ट्रंप की खुली चेतावनी, BRICS का समर्थन किया तो लगेगा 10% अतिरिक्त शुल्क

US tariff on anti-American Policies
US tariff on anti-American Policies: अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने BRICS समर्थक देशों को चेतावनी दी है कि अगर वे अमेरिका-विरोधी नीतियों का समर्थन करते हैं, तो उनके उत्पादों पर 10% अतिरिक्त शुल्क लगेगा. BRICS ने एकतरफा टैरिफ नीति की कड़ी आलोचना की है.
US tariff on anti-American Policies: अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने BRICS समूह की आर्थिक नीतियों पर सख्त प्रतिक्रिया दी है. उन्होंने उन देशों को चेतावनी दी है जो BRICS के अमेरिका-विरोधी दृष्टिकोण का समर्थन करते हैं.
अमेरिका विरोधी नीतियों का समर्थन करने पर 10% अतिरिक्त शुल्क
एक सोशल मीडिया पोस्ट में ट्रंप ने साफ कहा, “जो देश BRICS की अमेरिका-विरोधी नीतियों के साथ खड़े होंगे, उनके उत्पादों पर 10 प्रतिशत अतिरिक्त टैरिफ लगाया जाएगा.” उन्होंने आगे लिखा, “इस नीति में किसी भी देश को कोई छूट नहीं दी जाएगी. धन्यवाद!” यह बयान अमेरिका की ओर से BRICS के खिलाफ सख्त रुख को दर्शाता है, खासकर तब जब BRICS ने वैश्विक व्यापार व्यवस्था में अमेरिका के एकतरफा रवैये का विरोध किया है.
BRICS का विरोध
हाल ही में हुए BRICS देशों के वित्त मंत्रियों और केंद्रीय बैंक गवर्नरों (FMCBG) की बैठक में, एक संयुक्त बयान जारी किया गया जिसमें कहा गया “हमने व्यापार और वित्तीय विषयों पर एकतरफा नीतियों, विशेष रूप से टैरिफ और गैर-टैरिफ उपायों के बढ़ते इस्तेमाल पर गंभीर चिंता जताई है. ये कदम वैश्विक व्यापार को प्रभावित करते हैं और WTO के नियमों के खिलाफ हैं.”
BRICS ने अपने बयान में स्पष्ट किया कि वे विश्व व्यापार संगठन (WTO) पर आधारित निष्पक्ष, पारदर्शी और गैर-भेदभावपूर्ण वैश्विक व्यापार तंत्र का समर्थन करते हैं, और व्यापार युद्ध से बचने के लिए आपसी सहयोग को बढ़ावा देंगे.
वैश्विक व्यापार पर गहरा प्रभाव
BRICS समूह जिसमें ब्राजील, रूस, भारत, चीन और दक्षिण अफ्रीका के साथ अब अन्य विकासशील देश भी शामिल हो चुके हैं, आज दुनिया की लगभग आधी आबादी और 40% वैश्विक GDP का प्रतिनिधित्व करते हैं BRICS अब वैश्विक व्यापार और निवेश प्रवाह का लगभग 25 प्रतिशत हिस्सा है. ऐसे में अमेरिका का इस समूह से बढ़ता तनाव वैश्विक अर्थव्यवस्था के लिए खतरे की घंटी साबित हो सकता है.
9 जुलाई के बाद बड़ा असर
डोनाल्ड ट्रंप ने अपने एक अन्य पोस्ट में बताया कि 7 जुलाई दोपहर 12 बजे (ईस्टर्न टाइम) से विभिन्न देशों को “टैरिफ नोटिस और डील लेटर” भेजे जाएंगे. गौरतलब है कि 9 अप्रैल को ट्रंप ने टैरिफ लागू करने को 3 महीने के लिए टाल दिया था.
जिसकी मियाद अब 9 जुलाई को समाप्त हो रही है. अब सबकी निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि अमेरिका किन-किन देशों पर यह अतिरिक्त शुल्क लगाएगा और BRICS समूह इस पर क्या जवाब देता है.
Also Read: सिर्फ PAN से पता करें कहां-कहां लगा है आपका पैसा, आसान तरीका जानें
प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी
लेखक के बारे में
By Abhishek Pandey
अभिषेक पाण्डेय पिछले 2 वर्षों से प्रभात खबर (Prabhat Khabar) में डिजिटल जर्नलिस्ट के रूप में कार्यरत हैं। उन्होंने पत्रकारिता के प्रतिष्ठित संस्थान 'दादा माखनलाल की बगिया' यानी माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय, भोपाल (MCU) से मीडिया की बारीकियां सीखीं और अपनी शैक्षणिक योग्यता पूरी की है। अभिषेक को वित्तीय जगत (Financial Sector) और बाजार की गहरी समझ है। वे नियमित रूप से स्टॉक मार्केट (Stock Market), पर्सनल फाइनेंस, बजट और बैंकिंग जैसे जटिल विषयों पर गहन शोध के साथ विश्लेषणात्मक लेख लिखते हैं। इसके अतिरिक्त, इंडस्ट्री न्यूज, MSME सेक्टर, एग्रीकल्चर (कृषि) और केंद्र व राज्य सरकार की सरकारी योजनाओं (Sarkari Yojana) का प्रभावी विश्लेषण उनके लेखन के मुख्य क्षेत्र हैं। आम जनमानस से जुड़ी यूटिलिटी (Utility) खबरों और प्रेरणादायक सक्सेस स्टोरीज को पाठकों तक पहुँचाने में उनकी विशेष रुचि है। तथ्यों की सटीकता और सरल भाषा अभिषेक के लेखन की पहचान है, जिसका उद्देश्य पाठकों को हर महत्वपूर्ण बदलाव के प्रति जागरूक और सशक्त बनाना है।
Prabhat Khabar App :
देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए




