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देवघर में डेंगू मरीजों की जानकारी नहीं दे रहे निजी अस्पताल व क्लिनिक, स्वास्थ्य विभाग को हो रही परेशानी

Updated at : 30 Sep 2023 10:29 AM (IST)
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देवघर में डेंगू मरीजों की जानकारी नहीं दे रहे निजी अस्पताल व क्लिनिक, स्वास्थ्य विभाग को हो रही परेशानी

देवघर में डेंगू के मामलों की सही जानकारी स्वास्थ्य विभाग को नहीं मिल पा रही है. स्वास्थ्य विभाग ने सभी अस्पतालों समेत जांच केंद्रों को डेंगू के संदिग्ध मरीजों की रिपोर्ट देने का निर्देश दिया है. बावजूद कुछ निजी अस्पताल रिपोर्ट नहीं भेज रहे हैं.

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Dengue Fever in Deoghar: स्वास्थ्य विभाग ने देवघर के सभी सरकारी व निजी अस्पतालों समेत जांच केंद्रों को डेंगू के संदिग्ध मरीजों की रिपोर्ट देने का निर्देश दिया है. बावजूद जिला के कुछ निजी अस्पताल और जांच केंद्र स्वास्थ्य विभाग को रिपोर्ट नहीं भेज रहे हैं. ऐसे में जिले में डेंगू के मामलों की सही-सही जानकारी स्वास्थ्य विभाग को नहीं हो पा रही है. कई बार डेंगू से मौत की बातें की सुनने में आती है, लेकिन उसका कोई रिकॉर्ड नहीं होता है. डेंगू व चिकनगुनिया अधिसूचित बीमारी होने के कारण स्वास्थ्य विभाग इसे लेकर लगातार निर्देश जारी कर रहा है, ताकि इन बीमारियों का महामारी का रूप लेने से पहले ही निरोधात्मक कार्रवाई की जा सके. दूसरी ओर, शहरी क्षेत्र ही नहीं, ग्रामीण इलाकों में भी डेंगू के मरीजों की संख्या लगातार बढ़ रही है.

ऐसे में मरीज किसी ना किसी निजी चिकित्सक से इलाज भी करा रहे हैं और जांच केंद्रों में जांच भी करा रहे है, लेकिन अस्पताल और क्लीनिक स्वास्थ्य विभाग को इसकी जानकारी नहीं दे रहे हैं. इसका कारण है कि आज भी शहर में कुछ प्राइवेट अस्पताल और क्लिनिक ऐसे हैं, जिनके पास किसी प्रकार का रजिस्ट्रेशन नहीं है और ना ही क्लिनिकल एस्टेब्लिशमेंट एक्ट के तहत निबंधित कराया गया है. सूत्रों के माने, कुछ ऐसे भी क्लिनिक और जांच केंद्र हैं, जो रजिस्ट्रेशन के बाद भी डेंगू की सूचना स्वास्थ्य विभाग को नहीं दे रहे है. इतना ही नहीं कुछ मामले में डेंगू के मरीज व उनके परिजनों की ओर से भी इसे लेकर किसी प्रकार की सूचना नहीं दी जा रही है. ऐसे में स्वास्थ्य विभाग को डेंगू की सभी जानकारी नहीं मिल पा रही है.

शुक्रवार को फिर से डेंगू के आठ नये संदिग्ध मरीजों की हुई पहचान

देवघर जिले में शुक्रवार को फिर से आठ नये संभावित डेंगू मरीजों की पहचान हुई है. इसकी जानकारी जिला वीबीडी सलाहकार डॉ गणेश कुमार यादव ने दी. उन्होंने बताया कि सभी संदिग्धों की जानकारी निजी अस्पताल से दी गयी है. सूचना मिलने के बाद सभी संदिग्ध डेंगू मरीजों की पहचान कर सैंपलिंग कर ली गयी है. साथ ही सभी के घरों में लार्वानाशी छिड़काव और फाॅगिंग करायी गयी है. उन्होंने बताया कि सदर अस्पताल में डेंगू के 13 संदिग्ध मरीजों का इलाज चल रहा है. साथ ही निजी अस्पतालों में भी संभावित डेंगू मरीजों का इलाज किया जा रहा है. डेंगू की जांच के लिए एक-दो दिनों में जिले को ट्रू-नेट किट उपलब्ध करा दिया जायेगा. इसके बाद सदर अस्पताल में लगी ट्रू-नेट मशीन से डेंगू की जांच शुरू हो जायेगी. यह जानकारी सिविल सर्जन रंजन सिन्हा ने दी. उन्होंने बताया कि, कुछ दिनों पहले ट्र-नेट से डेंगू जांच का ट्रायल किया गया था, जो सफल रहा था. इसके बाद कंपनी को ट्रू-नेट किट उपलब्ध कराने के लिए ऑर्डर दिया है.

क्या कहते हैं पदाधिकारी

डेंगू व चिकनगुनिया के संदिग्ध मरीजों की जानकारी तुरंत स्वास्थ्य विभाग को उपलब्ध कराना है, यह बीमारी अधिसूचित बीमारी में आता है. ऐसे में यदि कोई इसकी जानकारी नहीं देते हैं और बाद में किसी प्रकार से जानकारी होती है, तो वैसे अस्पताल और क्लिनिक पर कानूनी कार्रवाई व रजिस्ट्रेशन भी रद्द किया जा सकता है. – डॉ रंजन सिन्हा, सिविल सर्जन, देवघर

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