अब बाहर से खाना मंगाना हुआ और महंगा, स्विगी ने भी बढ़ाई प्लेटफॉर्म फीस, जानें आपकी जेब पर कितना पड़ेगा असर

Updated at : 25 Mar 2026 12:09 PM (IST)
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Swiggy & Zomato Platform Fee Hike

3 साल में ₹2 से ₹17 तक प्लेटफॉर्म चार्ज (फोटो/X)

Swiggy & Zomato Platform Fee Hike: स्विगी ने प्लेटफॉर्म फीस 17% बढ़ाकर ₹17.58 कर दी है. जोमैटो के बाद अब स्विगी से खाना मंगाना भी महंगा हो गया है. बढ़ती ऑपरेटिंग लागत के कारण यह फैसला लिया गया है.

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Swiggy & Zomato Platform Fee Hike: ऑनलाइन फूड डिलीवरी के शौकीनों के लिए एक बुरी खबर है. जोमैटो के बाद अब दिग्गज कंपनी स्विगी (Swiggy) ने भी अपने प्लेटफॉर्म फीस में भारी बढ़ोतरी कर दी है. 24 मार्च 2026 से लागू हुए इन नए नियमों के बाद अब हर ऑर्डर पर ग्राहकों को पहले के मुकाबले ज्यादा पैसे चुकाने होंगे.

प्लेटफॉर्म फीस में 17% का बड़ा इजाफा

स्विगी ने अपने हर ऑर्डर पर ली जाने वाली प्लेटफॉर्म फीस को ₹14 से बढ़ाकर ₹17.58 (GST सहित) कर दिया है. यानी अब आपको हर बार खाना ऑर्डर करने पर ₹3.58 अधिक देने होंगे. कंपनी का कहना है कि डिलीवरी ऑपरेशंस की बढ़ती लागत और संचालन खर्चों को मैनेज करने के लिए यह कदम उठाना जरूरी था.

3 साल में ₹2 से ₹17 तक का सफर

दिलचस्प बात यह है कि जब अप्रैल 2023 में पहली बार प्लेटफॉर्म फीस शुरू हुई थी, तब यह मात्र ₹2 थी. पिछले 3 सालों में कंपनी ने इसे कई बार बढ़ाया है.

  • अप्रैल 2023: ₹2 (शुरुआत)
  • अक्टूबर 2024: ₹10
  • अक्टूबर 2025: ₹14
  • मार्च 2026: ₹17.58 (वर्तमान)

जोमैटो और स्विगी अब एक समान

हाल ही में 20 मार्च को जोमैटो ने भी अपनी फीस बढ़ाकर ₹14.90 (बिना GST) कर दी थी. टैक्स जुड़ने के बाद अब जोमैटो और स्विगी दोनों की प्रभावी फीस लगभग ₹17.58 के बराबर हो गई है. यानी अब आप किसी भी ऐप से खाना मंगाएं, आपको लगभग एक जैसा ही एक्स्ट्रा चार्ज देना होगा.

क्या होती है प्लेटफॉर्म फीस

प्लेटफॉर्म फीस वह फिक्स्ड चार्ज है जो आपके खाने के बिल, रेस्टोरेंट चार्ज और डिलीवरी फीस के अलावा वसूला जाता है.

  • समान शुल्क: चाहे आपका ऑर्डर ₹200 का हो या ₹2000 का, यह फीस हर ऑर्डर पर एक समान रहती है.
  • कारण: कंपनियां इस पैसे का इस्तेमाल अपनी टेक्नोलॉजी को बेहतर बनाने, कस्टमर सपोर्ट और ऐप के संचालन खर्चों को निकालने के लिए करती हैं.

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Abhishek Pandey

लेखक के बारे में

By Abhishek Pandey

अभिषेक पाण्डेय पिछले 2 वर्षों से प्रभात खबर (Prabhat Khabar) में डिजिटल जर्नलिस्ट के रूप में कार्यरत हैं। उन्होंने पत्रकारिता के प्रतिष्ठित संस्थान 'दादा माखनलाल की बगिया' यानी माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय, भोपाल (MCU) से मीडिया की बारीकियां सीखीं और अपनी शैक्षणिक योग्यता पूरी की है। अभिषेक को वित्तीय जगत (Financial Sector) और बाजार की गहरी समझ है। वे नियमित रूप से स्टॉक मार्केट (Stock Market), पर्सनल फाइनेंस, बजट और बैंकिंग जैसे जटिल विषयों पर गहन शोध के साथ विश्लेषणात्मक लेख लिखते हैं। इसके अतिरिक्त, इंडस्ट्री न्यूज, MSME सेक्टर, एग्रीकल्चर (कृषि) और केंद्र व राज्य सरकार की सरकारी योजनाओं (Sarkari Yojana) का प्रभावी विश्लेषण उनके लेखन के मुख्य क्षेत्र हैं। आम जनमानस से जुड़ी यूटिलिटी (Utility) खबरों और प्रेरणादायक सक्सेस स्टोरीज को पाठकों तक पहुँचाने में उनकी विशेष रुचि है। तथ्यों की सटीकता और सरल भाषा अभिषेक के लेखन की पहचान है, जिसका उद्देश्य पाठकों को हर महत्वपूर्ण बदलाव के प्रति जागरूक और सशक्त बनाना है।

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