Jharkhand News: स्कूल का मुंह तक नहीं देखा, लेकिन कैलकुलेटर से भी तेज हैं अंश राज, सूर्य से है बेहद प्यार
Published by : Prabhat Khabar Digital Desk Updated At : 06 Dec 2021 1:58 PM
Jharkhand News: अंश राज के पिता आलोक राज बताते हैं कि महज 2 वर्ष की उम्र में ही अंश ने घर की दीवारों पर दो का पहाड़ा 20 तक लिख दिया था. सूर्य की किरणों से इन्हें बेहद प्यार है.
Jharkhand News: झारखंड के देवघर के कृष्णापुरी के रहने वाले अंश राज की उम्र महज 6 वर्ष, 6 महीने एवं 29 दिन है. इन्होंने अब तक स्कूल का मुंह तक नहीं देखा है. बावजूद इसके इतनी कम आयु में ये कंप्यूटर एवं कैलकुलेटर को मात देते हुए तिथि, गणित का स्क्वायर, रूट व पावर की गणना पलक झपकते ही कर लेते हैं. भारत के विभिन्न राज्यों के स्टेट कैपिटल्स से लेकर विभिन्न देशों की राजधानियां, वहां के प्रधानमंत्री, राष्ट्रपति, विभिन्न देशों की मुद्रा की जानकारी चंद सेकेंड में दे देते हैं. सूर्य व सूर्य की किरणों से बेहद प्यार है. सूर्य की किरणों को देखकर समय की गणना भी सेकेंड में कर देते हैं.
विलक्षण प्रतिभा के धनी अंश राज अद्भुत प्रतिभा के धनी हैं. अंश राज लोगों के कठिन से कठिन सवालों का जवाब चंद सेकेंड में सहज एवं सरल तरीके से देते हैं. अंश के इस विलक्षण प्रतिभा से पिता आलोक कुमार (पेशे से प्राइवेट शिक्षक व कोचिंग संचालक) व मां रितु कुमारी काफी गदगद हैं. अंश का छोटा भाई यशराज जिनकी उम्र महज 5 वर्ष है, वो घर पर ही रहकर पढ़ाई कर रहे हैं. उन्हें बच्चों के साथ समूह में खेलना पसंद नहीं है. अंश राज को सूर्य व सूर्य की किरणों से बेहद प्यार है. जाड़ा, गर्मी व बरसात के मौसम में वो हर रोज घंटों सूर्य की ओर निहारते रहते हैं. कभी छत से, तो कभी आंगन से. सूर्य की किरणों से बेहद प्रेम है. घर के अंदर भी वेंटीलेटर अथवा दरवाजे से सूर्य की किरणों के प्रवेश करने पर मानो वह चिपक कर बैठना चाहते हैं. वो बैठते ही हैं. मानो सूर्य की किरणों में ही उनकी ऊर्जा छिपी हुई है.
अंश राज का ज्यादा वक्त मोबाइल पर ऑनलाइन गेम खेल कर बीतता है. वो मोबाइल पर जो भी ऑनलाइन गेम खेलते हैं, उसका स्कोर काफी हाई होता है. उन्हें टीवी देखना ज्यादा पसंद नहीं है. टीवी पर ब्रेकिंग एवं हाई स्पीड न्यूज से ज्यादा वह कुछ नहीं देखते हैं. मोबाइल पर हर रोज प्रभात खबर का ई पेपर पढ़ना उन्हें बेहद पसंद है. उन्हें जब भी मौका लगता है प्रभात खबर का ई पेपर मोबाइल पर खोल लेते हैं. अंश राज को सैड सॉन्ग (दुखभरा गीत) पसंद नहीं है. वह टीवी पर समाचार भी अन्य भाषाओं में देखना ज्यादा पसंद करते है. मोबाइल पर भी अन्य भाषाओं के कार्यक्रम पर विशेष रूप से फोकस करते है. मसलन मलयालम, तेलुगू आदि भाषा. अंश राज की दिनचर्या सुबह 7:00 बजे उठने के साथ शुरू हो जाती है. वो रात 12 बजे तक सो जाते हैं. सुबह 9 बजे से 10 बजे तक वो पूरे मूड में होते हैं. उस वक्त वो लोगों के किसी भी प्रकार के सवालों का जवाब फौरन दे देते हैं.
अंश राज के पिता आलोक राज बताते हैं कि महज 2 वर्ष की उम्र में ही अंश ने घर की दीवारों पर दो का पहाड़ा 20 तक लिख दिया था. हम परिवार वाले आश्चर्यचकित हो गए थे कि बच्चे को पहाड़ा गिनती के बारे में कुछ नहीं बताया गया तो वह कैसे लिख दिया. इसके बाद अंश राज की गतिविधियों पर पैनी नजर रखने लगा. तब पता चला कि ये बच्चा काफी एक्स्ट्रा ऑर्डिनरी है. अंश राज की मां रितु कुमारी कहती हैं कि उनका बच्चा काफी जीनियस है. उसके अंदर काफी प्रतिभा है. सरकार मदद करे तो उनका बच्चा देश के लिए काम करेगा. अंश राज का जन्म देवघर के एक प्राइवेट नर्सिंग होम में नॉर्मल तरीके से हुआ था. एम्स देवघर के चिकित्सक से बच्चे को दिखाया गया. वहां के डॉक्टर ने भी यही कहा कि यह गॉड गिफ्टेड है.
व्यक्तित्व परिचय
नाम : अंश राज
उम्र : 6 वर्ष, 6 महीने, 29 दिन
पिता : आलोक राज
पेशा : प्राइवेट शिक्षक सह कोचिंग संचालक
मां : रितु कुमारी, गृहिणी
वर्तमान पता : आयकर कार्यालय के समीप, कृष्णापुरी देवघर
पैतृक आवास : तारापुर, जिला मुंगेर, बिहार
रिपोर्ट : विजय कुमार
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