स्मार्टफोन में 5G सर्विस के लिए अभी और करना होगा इंतजार, अक्टूबर में स्पेक्ट्रम की नीलामी शुरू कर सकती है सरकार
Author : Agency Published by : Prabhat Khabar Updated At : 18 May 2020 7:53 PM
स्मार्टफोन में 5जी सर्विस का इंतजार करने वाले मोबाइल उपभोक्ताओं को अभी और इंतजार करना पड़ सकता है. इसकी वजह यह है कि सरकार 5जी सर्विस के बिना ही अक्टूबर में दूरसंचार कंपनियों के लिए स्पेक्ट्रम की नीलामी शुरू कर सकती है.
नयी दिल्ली : स्मार्टफोन में 5जी सर्विस का इंतजार करने वाले मोबाइल उपभोक्ताओं को अभी और इंतजार करना पड़ सकता है. इसकी वजह यह है कि सरकार 5जी सर्विस के बिना ही अक्टूबर में दूरसंचार कंपनियों के लिए स्पेक्ट्रम की नीलामी शुरू कर सकती है. ऐसा इसलिए कहा जा रहा है, क्योंकि भारती एयरटेल और वोडाफोन आइडिया जैसी टेलीकॉम कंपनियों के विभिन्न लाइसेंसों के रिन्यूअल का समय नजदीक आने के बीच दूरसंचार विभाग अक्टूबर से पहले स्पेक्ट्रम नीलामी की योजना पर काम कर रहा है. इस नीलामी में 5जी सेवाओं से जुड़े स्पेक्ट्रम बैंड की नीलामी नहीं किये जाने की संभावना है.
Also Read: भारत में पहला 5जी हैंडसेट की कीमत हो सकती है 50,000 रुपये
इस प्रक्रिया में शामिल सूत्र ने समाचार एजेंसी भाषा को बताया कि विभाग इस संबंध में मंत्रिमंडल की मंजूरी के लिए एक नोट तैयार कर रहा है. पहले के प्रस्तावों के उलट इसमें 5जी सर्विसेज के लिए मुफीद 3,300 से 3,600 मेगाहर्ट्ज के बैंड को शामिल नहीं किया जाएगा. रक्षा मंत्रालय ने 5जी बैंड में 100 मेगाहर्ट्ज स्पेक्ट्रम की मांग की है, जिसके बाद दूरसंचार विभाग के पास नीलामी के लिए 175 मेगाहर्ट्ज स्पेक्ट्रम ही बच जाएगा.
सूत्र ने बताया कि इसे लेकर विभाग और रक्षा मंत्रालय के बीच बातचीत चल रही है. हालांकि, भारती एयरटेल और वोडाफोन आइडिया के कई सारे लाइसेंस की अवधि समाप्त हो रही हैं और अपनी दूरसंचार सेवाएं जारी रखने के लिए उन्हें इसका रिन्यूअल कराना होगा. इसलिए उन्हें स्पेक्ट्रम के लिए बोली लगानी होगी. इसलिए दूरसंचार विभाग अन्य बैंड के स्पेक्ट्रम की नीलामी करेगा.
अक्टूबर से पहले विभाग का 8,000 मेगाहर्ट्ज स्पेक्ट्रम नीलाम करने का प्रस्ताव है. इसमें 700 मेगाहर्ट्ज, 800 मेगाहर्ट्ज, 900 मेगाहर्ट्ज, 1800 मेगाहर्ट्ज, 2100 मेगाहर्ट्ज, 2300 मेगाहर्ट्ज और 2500 मेगाहर्ट्ज बैंड की नीलामी की जानी है. इसका कुल मूल्य करीब 3 लाख करोड़ रुपये होने का अनुमान है.
सूत्र ने बताया कि विभाग 22 मई तक इसके लिए किसी नीलामीकर्ता के नाम को तय कर सकता है. यही एजेंसी नीलामी के लिए सॉफ्टवेयर का विकास और प्रबंधन करेगी. नीलामी की समयसीमा भी चुनी गयी कंपनी पर निर्भर करेगी. सूत्र ने बताया कि नीलामी फर्म के चयन की तकनीकी दौर की निविदा में चार को योग्य पाया गया है. इसमें दो कंपनियों के पास स्पेक्ट्रम नीलामी का अनुभव भी है. यदि अनुभवी कंपनी को चुना जाता है, तो नीलामी को दो-तीन महीने शुरुआत की जा सकती है, लेकिन यह अक्टूबर से आगे नहीं खिसकेगी.
प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी
Prabhat Khabar App :
देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए










