15 हजार रैंक पर IIT में कौन सी ब्रांच मिलेगी? समझें अपनी सीट का पूरा गणित
Published by : Smita Dey Updated At : 06 Jun 2026 12:30 PM
स्टूडेंट की सांकेतिक फोटो (AI Generated)
IIT Colleges: अगर जेईई एडवांस्ड में आपकी रैंक 15,000 के आसपास है, तो निराश न हों. जानें JoSAA काउंसलिंग 2026 के तहत आपको किस आईआईटी में कौन सी बेहतरीन ब्रांच मिल सकती है.
IIT Colleges: JEE Advanced 2026 का रिजल्ट आने के बाद अब हर छात्र और माता-पिता के दिमाग में बस एक ही सवाल घूम रहा है कि कितने रैंक पर कौन सा IIT और कौन सी ब्रांच मिलेगी. अगर आपकी रैंक 15 हजार के आसपास आई है, तो आप आईआईटी (IIT Colleges) की रेस में पूरी तरह बने हुए हैं. हालांकि, इस रैंक पर चॉइस फिलिंग करना किसी बारीक खेल से कम नहीं है. आइए जानते हैं कि जोसा 2026 काउंसलिंग के दौरान इस रैंक पर आपके पास क्या-क्या विकल्प हैं और आपको अपनी प्रेफरेंस लिस्ट कैसे तैयार करनी चाहिए.
IIT Colleges: क्या 15 हजार रैंक पर IIT में सीट मिलना पक्का है?
15 हजार रैंक पर आपको आईआईटी (IIT Colleges) में सीट जरूर मिल सकती है. हालांकि, आपको यह ध्यान रखना होगा कि इस रैंक पर आपको टॉप और पुरानी आईआईटी (जैसे आईआईटी बॉम्बे, दिल्ली, कानपुर या मद्रास) में कंप्यूटर साइंस या डेटा साइंस जैसी सबसे टॉप और डिमांडिंग ब्रांचेज मिलना थोड़ा मुश्किल होता है. लेकिन अगर आप सही स्ट्रेटजी के साथ काउंसलिंग में भाग लेते हैं, तो आपको एक अच्छी आईआईटी में बेहतरीन कोर या नई ब्रांच आसानी से मिल सकती है.
IIT Colleges: पुरानी और टॉप IITs में क्या हैं आपके विकल्प?
अगर आपका सपना देश के सबसे पुराने और प्रतिष्ठित आईआईटी संस्थानों (जैसे आईआईटी खड़गपुर, आईआईटी रुड़की, आईआईटी गुवाहाटी, या आईआईटी बीएचयू वाराणसी) में पढ़ने का है, तो आपको इस रैंक पर अपनी मनपसंद ब्रांच के साथ थोड़ा समझौता करना पड़ सकता है.
- कोर और लोअर ब्रांचेज: इन टॉप और ऐतिहासिक कॉलेजों में आपको सिविल इंजीनियरिंग, केमिकल इंजीनियरिंग, मेटलर्जिकल इंजीनियरिंग, माइनिंग इंजीनियरिंग या प्रोडक्शन इंजीनियरिंग जैसी ब्रांचेज आसानी से मिल सकती हैं.
- इंटीग्रेटेड कोर्स (5 साल): कई पुरानी आईआईटी 5 साल के बीटेक + एमटेक (Dual Degree) कोर्स कराती हैं. 15 हजार रैंक वाले छात्रों के लिए इन कोर्सेज में सीट मिलने के चांस काफी ज्यादा रहते हैं और इनका कटऑफ भी थोड़ा नीचे जाता है.
नई IITs में मिल सकती है मनपसंद ब्रांच
अगर आप कॉलेज के नाम या उसके टैग से ज्यादा ‘ब्रांच’ को महत्व देते हैं और कंप्यूटर साइंस, आईटी या इलेक्ट्रॉनिक्स में ही अपना करियर बनाना चाहते हैं, तो आपको नई और दूसरी पीढ़ी की आईआईटी की तरफ रुख करना चाहिए.
