ट्रेन में बेडशीट-कंबल नहीं मिला तो घबराइए नहीं, रेलवे देगा रिफंड

Updated:
विज्ञापन

एसी ट्रेन में बेडशीट, कंबल या तकिया नहीं मिला? जानिए रेलवे का यह नियम और शिकायत के बाद रिफंड पाने का तरीका.

विज्ञापन

ट्रेन में सफर के दौरान अगर आप एसी कोच में हैं और आपको बेडशीट, तकिया, तौलिया या कंबल नहीं मिला, तो इसे सिर्फ असुविधा समझकर छोड़ने की जरूरत नहीं है. कुछ स्थितियों में यात्री इसके लिए ₹20 का रिफंड क्लेम कर सकते हैं. हालांकि, इसके लिए रेलवे की शिकायत प्रक्रिया पूरी करनी जरूरी है.

किन एसी कोच में मिलती है बेडरोल सुविधा?

एसी कोच में सफर करने वाले कई यात्रियों को शायद पता न हो कि बेडरोल की सुविधा टिकट में ही शामिल होती है. इसमें आम तौर पर ये चीजें दी जाती हैं:

  • बेडशीट
  • तकिया
  • तौलिया
  • कंबल

यह सुविधा 1 एसी, 2 एसी और 3 एसी कोच के यात्रियों के लिए लागू होती है. यानी इसके लिए अलग से पैसे देने की जरूरत नहीं होती. इसलिए अगर सफर के दौरान इनमें से कोई जरूरी सामान नहीं मिलता है, तो यात्री इसकी शिकायत कर सकते हैं.

बेडशीट या कंबल नहीं मिले तो क्या करें?

अगर एसी कोच में आपको बेडरोल नहीं मिला है, तो सबसे पहले कोच अटेंडेंट से संपर्क करना चाहिए. कई बार सामान की कमी या वितरण में हुई गलती वहीं से ठीक हो जाती है. अगर शिकायत करने के बाद भी समस्या दूर नहीं होती है, तो यात्री को इसकी शिकायत दर्ज करानी होगी. यही शिकायत आगे रिफंड क्लेम के लिए जरूरी मानी जाती है. ध्यान रखें कि शिकायत करने में देरी न करें. इस सुविधा से जुड़े रिफंड के लिए तय समय-सीमा और शिकायत की प्रक्रिया का पालन करना जरूरी है.

₹20 का रिफंड कब मिल सकता है?

अगर यात्री को तय बेडरोल सुविधा नहीं मिली और उसने निर्धारित प्रक्रिया के तहत शिकायत भी की, तो गंतव्य स्टेशन पर ₹20 का रिफंड क्लेम किया जा सकता है.यह रकम भले ही कम लगे, लेकिन यात्रियों के लिए यह जानना जरूरी है कि टिकट में शामिल सुविधा नहीं मिलने पर शिकायत का रास्ता मौजूद है.

स्लीपर कोच में क्या है अलग?

यह नियम सभी कोच में एक जैसा नहीं है. स्लीपर कोच में बेडरोल की व्यवस्था एसी कोच से अलग हो सकती है. कुछ ट्रेनों में यात्रियों को बेडरोल के लिए अलग से अनुरोध करने और भुगतान करने की जरूरत पड़ सकती है.

इसलिए यह मान लेना सही नहीं है कि एसी और स्लीपर दोनों कोच में बेडरोल की सुविधा एक जैसी होती है. सफर से पहले अपनी ट्रेन और कोच के हिसाब से सुविधा की जानकारी रखना बेहतर है.

ये भी पढ़ें: MSME Bill 2026: छोटे कारोबारियों को राहत, 6 महीने तक मामला अटका तो अदालत दिला सकती है आधा पैसा



विज्ञापन
सौम्या शाहदेव

लेखक के बारे में

By सौम्या शाहदेव

सौम्या शाहदेव प्रभात खबर डिजिटल में बिजनेस कंटेंट राइटर हैं. वह शेयर बाजार, पर्सनल फाइनेंस, टैक्स, सरकारी योजनाओं, बैंकिंग और रोजमर्रा की आर्थिक खबरों को सरल और सटीक भाषा में पाठकों तक पहुंचाती हैं. उनका फोकस ऐसी खबरें लिखने पर रहता है जो सीधे आम लोगों की जिंदगी और जेब पर असर डालती हैं.

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन
Sponsored Linksby Taboola