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दिवाली में आप ले सकेंगे कश्मीर के डिलीशियस सेब का मजा, मंडियों में पहुंचने के लिए है तैयार

Updated at : 12 Oct 2020 10:41 PM (IST)
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दिवाली में आप ले सकेंगे कश्मीर के डिलीशियस सेब का मजा, मंडियों में पहुंचने के लिए है तैयार

दिवाली में आप कश्मीर के डिलीशियास सेब के स्वाद का मजा चख सकेंगे, क्योंकि घाटी से देश की मंडियों में आने के लिए वह पूरी तरह से तैयार हो रहा है. अपनी गुणवत्ता के लिए दुनिया भर में धाक जमा चुके कश्मीरी सेब दिवाली से पहले मंडियों में पहुंच जाएंगे. बागवानों ने सेब की तुड़ान शुरू कर दी है. शुरुआती किस्म के सेब पहले ही मंडियों में हैं. अब उम्दा किस्मों को भी बाजार में भेजने की तैयारी पूरी हो गई है.

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जम्मू : दिवाली में आप कश्मीर के डिलीशियास सेब के स्वाद का मजा चख सकेंगे, क्योंकि घाटी से देश की मंडियों में आने के लिए वह पूरी तरह से तैयार हो रहा है. अपनी गुणवत्ता के लिए दुनिया भर में धाक जमा चुके कश्मीरी सेब दिवाली से पहले मंडियों में पहुंच जाएंगे. बागवानों ने सेब की तुड़ान शुरू कर दी है. शुरुआती किस्म के सेब पहले ही मंडियों में हैं. अब उम्दा किस्मों को भी बाजार में भेजने की तैयारी पूरी हो गई है.

शुरू हो चुकी है ऑनलाइन बुकिंग

कश्मीर में बागवान अब रेड डिलीशियस, गुरमत, क्रिमसन, बुल्गेरियन और क्रॉस अमरी प्रजाति के सेब का तुड़ान कर रहे हैं. देश-विदेश में इन उम्दा प्रजातियों के सेब की खासी मांग रहती है. बागवानी विभाग के अनुसार, देरी से तैयार होने वाली सेब की ये प्रजातियां नवंबर तक बाजारों में पहुंच जाएंगी. इसके लिए ऑनलाइन बुकिंग भी हो चुकी है.

अक्टूबर के अंत तक बाजार में मिलने लगेंगे ग्लेशियर और अमेरिकन परेल

कश्मीर के सेब अपनी गुणवत्ता और स्वाद की वजह से खास पहचान रखता है. कश्मीर के बगीचों से अभी हजरबली और रजावली प्रजातियों के सेब देशभर में भेजे जा रहे हैं. सितंबर महीने में तोड़ा गया सेब ग्लेशियर और अमेरिकन परेल को अक्टूबर महीने के अंत तक भेजने की तैयारी है. अक्टूबर में बागवानों को सेब की अच्छी कीमत मिलती है.

26 लाख मीट्रिक टन सेब के उत्पादन होने का अनुमान

इस साल कश्मीर में सेब की पैदावार 26 लाख मीट्रिक टन के आसपास होने का अनुमान है. इसमें से करीब 19 लाख मीट्रिक टन सेब देशभर में भेजा जाना है और करीब सात लाख मीट्रिक टन सेब विदेशों में निर्यात होगा. महाराजी प्रजाती के सेब को अमृतसर और चेन्नई भेजा जाएगा. इसका स्वाद थोड़ा खट्टा होता है.

उन्होंने बताया कि इसका प्रयोग शरबत बनाने के लिए किया जाता है. शरबत बनाने वाली कंपनियों ने जरूरत के हिसाब से ऑर्डर बुक करवाए हैं. बागवानी योजना एवं विपणन विभाग के संयुक्त निदेशक दिग्विजय सिंह का कहना है कि उम्दा किस्म का सेब दिवाली से पहले बाजार में आ जाएगा. अर्ली किस्म की प्रजातियां मंडियों में आ चुकी हैं. सेब का तुड़ान अंतिम चरण में है.

Posted By : Vishwat Sen

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