क्या UPI इस्तेमाल करने पर लगेगा चार्ज? वित्त मंत्री ने दूर किया भ्रम

Updated:
विज्ञापन

upi पेमेंट का सांकेतिक तस्वीर, फोटो एक्स

अगर आप UPI से लेनदेन करते हैं या दुकान पर क्यूआर कोड लगाकर पेमेंट लेते हैं, तो आपके लिए राहत भरी खबर है. भुगतान एवं निपटान प्रणाली अधिनियम 2007 में संशोधन के बाद भी आम ग्राहकों और छोटे दुकानदारों के लिए यूपीआई का इस्तेमाल पूरी तरह मुफ्त रहेगा.

विज्ञापन

भारतीय भुगतान परिषद (PCI) और वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने इस बारे में स्थिति पूरी तरह साफ कर दी है.

  • ग्राहकों के लिए शून्य शुल्क: आप चाहे जितना भी यूपीआई पेमेंट करें, आपसे कोई एक्स्ट्रा चार्ज शुल्क नहीं लिया जाएगा. छोटे कारोबारियों को भी राहत: छोटे व्यापारियों को पेमेंट स्वीकार करने पर कोई मर्चेंट डिस्काउंट रेट (MDR) या सर्विस चार्ज नहीं देना होगा.
  • बड़े कारोबारियों पर नियम: भविष्य में अगर बड़े बिजनेस या कंपनियों पर कोई सर्विस चार्ज लगाया भी जाता है, तो उसका असर आम ग्राहक पर बिल्कुल नहीं पड़ेगा.

क्या यूपीआई महंगा हो जाएगा? मंत्री निर्मला सीतारमण ने किया स्पष्ट

संसद में कानून संशोधन पास होने के बाद सोशल मीडिया पर यह चर्चा शुरू हो गई थी कि अब आम लोगों के लिए यूपीआई महंगा हो जाएगा. इस पर वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने स्पष्ट किया कि जो भी मर्चेंट चार्ज (MDR) होते हैं, वे ग्राहकों से नहीं बल्कि बड़े कारोबारियों से लिए जाते हैं. इस पैसे का इस्तेमाल बैंक और फिनटेक कंपनियां अपनी तकनीकी अवसंरचना और सुरक्षा को बेहतर बनाने के लिए करती हैं.

जयराम रमेश ने एमडीआर पर वित्त मंत्री के बयान को बताया भ्रामक

कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने वित्त मंत्री के बयान को भ्रामक बताया. उन्होंने दावा किया कि व्यापारी इस अतिरिक्त लागत का बोझ वस्तुओं और सेवाओं की कीमतों के माध्यम से उपभोक्ताओं पर ठीक वैसे ही डालेंगे जैसे क्रेडिट और डेबिट कार्ड से भुगतान के मामले में होता है. उन्होंने कहा, ''छोटे एवं मझोले कारोबारी, किराना दुकानदार और रेहड़ी-पटरी वाले भी 'मर्चेंट' की श्रेणी में आते हैं, जो यूपीआई को व्यापक रूप से अपनाए जाने की असली रीढ़ हैं.''


ये भी पढ़ें: एलपीजी सिलेंडर पर एक नया शुल्क लगाने की हो रही तैयारी, बढ़ेगा बजट


विज्ञापन
अरबिंद कुमार मिश्रा

लेखक के बारे में

By अरबिंद कुमार मिश्रा

अरबिंद कुमार मिश्रा मुख्यधारा की पत्रकारिता में 15 वर्षों से अधिक का अनुभव रखने वाले एक वरिष्ठ पत्रकार और लेखक हैं. वर्तमान में, वह प्रभात खबर डॉट कॉम (Prabhat Khabar) में सीनियर कंटेंट राइटर के रूप में अपनी सेवाएं दे रहे हैं. अरबिंद नेशनल, इंटरनेशनल और स्पोर्ट्स कैटेगरी में अपनी लेखनी के लिए जाने जाते हैं. गहरी रिसर्च पर आधारित स्पेशल स्टोरीज, रिपोर्टिंग और जटिल मुद्दों पर आसान भाषा में 'एक्सप्लेनर' लिखना उनकी मुख्य यूएसपी (USP) है.

झारखंड की समृद्ध संस्कृति और लोक परंपराओं में उनकी गहरी रुचि है. अपनी उत्कृष्ट और सरोकार से जुड़ी रिपोर्टिंग के लिए उन्हें संस्थान स्तर पर कई बार सम्मानित और पुरस्कृत भी किया जा चुका है.

करियर का सफरनामा

अरबिंद ने अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत देश की प्रतिष्ठित बहुभाषी न्यूज एजेंसी 'हिंदुस्थान समाचार' से बतौर रिपोर्टर की थी. इसके बाद उन्होंने प्रसार भारती के अंग दूरदर्शन और आकाशवाणी के साथ भी काम किया, जहां उन्होंने एंकरिंग, वॉइस-ओवर और रिपोर्टिंग के गुर सीखे. साल 2011 में वह 'प्रभात खबर डॉट कॉम' से जुड़े और तब से लगातार डिजिटल पत्रकारिता के क्षेत्र में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं.

प्रमुख उपलब्धियां और ग्राउंड रिपोर्टिंग

खेल पत्रकारिता और जमीनी रिपोर्टिंग में अरबिंद का योगदान उल्लेखनीय रहा है. उनकी कुछ सबसे बड़ी उपलब्धियों में शामिल हैं:

34वें राष्ट्रीय खेल: झारखंड में आयोजित ऐतिहासिक 34वें नेशनल गेम्स की बेहतरीन और व्यापक ग्राउंड रिपोर्टिंग.

अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट: रांची के जेएससीए (JSCA) स्टेडियम में आयोजित कई इंटरनेशनल क्रिकेट मैचों को करीब से कवर किया.

पुरुष हॉकी वर्ल्ड कप (2018): भुवनेश्वर में आयोजित वर्ल्ड कप के फाइनल मुकाबले की शानदार स्पोर्ट्स रिपोर्टिंग.

पंचायतनामा: प्रभात खबर के इस खास विंग के लिए ग्रामीण इलाकों का दौरा कर कई प्रेरक 'सक्सेस स्टोरीज' लिखीं.

शैक्षणिक योग्यता (Education & Credentials)

UGC NET: साल 2019 में यूजीसी नेट (UGC NET) की परीक्षा उत्तीर्ण की.

बैचलर ऑफ जर्नलिज्म (BJMC): रांची विश्वविद्यालय से साल 2011 में पत्रकारिता में स्नातक की डिग्री हासिल की.

एम.ए. (नागपुरी भाषा): रांची विश्वविद्यालय के 'जनजातीय एवं क्षेत्रीय भाषा विभाग' से साल 2009 में नागपुरी भाषा में स्नातकोत्तर (MA) की डिग्री हासिल की.

लेखन शैली और विशेषज्ञता: एक्सप्लेनर, रिसर्च बेस्ड स्टोरीज, स्पोर्ट्स जर्नलिज्म, इंटरनेशनल अफेयर्स और झारखंड की लोक-संस्कृति.

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन
Sponsored Linksby Taboola