CWG 2022: जानें कौन हैं Jeremy Lalrinnunga, जिसने चोटिल होकर भी दिलाया भारत को गोल्ड मेडल

Birmingham: India's Jeremy Lalrinnunga atop the podium poses for photographs after winning the gold medal in the men's 67kg category weightlifting event, at the Commonwealth Games 2022 (CWG), in Birmingham, UK, Sunday, July 31, 2022. (PTI Photo/Swapan Mahapatra)(PTI07_31_2022_000170A)
जेरेमी ने कॉमनवेल्थ गेम्स में कुल 300 किलोग्राम भार उठाकर भारत को दूसरा सोना दिलाया. उन्होंने स्नैच राउंड में 140 किलोग्राम उठाया. जबकि क्लीन एंड जर्क में 160 किलोग्राम भार उठाया. उन्होंने स्नैच में सबसे पहले 136 किलोग्राम भार उठाया. फिर दूसरे प्रयास में 140.
बर्मिंघम कॉमनवेल्थ गेम्स में भारतीय वेटलिफ्टरों का शानदार प्रदर्शन जारी है. पुरुषों के 67 किलोग्राम भार वर्ग में भारत के युवा वेटलिफ्टर जेरेमी लालरिनुंगा (Jeremy Lalrinnunga) ने भारत को दूसरा गोल्ड मेडल दिलाया. जेरेमी लालरिनुंगा चोटिल होने के बावजूद अपनी कोशिश जारी रखा और भारत के लिए दूसरा गोल्ड पक्का किया.
जेरेमी ने कुल 300 किलोग्राम भार उठाकर भारत को दिलाया सोना
जेरेमी ने कॉमनवेल्थ गेम्स में कुल 300 किलोग्राम भार उठाकर भारत को दूसरा सोना दिलाया. उन्होंने स्नैच राउंड में 140 किलोग्राम उठाया. जबकि क्लीन एंड जर्क में 160 किलोग्राम भार उठाया. उन्होंने स्नैच में सबसे पहले 136 किलोग्राम भार उठाया. फिर दूसरे प्रयास में 140. हालांकि तिसरे प्रयास में 143 किलोग्राम भार उठाने में जेरेमी असफल रहे.
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अपना बेस्ट देने की कोशिश में चोटिल हुए जेरेमी
अपना बेस्ट देने की कोशिश में जेरेमी चोटिल हो गये. उन्होंने क्लीन एंड जर्क में पहले प्रयास में 154 किलोग्राम भार उठाया, फिर दूसरे प्रयास में 160 किलोग्राम भार उठाया. हालांकि तिसरे प्रयास में जब 165 किलोग्राम भार उठाने की कोशिश की तो वो असफल हो गये. उन्हें कमर में चोट आयी, जिसके बाद उन्हें सहारा देकर वापस ले जाया गया.
कौन हैं जेरेमी
जेरेमी लालरिनुंगा का जन्म 26 अक्टूबर 2002 को मिजोरम के आईजोल में हुआ था. जेरेमी को बचपन से ही खेल का माहौल मिला. उनके पिता (Jeremy Lalrinnunga Family) लालमैथुआवा भी खिलाड़ी रहे हैं. जेरेमी के पिता एक पूर्व मुक्केबाज हैं.
पिता बनाना चाहते थे मुक्केबाज, वेटलिफ्टिंग में जेरेमी ने रचा इतिहास
जेरेमी लालरिनुंगा के पिता उन्हें मुक्केबाज बनाना चाहते थे. 6 साल की उम्र में जेरेमी पिता के मार्गदर्शन में मुक्केबाजी की ट्रेनिंग भी शुरू कर दी थी. लेकिन बाद में उन्होंने भारोत्तोलन (Weightlifting) को अपना करियर बनाया. मात्र 10 साल की उम्र में उन्होंने वजन उठाना शुरू कर दिया था. बाद में जेरेमी ने कोच विजय शर्मा से ट्रेनिंग ली. जेरेमी बाद में पुणे के आर्मी स्पोर्ट्स इंस्टीट्यूट में ट्रेनिंग शुरू की और 2016 से वो राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में भाग लेना शुरू किया.
जेरेमी की उपलब्धि
जेरेमी लालरिनुंगा ने 2018 ब्यूनस आयर्स ग्रीष्मकालीन युवा ओलंपिक में भारत का प्रतिनिधित्व किया और 62 किग्रा वर्ग में स्वर्ण पदक हासिल किया. जेरेमी युवा ओलंपिक में स्वर्ण जीतने वाले पहले भारतीय बने. इसके अलावा जेरेमी ने भारत के लिए एशियाई भारोत्तोलन चैंपियनशिप 2018 में रजत पदक जीता.
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