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फर्जी मैसेज से सावधान! सेबी ने निवेशकों को किया सतर्क

Updated at : 04 Jun 2025 10:27 PM (IST)
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SEBI: भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड (सेबी) ने निवेशकों को आगाह किया है कि कुछ जालसाज खुद को सेबी अधिकारी बताकर फर्जी संदेश भेज रहे हैं और निजी जानकारी व पैसे की मांग कर रहे हैं. सेबी ने बताया कि इन संदेशों में उसका लेटरहेड, लोगो और मुहर तक नकली ढंग से इस्तेमाल किए जा रहे हैं. निवेशकों को सलाह दी गई है कि वे ऐसे किसी भी संचार को सेबी की आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर सत्यापित करें और सतर्क रहें.

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SEBI: भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड (सेबी) ने निवेशकों को आगाह किया है कि कुछ धोखेबाज लोग खुद को सेबी अधिकारी बताकर झूठे मैसेज भेज रहे हैं. इन संदेशों के जरिए निवेशकों से निजी जानकारी और पैसे की मांग की जा रही है. सेबी ने बताया कि कुछ मामलों में जालसाजों ने सेबी के लेटरहेड, लोगो और मुहर का गलत इस्तेमाल किया है, ताकि उनके फर्जी संदेश असली लगें. इससे भ्रमित होकर कई निवेशक इन संदेशों को सही मान सकते हैं और ठगी का शिकार हो सकते हैं.

सोशल मीडिया के जरिए धोखा

कुछ धोखेबाज सोशल मीडिया पर भी ऐसे फर्जी नोटिस पोस्ट कर रहे हैं, जिनमें यह दावा किया जा रहा है कि अगर निवेशक ने जुर्माना नहीं भरा तो उसके खिलाफ कार्रवाई होगी. इतना ही नहीं, उन्होंने फर्जी बिक्री प्रमाण पत्र भी बनाए हैं, जिसमें यह दिखाया गया है कि पीएसीएल की संपत्ति खरीदी गई है. साथ ही, नकली विक्रेता खातों का इस्तेमाल करने के भी प्रमाण पत्र जारी किए गए हैं.

निवेशकों को सतर्क रहने की सलाह

सेबी ने आम जनता और निवेशकों से अपील की है कि वे ऐसे किसी भी संदेश को गंभीरता से लेने से पहले उसकी पुष्टि जरूर करें. उन्होंने सुझाव दिया है कि सभी संदेशों और नोटिसों को सेबी की आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर जांचें.

सेबी के आदेशों में होती है संदर्भ संख्या

सेबी ने बताया कि उनके द्वारा जारी किए गए सभी आदेशों में एक विशिष्ट संदर्भ संख्या होती है. यह संख्या सभी प्रकार के आधिकारिक पत्र, नोटिस, कारण बताओ नोटिस और समन में दी जाती है.

दस्तावेज़ सत्यापन प्रणाली भी उपलब्ध

निवेशकों की मदद के लिए सेबी ने एक दस्तावेज़ सत्यापन प्रणाली भी शुरू की है. इसके जरिए कोई भी व्यक्ति किसी दस्तावेज की वैधता की जांच कर सकता है. यह सुविधा सेबी की वेबसाइट पर उपलब्ध है.

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फर्जी मैसेज से सतर्क रहें निवेशक

निवेशकों को ऐसे फर्जी संदेशों से सतर्क रहना चाहिए और किसी भी तरह की सूचना या भुगतान की मांग पर सीधे सेबी की वेबसाइट या आधिकारिक चैनलों से पुष्टि करनी चाहिए. सतर्कता ही आपकी पूंजी की सुरक्षा की पहली शर्त है.

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KumarVishwat Sen

लेखक के बारे में

By KumarVishwat Sen

कुमार विश्वत सेन प्रभात खबर डिजिटल में डेप्यूटी चीफ कंटेंट राइटर हैं. इनके पास हिंदी पत्रकारिता का 25 साल से अधिक का अनुभव है. इन्होंने 21वीं सदी की शुरुआत से ही हिंदी पत्रकारिता में कदम रखा. दिल्ली विश्वविद्यालय से हिंदी पत्रकारिता का कोर्स करने के बाद दिल्ली के दैनिक हिंदुस्तान से रिपोर्टिंग की शुरुआत की. इसके बाद वे दिल्ली में लगातार 12 सालों तक रिपोर्टिंग की. इस दौरान उन्होंने दिल्ली से प्रकाशित दैनिक हिंदुस्तान दैनिक जागरण, देशबंधु जैसे प्रतिष्ठित अखबारों के साथ कई साप्ताहिक अखबारों के लिए भी रिपोर्टिंग की. 2013 में वे प्रभात खबर आए. तब से वे प्रिंट मीडिया के साथ फिलहाल पिछले 10 सालों से प्रभात खबर डिजिटल में अपनी सेवाएं दे रहे हैं. इन्होंने अपने करियर के शुरुआती दिनों में ही राजस्थान में होने वाली हिंदी पत्रकारिता के 300 साल के इतिहास पर एक पुस्तक 'नित नए आयाम की खोज: राजस्थानी पत्रकारिता' की रचना की. इनकी कई कहानियां देश के विभिन्न पत्र-पत्रिकाओं में प्रकाशित हुई हैं.

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