क्या है 'STT' जिसने निवेशकों में मचाया कोहराम, सोशल मीडिया में आया meme का बाढ़

STT Charges
STT Charges: आखिर STT क्या है और बजट 2026 में इसमें कितनी बढ़ोतरी हुई? जानिए शेयर बाजार के लेन-देन पर लगने वाले इस टैक्स के नए नियम और ट्रेडर्स पर इसके असर की पूरी जानकारी.
STT Charges: फाइनेंस मिनिस्टर निर्मला सीतारमण द्वारा पेश किए गए बजट 2026 के बाद शेयर बाजार (दलाल स्ट्रीट) में भारी गिरावट देखने को मिली थी. सेंसेक्स करीब 1843 अंक और निफ्टी 593 अंक तक लुढ़क गया था. इस गिरावट की सबसे बड़ी वजह बनी सिक्योरिटीज ट्रांजैक्शन टैक्स (STT) में की गई भारी बढ़ोतरी है. तो आइए समझते हैं कि आखिर एसटीटी क्या है.
यह STT आखिर होता क्या है?
STT यानी सिक्योरिटीज ट्रांजैक्शन टैक्स एक तरह का टैक्स है जो भारत सरकार द्वारा शेयर बाजार के लेन-देन पर वसूला जाता है. जब भी आप नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) या बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (BSE) पर शेयर या डेरिवेटिव्स (F&O) खरीदते या बेचते हैं, तो सरकार आपसे एक छोटा सा हिस्सा टैक्स के रूप में लेती है. यह टैक्स आपके मुनाफे (Profit) पर नहीं, बल्कि आपकी कुल ट्रांजैक्शन वैल्यू पर लगता है. यानी अगर आपको घाटा भी हुआ है, तब भी आपको STT तो देना ही पड़ेगा.
बजट में नया क्या बदलाव हुआ है?
सरकार ने फ्यूचर्स एंड ऑप्शंस (F&O) ट्रेडिंग पर टैक्स को काफी बढ़ा दिया है, जिससे ट्रेडिंग करना अब महंगा हो जाएगा. तो जानिए कितना महंगा हुआ है.
- फ्यूचर्स पर: टैक्स 0.02% से बढ़ाकर 0.05% कर दिया गया है (150% की बढ़ोतरी).
- ऑप्शन्स पर: टैक्स 0.10% से बढ़ाकर 0.15% कर दिया गया है (50% की बढ़ोतरी).
इसका सीधा मतलब है कि ट्रेडर्स को अब हर सौदे पर पहले के मुकाबले कहीं ज्यादा पैसे सरकार को देने होंगे.
इससे किस पर सबसे ज्यादा असर पड़ेगा?
इस फैसले का सबसे बुरा असर उन लोगों पर पड़ेगा जो मार्केट में बहुत एक्टिव रहते हैं.
- इंट्राडे और F&O ट्रेडर्स: जो दिन भर में कई बार खरीद-बिक्री करते हैं, उनका मुनाफा इस टैक्स की वजह से कम हो जाएगा.
- विदेशी निवेशक (FPIs): ग्लोबल फंड्स के लिए अब भारत में ट्रेडिंग करना महंगा हो गया है, जिससे वे अपना पैसा दूसरे देशों में ले जा सकते हैं.
- वॉल्यूम में कमी: जानकारों का मानना है कि टैक्स बढ़ने से बाजार में सौदों की संख्या कम हो सकती है, जिससे मार्केट की रफ्तार धीमी पड़ सकती है.
अब आते है सोशल मीडिया की Memes पर
All types of investors right now. #Budget2026 pic.twitter.com/Z4KT1fkaJh
— Sagar (@sagarcasm) February 1, 2026
Salaried class looking at Nirmala Sitharaman for tax relief#Budget2026 pic.twitter.com/wxrvYtHRF1
— Lalith (@lalitgrateful) February 1, 2026
ये भी पढ़ें: कमाई के लिए बेस्ट है फरवरी का पहला हफ्ता, खुलेंगे 4 IPO और 6 कंपनियों की होगी लिस्टिंग
प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी
लेखक के बारे में
By Soumya Shahdeo
सौम्या शाहदेव ने बैचलर ऑफ़ आर्ट्स इन इंग्लिश लिटरेचर में ग्रेजुएशन किया है और वह इस समय प्रभात खबर डिजिटल के बिजनेस सेक्शन में कॉन्टेंट राइटर के रूप में काम कर रही हैं. वह ज़्यादातर पर्सनल फाइनेंस से जुड़ी खबरें लिखती हैं, जैसे बचत, निवेश, बैंकिंग, लोन और आम लोगों से जुड़े पैसे के फैसलों के बारे में. इसके अलावा, वह बुक रिव्यू भी करती हैं और नई किताबों व लेखकों को पढ़ना-समझना पसंद करती हैं. खाली समय में उन्हें नोवेल्स पढ़ना और ऐसी कहानियाँ पसंद हैं जो लोगों को आगे बढ़ने की प्रेरणा देती हैं.
Prabhat Khabar App :
देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए




