद वंश और लोदी वंश ने शासन किया. इस दौरान दिल्ली राजनीतिक सत्ता का प्रमुख केंद्र बनी रही.
कुल मिलाकर कहें तो दिल्ली सल्तनत का इतिहास भारतीय मध्यकालीन इतिहास का महत्वपूर्ण हिस्सा माना जाता है. इसमें दिल्ली पर शासन करने वाले अलग-अलग राजवंशों, उनके प्रशासन, राजनीतिक विस्तार और उस दौर के सामाजिक-आर्थिक बदलावों का अध्ययन किया जाता है.
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कौन-कौन थे दिल्ली सल्तनत के प्रमुख शासक?
दिल्ली सल्तनत के इतिहास में कई महत्वपूर्ण शासक हुए. कुतुबुद्दीन ऐबक, इल्तुतमिश, रजिया सुल्तान, बलबन, अलाउद्दीन खिलजी, मुहम्मद बिन तुगलक, फिरोज शाह तुगलक और सिकंदर लोदी जैसे शासकों का विशेष महत्व है.इन शासकों के शासनकाल में प्रशासन, सैन्य व्यवस्था, राजस्व प्रणाली, स्थापत्य और व्यापार के क्षेत्र में कई बदलाव हुए.
सिलेबस में बदलाव के बाद क्यों हो रही चर्चा?
दिल्ली सल्तनत भारतीय इतिहास के एक लंबे दौर को कवर करती है. ऐसे में सिलेबस से इतने महत्वपूर्ण ऐतिहासिक काल को हटाए जाने से एक्सपर्ट और टीचर्स के बीच चर्चाएं तेज हो गई हैं.
छात्रों के लिए क्यों महत्वपूर्ण है दिल्ली सल्तनत का इतिहास?
दिल्ली सल्तनत का अध्ययन केवल राजाओं और युद्धों तक सीमित नहीं है. इसके जरिए मध्यकालीन भारत की प्रशासनिक व्यवस्था, अर्थव्यवस्था, समाज, संस्कृति, स्थापत्य और राजनीतिक बदलावों को समझने में मदद मिलती है.
इसी वजह से इतिहास के विद्यार्थियों के लिए यह काल लंबे समय से महत्वपूर्ण अध्ययन क्षेत्र रहा है. दिल्ली यूनिवर्सिटी के नए सिलेबस में हुए बदलाव ने इसी कारण अकादमिक जगत का ध्यान खींचा है.
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By शाम्भवी शिवानी
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