Rupee vs Dollar: डॉलर के आगे रुपया हुआ ढेर, 95.58 के रिकॉर्ड निचले स्तर पर पहुंचा

Published by :Soumya Shahdeo
Updated at :12 May 2026 11:09 AM
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Rupee vs Dollar

रुपया बनाम डॉलर (Photo: AI)

Rupee vs Dollar: रुपये में आई ऐतिहासिक गिरावट ने बाजार की चिंता बढ़ा दी है. जानिए क्यों भारतीय रुपया लगातार कमजोर हो रहा है और इसका असर पेट्रोल-डीजल की कीमतों पर क्या होगा.

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Rupee vs Dollar: अमेरिकी डॉलर के मुकाबले भारतीय रुपया अपने अब तक के सबसे निचले स्तर 95.58 पर जा गिरा. सोमवार को यह 95.31 पर बंद हुआ था, लेकिन सिर्फ 24 घंटे के भीतर इसमें एक बड़ी गिरावट दर्ज की गई. इस गिरावट के पीछे सबसे बड़ी वजह कच्चे तेल की बढ़ती कीमतें और ईरान के साथ बढ़ता तनाव है.

रुपया आखिर गिर क्यों रहा है?

रुपये की इस कमजोरी का सीधा कनेक्शन ग्लोबल मार्केट से है. ईरान और अमेरिका के बीच तनाव बढ़ने के कारण ब्रेंट क्रूड की कीमतों में आग लगी हुई है. भारत अपनी जरूरत का 85% से ज्यादा कच्चा तेल दूसरे देशों से खरीदता है. जब तेल महंगा होता है, तो भारत को उसे खरीदने के लिए ज्यादा डॉलर खर्च करने पड़ते हैं. बाजार में डॉलर की मांग बढ़ने और रुपये की सप्लाई ज्यादा होने की वजह से इसकी वैल्यू कम हो रही है. साथ ही, विदेशी निवेशक भारतीय शेयर बाजार से अपना पैसा निकालकर सुरक्षित ठिकानों पर ले जा रहे हैं, जिससे रुपये पर दबाव और बढ़ गया है.

क्या RBI बचा पाएगा गिरता रुपया?

इस गिरावट को रोकने के लिए भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) पूरी तरह एक्टिव है. खबरों के मुताबिक, सरकारी बैंकों ने RBI के कहने पर मार्केट में डॉलर बेचे हैं ताकि रुपये की गिरावट को कुछ हद तक थामा जा सके. सेंट्रल बैंक ने विदेशी मुद्रा बाजार (Forex Market) के लिए कड़े नियम भी लागू किए हैं ताकि तेल कंपनियों की डॉलर डिमांड को मैनेज किया जा सके. एक्सपर्ट्स का मानना है कि अगर तनाव कम नहीं हुआ, तो आने वाले समय में रुपया 97 से 98 के स्तर तक भी जा सकता है.

महंगाई कितनी बढ़ने वाली है?

जब रुपया गिरता है, तो विदेशों से आने वाली हर चीज महंगी हो जाती है. इसमें पेट्रोल-डीजल के अलावा इलेक्ट्रॉनिक सामान, मोबाइल, और मशीनी पुर्जे शामिल हैं. ट्रांसपोर्टेशन महंगा होने से खाने-पीने की चीजों के दाम भी बढ़ सकते हैं. शेयर बाजार में भी इस गिरावट का असर दिख रहा है, जिससे निवेशकों के करोड़ों रुपये डूब गए हैं.

अब आगे क्या होगा?

फिलहाल पूरी दुनिया की नजरें मिडिल-ईस्ट के हालात पर हैं. राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने हाल ही में ईरान के साथ हुए सीजफायर को नाजुक बताया है. अगर वहां युद्ध जैसे हालात बनते हैं, तो तेल की सप्लाई बाधित होगी और रुपया और नीचे जा सकता है. सरकार ने पहले ही आम जनता और कारोबारियों को सलाह दी है कि वे फ्यूल का संभलकर इस्तेमाल करें और गैर-जरूरी विदेशी खर्चों में कटौती करें.

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Soumya Shahdeo

लेखक के बारे में

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सौम्या शाहदेव ने बैचलर ऑफ़ आर्ट्स इन इंग्लिश लिटरेचर में ग्रेजुएशन किया है और वह इस समय प्रभात खबर डिजिटल के बिजनेस सेक्शन में कॉन्टेंट राइटर के रूप में काम कर रही हैं. वह ज़्यादातर पर्सनल फाइनेंस से जुड़ी खबरें लिखती हैं, जैसे बचत, निवेश, बैंकिंग, लोन और आम लोगों से जुड़े पैसे के फैसलों के बारे में. इसके अलावा, वह बुक रिव्यू भी करती हैं और नई किताबों व लेखकों को पढ़ना-समझना पसंद करती हैं. खाली समय में उन्हें नोवेल्स पढ़ना और ऐसी कहानियाँ पसंद हैं जो लोगों को आगे बढ़ने की प्रेरणा देती हैं.

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