- सेकंड जनरेशन आईआईटी: IIT इंदौर, IIT रोपड़, आईआईटी मंडी, आईआईटी पटना, आईआईटी गांधीनगर और आईआईटी भुवनेश्वर जैसे संस्थानों में आपको मैकेनिकल, इलेक्ट्रिकल, या सिविल जैसी कोर ब्रांचेज मिलने की पूरी संभावना रहती है.
- थर्ड जनरेशन आईआईटी: जो आईआईटी बिल्कुल नई हैं (जैसे आईआईटी पलक्कड़, आईआईटी धारवाड़, आईआईटी भिलाई, आईआईटी जम्मू, आईआईटी गोवा), वहां इस रैंक पर आपको CSE या इंफॉर्मेशन टेक्नोलॉजी (IT) जैसी टॉप ब्रांचेज भी मिल सकती हैं.
फीमेल पूल और कैटेगरी कोटे का गणित भी समझें
यह 15 हजार रैंक का गणित पूरी तरह से जनरल कैटेगरी के लड़कों (Gender-Neutral Pool) के हिसाब से है. अगर आप किसी आरक्षित कैटेगरी या महिला कोटे में आते हैं, तो आपके लिए नियम और संभावनाएं काफी बदल जाती हैं:
- महिला उम्मीदवार: आईआईटी में समानता को बढ़ावा देने के लिए लड़कियों के लिए अतिरिक्त सीटें (Supernumerary Seats) होती हैं. अगर किसी छात्रा की कॉमन रैंक 15 हजार है, तो उसे फीमेल पूल कोटे के कारण पुरानी आईआईटी में भी बहुत अच्छी ब्रांच (जैसे इलेक्ट्रिकल या मैकेनिकल) अलॉट हो सकती है.
- कैटेगरी रैंक (OBC, SC, ST, EWS): अगर 15 हजार आपकी कैटेगरी रैंक है, तब तो आपके लिए टॉप आईआईटी के रास्ते पूरी तरह खुले हैं. वहीं, अगर यह आपकी कॉमन रैंक (CRL) है, तो कैटेगरी सर्टिफिकेट के आधार पर आपको चॉइस फिलिंग में भारी फायदा मिलेगा.
JoSAA काउंसलिंग और चॉइस फिलिंग के लिए खास टिप्स
जोसा काउंसलिंग (IIT Colleges) के दौरान आपकी एक छोटी सी लापरवाही आपको आईआईटी की रेस से बाहर कर सकती है. इसलिए चॉइस फिलिंग करते समय इन बातों का विशेष ध्यान रखें:
- घटते क्रम में भरें विकल्प: अपनी लिस्ट में सबसे ऊपर उन कॉलेजों और ब्रांच को रखें जो आपकी पहली पसंद हैं, भले ही वहां कटऑफ आपकी रैंक से बहुत हाई जाता हो. इसके बाद बीच में उन ऑप्शंस को रखें जो आपकी रैंक के आसपास हैं, और सबसे नीचे सेफ ऑप्शंस (नई आईआईटी की ब्रांचेज) को डालें.
- सिर्फ CSE के पीछे न भागें: अगर आपको देश की किसी पुरानी आईआईटी में सिविल या केमिकल जैसी कोर ब्रांच मिल रही है, तो उसे आसानी से न छोड़ें. टॉप आईआईटी का टैग, वहां का इंफ्रास्ट्रक्चर, रिसर्च कल्चर और एलुमनाई नेटवर्क आपके करियर को एक बहुत बड़ा और अलग मुकाम दे सकता है.
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स्मिता दे प्रभात खबर में डिजिटल कंटेंट क्रिएटर के तौर पर काम कर रही हैं. बुक्स पढ़ना, डांसिंग और ट्रैवलिंग का शौक रखने वाली स्मिता युवाओं को बेहतर करियर गाइड करना और नौकरी के लिए प्रोत्साहित करना पसंद करती हैं.
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