Rules Change : मृत माता-पिता के शेयर और म्यूचुअल फंड पाना हुआ आसान, अब वसीयत और PAN का झंझट खत्म
Rules Change : सेबी (SEBI) ने मृत व्यक्तियों के निवेश (शेयर और म्यूचुअल फंड) को उनके कानूनी वारिसों के नाम ट्रांसफर करने के नियमों को बेहद आसान बना दिया है. सेबी ने क्लेम की सीमा को दोगुना करने के साथ ही कई जरूरी दस्तावेजों की अनिवार्यता खत्म कर दी है. जानिए पूरी डिटेल.
Rules Change : अक्सर किसी व्यक्ति की मृत्यु के बाद उसके बच्चों या कानूनी वारिसों के लिए मृत माता-पिता के निवेश (जैसे शेयर और म्यूचुअल फंड) को अपने नाम पर ट्रांसफर करवाना एक बड़ा सिरदर्द साबित होता था.
इसके लिए महीनों कोर्ट-कचहरी के चक्कर काटने पड़ते थे और ढेरों कागजात जमा करने होते थे. लेकिन अब ऐसा नहीं होगा. शेयर बाजार के नियामक सेबी (SEBI) ने इस पूरी प्रक्रिया को बेहद सरल, सस्ता और तेज बनाने के लिए नियमों में एक ऐतिहासिक बदलाव किया है.
अब ‘पैन’ (PAN) कार्ड दोबारा देने की जरूरत नहीं
सेबी ने अपनी 19 जून की बोर्ड बैठक में इस नए नियमों को मंजूरी दी है. नए नियम के तहत अब शेयर या म्यूचुअल फंड ट्रांसफर करवाते समय बार-बार पैन (PAN) कार्ड की कॉपी जमा करने की जरूरत नहीं होगी. सेबी का कहना है कि जब वारिस अपना डीमैट खाता खोलता है, तो उसके पैन की जानकारी पहले से ही सिस्टम में मौजूद होती है, इसलिए दोबारा वही दस्तावेज मांगना पूरी तरह गैर-जरूरी है.
वसीयत के ‘प्रोबेट’ का झंझट हमेशा के लिए खत्म
इस बदलाव की सबसे बड़ी बात यह है कि अब वसीयत के ‘प्रोबेट’ (Probate) की अनिवार्यता को खत्म कर दिया गया है. प्रोबेट असल में कोर्ट की तरफ से जारी होने वाला एक कानूनी सर्टिफिकेट होता है, जो यह साबित करता है कि वसीयत असली है. इस सर्टिफिकेट को बनवाने में वारिसों के कई महीने बर्बाद हो जाते थे और मोटी कानूनी फीस भी देनी पड़ती थी. अब उत्तराधिकार कानूनों में हुए नए बदलावों को देखते हुए सेबी ने इसे पूरी तरह हटा दिया है.
क्लेम की लिमिट हुई दोगुनी
सेबी ने कम से कम कागजात के साथ क्लेम सेटल करने की लिमिट को बढ़ा दिया है ताकि छोटे निवेशकों को तुरंत राहत मिल सके.
| निवेश का प्रकार | पुरानी क्लेम लिमिट | नई क्लेम लिमिट (बढ़कर हुई) |
| फिजिकल होल्डिंग्स (कागजी शेयर) | ₹5 लाख | ₹10 लाख |
| डीमैट होल्डिंग्स (डिजिटल शेयर, म्यूचुअल फंड, गोल्ड ETF) | ₹15 लाख | ₹30 लाख |
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By Abhishek Pandey
अभिषेक पाण्डेय पिछले 2 वर्षों से प्रभात खबर (Prabhat Khabar) में डिजिटल जर्नलिस्ट के रूप में कार्यरत हैं। उन्होंने पत्रकारिता के प्रतिष्ठित संस्थान 'दादा माखनलाल की बगिया' यानी माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय, भोपाल (MCU) से मीडिया की बारीकियां सीखीं और अपनी शैक्षणिक योग्यता पूरी की है। अभिषेक को वित्तीय जगत (Financial Sector) और बाजार की गहरी समझ है। वे नियमित रूप से स्टॉक मार्केट (Stock Market), पर्सनल फाइनेंस, बजट और बैंकिंग जैसे जटिल विषयों पर गहन शोध के साथ विश्लेषणात्मक लेख लिखते हैं। इसके अतिरिक्त, इंडस्ट्री न्यूज, MSME सेक्टर, एग्रीकल्चर (कृषि) और केंद्र व राज्य सरकार की सरकारी योजनाओं (Sarkari Yojana) का प्रभावी विश्लेषण उनके लेखन के मुख्य क्षेत्र हैं। आम जनमानस से जुड़ी यूटिलिटी (Utility) खबरों और प्रेरणादायक सक्सेस स्टोरीज को पाठकों तक पहुँचाने में उनकी विशेष रुचि है। तथ्यों की सटीकता और सरल भाषा अभिषेक के लेखन की पहचान है, जिसका उद्देश्य पाठकों को हर महत्वपूर्ण बदलाव के प्रति जागरूक और सशक्त बनाना है।
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