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SSC Scam : पार्थ चटर्जी को शिक्षक भर्ती घोटाले मामले में सीबीआई की विशेष अदालत में किया गया पेश

Updated at : 31 Oct 2022 12:15 PM (IST)
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SSC Scam : पार्थ चटर्जी को शिक्षक भर्ती घोटाले मामले में सीबीआई की विशेष अदालत में किया गया पेश

पश्चिम बंगाल में शिक्षक भर्ती घोटाले मामले में पार्थ चटर्जी को आज सशरीर कोर्ट में पेश होना का निर्देश दिया गया था. कोर्ट के आदेशानुसार सोमवार को सशरीर पार्थ चटर्जी कोर्ट में पेश हुए है. जहां पर उनसे शिक्षक भर्ती घोटाले मामले को लेकर पूछताछ जारी है.

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पश्चिम बंगाल में शिक्षक भर्ती घोटाले मामले में पार्थ चटर्जी ( Partha Chatterjee) को आज सशरीर कोर्ट में पेश होना का निर्देश दिया गया था . कोर्ट के आदेशानुसार सोमवार को सशरीर पार्थ चटर्जी कोर्ट में पेश हुए है. जहां पर उनसे शिक्षक भर्ती घोटाले मामले को लेकर पूछताछ हो रही है और उसके बाद कोर्ट की ओर से फैसला सुनाया जा सकता है. गौरतलब है किे पहले कई बार पार्थ चटर्जी की वचुर्वली सुनवाई हुआ करती थी. पिछले वर्चुवली सुनवाई के दौरान हुई परेशानी को देखते हुए कोर्ट ने सोमवार की सुबह पार्थ को सशरीर कोर्ट में हाजिर होने का निर्देश दिया था. फिलहाल पार्थ चटर्जी प्रेसिडेंसी संशोधनागार में न्यायिक हिरासत में है.

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कल्याणमय, शांति प्रसाद सिन्हा, सुबीरेश भट्टाचार्य की भी आज कोर्ट में पेशी

पार्थ चटर्जी के साथ ही शिक्षक भर्ती घोटाले मामले में अन्य आरोपियों की भी आज पेशी होगी. आरोपियों में डॉ कल्याणमय गांगुली, डॉ शांति प्रसाद सिन्हा, सुबीरेश भट्टाचार्य, अशोक कुमार साहा, प्रसन्न राय व प्रदीप सिंह शामिल हैं. इनके खिलाफ भी कई तथ्य मिले है जिनकी जांच की जा रही है. सुबीरेश भट्टाचार्य वर्ष 2014 से 2018 यानी चार वर्षों तक एसएससी (SSC) के चेयरमैन थे और उस दरम्यान शिक्षकों की नियुक्ति में भ्रष्टाचार के आरोप लगे थे.

ईडी ने माणिक भट्टाचार्य को बताया था शिक्षक भर्ती घोटाले का मास्टरमाइंड

ईडी ने सुप्रीम कोर्ट में हलफनामा देकर बताया था कि प्राथमिक शिक्षकों की भर्ती में हुए घोटाले का सरगना माणिक भट्टाचार्य ही लगता है. माणिक नदिया के पलाशीपाड़ा से विधायक हैं. वर्ष 2014 में प्राथमिक शिक्षक नियुक्ति के लिए शिक्षक पात्रता परीक्षा (टेट) हुई थी. इसमें उत्तीर्ण अभ्यर्थियों की मेधा-सूची जारी हुई. फिर उसे रद्द कर दूसरी मेधा-सूची जारी की गयी. फिर आरोप लगे कि दूसरी मेधा-सूची में उन लोगों के नाम हैं, जिन्होंने रिश्वत देकर नौकरी पायी है. कहा जा रहा है कि टेट के बाद 273 लोगों की अवैध तरीके से नियुक्तियां हुईं. उन सबकी उत्तर-पुस्तिकाओं में गलत ढंग से नंबर बढ़ाये जाने का आरोप है. फिलहाल माणिक भट्टाचार्य 10 नवबंर तक न्यायिक हिरासत में है.

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