Budget Explainer: क्या इस बार भी आयोजित नहीं होगी हलवा सेरेमनी,बजट से जुड़ी इस परंपरा का क्या है महत्व?

हलवा सेरेमनी तब आयोजित किया जाता है जब बजट का दस्तावेजीकरण हो जाता है और उसे छपने के लिए भेजने की प्रक्रिया शुरू हो जाती है. यह एक तरह से किसी शुभ काम की शुरुआत मुंह मीठा कराने से हो, जैसा है.
वित्तीय वर्ष 2023-24 का बजट एक फरवरी को पेश किया जायेगा. जब भी बजट की बात होती है, तो सबसे पहली बात जो लोगों के जेहन में आती है, वो है हलवा सेरेमनी की. हलवा सेरेमनी बजट से जुड़ी एक ऐसी परंपरा है, जिसका पालन हर बजट के पहले वित्तमंत्री करते हैं. हालांकि पिछले साल कोविड प्रोटोकाॅल की वजह से इस परंपरा का पालन नहीं हुआ था. ऐसे में हर किसी के लिए यह जानना बहुत जरूरी है कि क्या है हलवा सेरेमनी और इसका आयोजन बजट से पहले क्यों किया जाता है?
हलवा सेरेमनी तब आयोजित किया जाता है जब बजट का दस्तावेजीकरण हो जाता है और उसे छपने के लिए भेजने की प्रक्रिया शुरू हो जाती है. यह एक तरह से किसी शुभ काम की शुरुआत मुंह मीठा कराने से हो, जैसा है. हालांकि कोविड प्रोटोकाॅल की वजह से 2021-22 और 2022-23 का बजट नहीं छपा था और पेपरलेस बजट तैयार किया गया था. इस बार अभी यह जानकारी सामने नहीं आयी है कि बजट का दस्तावेजीकरण होगा या नहीं.
हलवा सेरेमनी में एक बड़ी सी कढ़ाही में हलवा तैयार किया जाता है. इस हलवे को बनाने की शुरुआत वित्तमंत्री करते हैं और एक बड़े से कढ़ाही में वे घी डालकर हलवा बनाने की शुरुआत करते हैं. हलवा बन जाने के बाद वित्तमंत्री कढ़ाही को हिलाते हैं और अपने सभी सहयोगियों के बीच हलवा वितरण भी करते हैं.
हलवा सेरेमनी में वित्तमंत्री और उनके मंत्रालय के अन्य अधिकारी और कर्मचारी शामिल होते हैं जिनकी संख्या 100 से अधिक होती है. हलवा सेरेमनी के बाद ये कर्मचारी नाॅर्थ ब्लाॅक जो वित्तमंत्रालय का कार्यालय है, वहां बंद हो जाते हैं. एकमात्र वित्तमंत्री होते हैं जिन्हें नाॅर्थ ब्लाॅक आने और वहां से बाहर जाने की इजाजत होती है.
कोविड प्रोटोकाॅल की वजह से पिछले साल बजट से पहले हलवा सेरेमनी का आयोजन नहीं किया गया था. इसकी बजाय वित्त मंत्रालय में मिठाई बांटी गयी थी. इस साल हलवा सेरेमनी का आयोजन होगा या नहीं, यह अभी नहीं बताया जा सकता है. इस बारे में कोई घोषणा भी नहीं की गयी थी कि हलवा सेरेमनी इस बार आयोजित की जायेगी या नहीं.
हलवा सेरेमनी की शुरुआत कब हुई इस बारे में कोई अधिकारिक जानकारी उपलब्ध नहीं है. हालांकि हर बजट से पहले इस परंपरा का निर्वहन सभी वित्तमंत्री करते रहे हैं. कोरोना वायरस के प्रकोप की वजह से बजट की कुछ परंपराओं में बदलाव आया, जिनमें से एक हलवा सेरेमनी भी है. पिछले साल हलवा नहीं बना था और वित्त मंत्रालय में मिठाई का वितरण हुआ था.
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लेखक के बारे में
By Rajneesh Anand
राजनीति,सामाजिक, इतिहास, खेल और महिला संबंधी विषयों पर गहन लेखन किया है. तथ्यपरक रिपोर्टिंग और विश्लेषणात्मक लेखन में रुचि. इलाहाबाद विश्वविद्यालय से स्नातक. IM4Change, झारखंड सरकार तथा सेव द चिल्ड्रन के फेलो के रूप में कार्य किया है. पत्रकारिता के प्रति जुनून है. प्रिंट एवं डिजिटल मीडिया में 20 वर्षों से अधिक का अनुभव.
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