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वाराणसी से पटना, जसीडीह और आसनसोल तक नई रेल लाइन का होगा सर्वे, निशिकांत दुबे ने पीएम से किया था आग्रह

Updated at : 01 Oct 2023 11:08 AM (IST)
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वाराणसी से पटना, जसीडीह और आसनसोल तक नई रेल लाइन का होगा सर्वे, निशिकांत दुबे ने पीएम से किया था आग्रह

वाराणसी से आसनसोल वाया पटना, जसीडीह रेलखंड पर ट्रेनों की संख्या लगातार बढ़ रही है. इसे देखते हुए रेलवे बोर्ड ने अतिरिक्त रेल लाइन का सर्वे करने का आदेश दिया है. इस संबध में सांसद डॉ निशिकांत दुबे ने प्रधानमंत्री को पत्र लिख कर आग्रह किया था.

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Indian Railways News: वाराणसी से आसनसोल वाया पटना, जसीडीह रेलखंड पर पैसेंजर ट्रेन व मालगाड़ियों की संख्या अधिक होने की वजह से नयी ट्रेनों के परिचालन में बाधा आ रही है. रेलवे अब इस रेलखंड में तीसरी और चौथी नयी रेल लाइन को लेकर सर्वे करने की तैयारी में है. रेलवे बोर्ड ने वाराणसी से किऊल तक तीसरी व चौथी रेल लाइन और किऊल से जसीडीह होते हुए आसनसोल तक तीसरी रेल लाइन का फाइनल लोकेशन सर्वे करने का आदेश दे दिया है. इन रेल लाइनों के निर्माण से यात्री ट्रेनों के साथ-साथ मालगाड़ियों को भी काफी सुविधा होगी. इस रेल मार्ग पर नयी ट्रेनों का परिचालन भी सुगमता से हो पायेगा. इन नये रेलवे ट्रैक के निर्माण को लेकर गोड्डा सांसद डॉ निशिकांत दुबे ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखा था. पत्र के माध्यम से वाराणसी से किऊल तक तीसरी व चौथी, जबकि किऊल से जसीडीह व आसनसोल तक तीसरी नयी रेल लाइन के विस्तार की मांग की थी.

निशिकांत दुबे ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र में क्या लिखा था

सांसद डॉ निशिकांत दुबे ने अपने पत्र में कहा था कि वाराणसी से आसनसोल वाया पटना, जसीडीह रेलखंड काफी व्यस्त है. क्षेत्र की लगातार बढ़ती आर्थिक उन्नति यह दर्शाती है कि आने वाले समय में इस रेल मार्ग पर ट्रेनों की संख्या और अधिक बढ़ेगी. यह मार्ग देश में सबसे अधिक यात्रा वाले रेल मार्गों में से एक बन जायेगा. उन्होंने कहा था कि इस मार्ग में मालगाड़ी के परिचालन से रेलवे को लाभ हुआ है. लेकिन ट्रेनों के दबाव से इस रेल मार्ग में नयी ट्रेनों को चलाने में बाधा आयी है. अभी अमृतसर-कोलकाता फ्रेट कॉरिडोर नहीं तैयार है. इस कॉरिडोर के चालू होने से इस मार्ग में अतिरिक्त दबाव बढ़ेगा. सांसद ने पीएम से आग्रह करते हुए कहा था कि वाराणसी-पटना व आसनसोल रेल मार्ग 800 किलोमीटर से अधिक क्षेत्र में फैला हुआ है. इस मार्ग में यात्री व माल ढुलाई को सुविधाजनक बनाने के साथ-साथ बढ़ती आबादी व आर्थिक गतिविधियों को ध्यान में रखते हुए रेलवे लाइनों का विस्तार आवश्यक है. भूमि अधिग्रहण पहले ही किया जा चुका है. सांसद के आग्रह के बाद पीएम के निर्देश पर रेल मंत्रालय ने नयी लाइनें बिछाने के लिए सर्वे का आदेश दिया है.

कोयला मंत्रालय ने रेलवे को जोड़ामो रेल लाइन जल्द बनाने का दिया सुझाव

सांसद डॉ निशिकांत दुबे ने गोड्डा- पाकुड़, बासुकिनाथ-चितरा व जोड़ामो रेल लाइन का काम जल्द पूरा कराने का आग्रह पिछले दिनों कोयला मंत्री से की थी, जिसके बाद कोयला मंत्रालय के सचिव अमृतलाल मीणा ने नीति आयोग के सीइओ व रेलवे बोर्ड के चेयरमैन को पत्र भेजकर इस रेल लाइन का काम जल्द पूरा करने का सुझाव दिया है. उन्होंने रेलवे को पत्र लिखकर बताया है कि कोयला मंत्रालय ने उत्पादन के लिए एकीकृत कोयला रसद योजना तैयार की है, जिसके तहत एकल या मल्टी मॉडल मोड के माध्यम से कोयला को गंतव्य स्थान तक पहुंचाना है.

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