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गौतम अदाणी पर बड़ी रिश्वत देने का आरोप, सोलर एनर्जी का कॉन्ट्रैक्ट के लिए दिया करोड़ों डॉलर

Updated at : 21 Nov 2024 9:05 AM (IST)
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गौतम अदाणी पर बड़ी रिश्वत देने का आरोप, सोलर एनर्जी का कॉन्ट्रैक्ट के लिए दिया करोड़ों डॉलर

Gautam Adani

Gautam Adani: न्यूयॉर्क के पूर्वी जिले के अमेरिकी अटॉर्नी ब्रायन पीस ने अपने एक बयान में कहा है कि डिफेंडेंट्स ने अरबों डॉलर के कॉन्ट्रैक्ट को हासिल करने के लिए अमेरिका में भारत के सरकारी अधिकारियों को रिश्वत देने की एक बड़ी स्कीम बनाई. वहीं, चार दूसरे डिफेंडेंट्स ने इलेक्ट्रॉनिक सबूत मिटाया और न्याय विभाग, सिक्योरिटीज एंड एक्सचेंज कमीशन और अमेरिकी जांच एजेंसी एफबीआई के प्रतिनिधियों से झूठ बोला और न्याय में बाधा डालने के लिए साजिश रची.

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Gautam Adani: देश के प्रमुख उद्योगपति गौतम अदाणी पर अमेरिका ने रिश्वत देने का बड़ा आरोप लगाया है. ब्लूमबर्ग की एक रिपोर्ट के अनुसार, अमेरिका के प्रॉसीक्यूटर्स अदाणी ग्रुप के चेयरमैन गौतम अदाणाी पर सोलर एनर्जी कॉन्ट्रैक्ट हासिल करने के लिए भारतीय सरकारी अधिकारियों को 25 करोड़ डॉलर से अधिक रिश्वत दिया है. प्रॉसीक्यूटर्स ने कहा है कि गौतम अदाणी रिश्वत ऑफर करने वाली स्कीम में शामिल हैं. रिपोर्ट, ”न्यूयॉर्क के प्रॉसीक्यूटर्स ब्रुकलिन ने बुधवार को आरोप लगाया है कि गौतम अदाणी और दूसरे डिफेंडेंट्स ने अमेरिकी निवेशकों से धन जुटाने की कोशिश में स्कीम के बारे झूठ बोला है.”

भारतीय सरकारी अधिकारियों को रिश्वत देने की बनाई स्कीम

ब्लूमबर्ग की रिपोर्ट में यह भी कहा है कि अदाणी ग्रुप की कंपनी अदाणी ग्रीन एनर्जी के कार्यकारी निदेशक सागर आर अदाणी और कंपनी के प्रबंधन निदेशक विनीत एस जैन पर भी अमेरिकी कानून तोड़ने का आरोप है. रिपोर्ट के अनुसार, न्यूयॉर्क के पूर्वी जिले के अमेरिकी अटॉर्नी ब्रायन पीस ने अपने एक बयान में कहा है कि डिफेंडेंट्स ने अरबों डॉलर के कॉन्ट्रैक्ट को हासिल करने के लिए अमेरिका में भारत के सरकारी अधिकारियों को रिश्वत देने की एक बड़ी स्कीम बनाई.

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न्याय में बाधा डालने के लिए रची गई साजिश

ब्लूमबर्ग ने बताया कि अमेरिकी अधिकारी गौतम अदाणी के व्यवहार के साथ इस बात की भी जांच कर रहे थे कि अदाणी ग्रुप रिश्वत में शामिल है या नहीं. जांच में यह भी पाया गया कि कहीं ऊर्जा परियोना को फेवरेबल ट्रीटमेंट देने के लिए भारत में सरकारी अधिकारियों को गलत तरीके से भुगतान तो नहीं किया गया. अमेरिकी प्रॉसीक्यूटर्स ने अपने आरोप में कहा कि चार दूसरे डिफेंडेंट्स ने इलेक्ट्रॉनिक सबूत मिटाया और न्याय विभाग, सिक्योरिटीज एंड एक्सचेंज कमीशन और अमेरिकी जांच एजेंसी एफबीआई के प्रतिनिधियों से झूठ बोला और न्याय में बाधा डालने के लिए साजिश रची. सिक्योरिटी एंड एक्सचेंज कमीशन ने बुधवार को अलग से एक दीवानी मुकदमा भी दायर किया है.

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KumarVishwat Sen

लेखक के बारे में

By KumarVishwat Sen

कुमार विश्वत सेन प्रभात खबर डिजिटल में डेप्यूटी चीफ कंटेंट राइटर हैं. इनके पास हिंदी पत्रकारिता का 25 साल से अधिक का अनुभव है. इन्होंने 21वीं सदी की शुरुआत से ही हिंदी पत्रकारिता में कदम रखा. दिल्ली विश्वविद्यालय से हिंदी पत्रकारिता का कोर्स करने के बाद दिल्ली के दैनिक हिंदुस्तान से रिपोर्टिंग की शुरुआत की. इसके बाद वे दिल्ली में लगातार 12 सालों तक रिपोर्टिंग की. इस दौरान उन्होंने दिल्ली से प्रकाशित दैनिक हिंदुस्तान दैनिक जागरण, देशबंधु जैसे प्रतिष्ठित अखबारों के साथ कई साप्ताहिक अखबारों के लिए भी रिपोर्टिंग की. 2013 में वे प्रभात खबर आए. तब से वे प्रिंट मीडिया के साथ फिलहाल पिछले 10 सालों से प्रभात खबर डिजिटल में अपनी सेवाएं दे रहे हैं. इन्होंने अपने करियर के शुरुआती दिनों में ही राजस्थान में होने वाली हिंदी पत्रकारिता के 300 साल के इतिहास पर एक पुस्तक 'नित नए आयाम की खोज: राजस्थानी पत्रकारिता' की रचना की. इनकी कई कहानियां देश के विभिन्न पत्र-पत्रिकाओं में प्रकाशित हुई हैं.

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