ePaper

'कोरोना वायरस महामारी से वैश्विक अर्थव्यवस्था में आ सकती है 1 फीसदी की गिरावट'

Updated at : 02 Apr 2020 4:58 PM (IST)
विज्ञापन
'कोरोना वायरस महामारी से वैश्विक अर्थव्यवस्था में आ सकती है 1 फीसदी की गिरावट'

संयुक्त राष्ट्र ने कहा है कि कोरोना वायरस महामारी के कारण वैश्विक अर्थव्यवस्था 2020 में करीब एक फीसदी तक घट सकती है, जबकि पहले इसमें 2.5 फीसदी की वृद्धि का अनुमान था.

विज्ञापन

संयुक्त राष्ट्र : संयुक्त राष्ट्र ने कहा है कि कोरोना वायरस महामारी के कारण वैश्विक अर्थव्यवस्था 2020 में करीब एक फीसदी तक घट सकती है, जबकि पहले इसमें 2.5 फीसदी की वृद्धि का अनुमान था. इसके साथ ही, संयुक्त राष्ट्र ने चेतावनी देते हुए कहा है कि यदि पर्याप्त वित्तीय राहत का इंतजाम किये बिना आर्थिक गतिविधियों पर प्रतिबंध बढ़ाया जाता है, तो ये गिरावट और अधिक हो सकती है.

संयुक्त राष्ट्र के आर्थिक और सामाजिक मामलों के विभाग (डीईएसए) के एक विश्लेषण में कहा गया है कि कोविड-19 महामारी वैश्विक आपूर्ति श्रृंखलाओं और अंतरराष्ट्रीय व्यापार को बाधित कर रही है. पिछले महीने के दौरान लगभग 100 देशों के राष्ट्रीय सीमाओं को बंद करने से लोगों की आवाजाही और पर्यटन में एक डरावना ठहराव आ गया है.

डीईएसए ने कहा कि इन देशों में लाखों श्रमिकों को अपनी नौकरी खोने की आशंका का सामना करना पड़ रहा है. सरकारें अपनी अर्थव्यवस्थाओं को मंदी में जाने से रोकने के लिए बड़े प्रोत्साहन पैकेजों पर विचार कर रही हैं. सबसे खराब स्थिति में वैश्विक अर्थव्यवस्था 2020 में 0.9 फीसदी तक गिरावट दर्ज कर सकती है.

इसके साथ ही, डीईएसए ने अगर हालात संभल गये, तो भी इस साल वैश्विक अर्थव्यवस्था 1.2 फीसदी तक की वृद्धि दर्ज कर सकती है, लेकिन ऐसा तभी होगा, जब निजी खपत में मामूली गिरावट हो और निवेश, निर्यात तथा सरकारी खर्च में वृद्धि हो.

संस्था ने कहा कि वैश्विक अर्थव्यवस्था 2009 में 1.7 फीसदी घटी थी. डीईएसए ने कहा है कि यदि सरकारों आम लोगों को आर्थिक सहायता और उपभोक्ता खर्च बढ़ाने में मदद करने में विफल रही तो ये नुकसान और भी अधिक हो सकता है.

विज्ञापन
KumarVishwat Sen

लेखक के बारे में

By KumarVishwat Sen

कुमार विश्वत सेन प्रभात खबर डिजिटल में डेप्यूटी चीफ कंटेंट राइटर हैं. इनके पास हिंदी पत्रकारिता का 25 साल से अधिक का अनुभव है. इन्होंने 21वीं सदी की शुरुआत से ही हिंदी पत्रकारिता में कदम रखा. दिल्ली विश्वविद्यालय से हिंदी पत्रकारिता का कोर्स करने के बाद दिल्ली के दैनिक हिंदुस्तान से रिपोर्टिंग की शुरुआत की. इसके बाद वे दिल्ली में लगातार 12 सालों तक रिपोर्टिंग की. इस दौरान उन्होंने दिल्ली से प्रकाशित दैनिक हिंदुस्तान दैनिक जागरण, देशबंधु जैसे प्रतिष्ठित अखबारों के साथ कई साप्ताहिक अखबारों के लिए भी रिपोर्टिंग की. 2013 में वे प्रभात खबर आए. तब से वे प्रिंट मीडिया के साथ फिलहाल पिछले 10 सालों से प्रभात खबर डिजिटल में अपनी सेवाएं दे रहे हैं. इन्होंने अपने करियर के शुरुआती दिनों में ही राजस्थान में होने वाली हिंदी पत्रकारिता के 300 साल के इतिहास पर एक पुस्तक 'नित नए आयाम की खोज: राजस्थानी पत्रकारिता' की रचना की. इनकी कई कहानियां देश के विभिन्न पत्र-पत्रिकाओं में प्रकाशित हुई हैं.

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन
Sponsored Linksby Taboola