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Reliance Infra Share Price: अनिल अंबानी की कंपनी में लौटी रौनक, रिलायंस Infra में निवेशकों ने दिखाई दिलचस्पी

Updated at : 19 Jun 2025 2:48 PM (IST)
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Reliance Infra Share Price

Reliance Infra Share Price

Reliance Infra Share Price: अनिल अंबानी की कंपनी Reliance Infra में तेजी देखने को मिल रही है. रिलायंस की सब्सिडरी कंपनी Reliance Infrastructure के शेयरों में लगातार दूसरे दिन 4% की तेजी दर्ज की गई. जिससे निवेशकों में भरोसा और उत्साह दोनों नजर आ रहा है.

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Reliance Infra Share Price: रिलायंस शेयर प्राइस आज ट्रेंड कर रहे है. अनिल अंबानी की कंपनी रिलायंस इंफ्रास्ट्रक्चर लिमिटेड के शेयर आज सत्र में 4.2% की तेजी के साथ 405 रुपए के लेवल पर पहुंच गया हैं. इस तेजी के पीछे का कारण है रिलायंस इंफ्रास्ट्रक्चर कंपनी और फ्रांस की एयरोस्पेस सेक्टर की दिग्गज कंपनी डसॉल्ट एविएशन के साथ हुआ एक पार्टनरशिप डील. कल बुधवार को ये शेयर 5% की तेजी के साथ 386 रुपए के भाव पर कारोबार करके बंद हुआ था.

रिलायंस इंफ्रास्ट्रक्चर का शेयर

रिलायंस इंफ्रास्ट्रक्चर का शेयर पिछले 3 महीने में 64% और पिछले 1 महीने 42% का रिटर्न बनाकर दे चुका है.

इस पार्टनरशिप डील के तहत रिलायंस इन्फ्रास्ट्रक्चर की सब्सिडरी कंपनी रिलायंस एयरोस्ट्रक्चर और फ्रांस की डसॉल्ट दोनों कंपनी मिल करके भारत में बिजनेस जेट फाल्कन 2000 की मैन्युफैक्चरिंग करेंगी. फ्रांस की डसॉल्ट एविएशन कंपनी ऐसा पहली बार करने जा रही है जब वह अपने फाल्कन 2000 जेट मॉडल की फ्रांस के बाहर मैन्युफैक्चरिंग करेंगी.

क्या डील हुई है?

  • रिलायंस एयरोस्ट्रक्चर (रिलायंस की एक सब्सिडरी कंपनी) और फ्रांस की डसॉल्ट एविएशन ने एक समझौता किया है कि वे मिलकर भारत में फाल्कन 2000 बिजनेस जेट विमान बनाएंगे. यह समझौता पेरिस एयर शो के दौरान हुआ.
  • उम्मीद है कि भारत में बना पहला फाल्कन 2000 जेट 2028 तक तैयार हो जाएगा.
  • दोनों कंपनियां मिलकर नागपुर (महाराष्ट्र) में इसकी असेंबली लाइन (जहां विमान जोड़े जाएंगे) बनाएंगी.
  • अगर फाल्कन 2000 की मैन्युफैक्चरिंग सफल रहती है, तो भविष्य में फाल्कन 6एक्स और 8एक्स जैसे बड़े मॉडल भी भारत में बनाए जा सकते हैं.
  • अनिल अंबानी ने कहा कि यह समझौता दिखाता है कि रिलायंस प्रधानमंत्री मोदी की ‘आत्मनिर्भर भारत’ और ‘मेक इन इंडिया’ मुहिम को पूरा समर्थन दे रही है.
  • इससे पहले भी रिलायंस डिफेंस (रिलायंस की एक और सब्सिडरी कंपनी) ने जर्मनी की डीहल डिफेंस के साथ 10,000 करोड़ रुपये का समझौता किया था, जिसमें भारत में वुल्कैनो 155 मिमी गाइडेड गोले बनाए जाएंगे.

रिलायंस भारत में डिफेंस और एविएशन सेक्टर में बड़े पैमाने पर निर्माण कर रही है ताकि देश को तकनीकी रूप से आत्मनिर्भर बनाया जा सके.

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Shailly Arya

लेखक के बारे में

By Shailly Arya

मैं एक बिजनेस पत्रकार हूं और फिलहाल प्रभात खबर में काम कर रही हूं. इससे पहले मैंने इकोनॉमिक टाइम्स, दैनिक भास्कर और ABP न्यूज़ जैसे बड़े मीडिया संस्थानों में काम किया है. मुझे कुल मिलाकर 1.5 साल से ज्यादा का अनुभव है. फाइनेंसियल लिटरेसी के बारे में हर किसी को पता होना चाहिए. शेयर बाज़ार हो या म्यूचुअल फंड, मेरा मकसद है कि हर आम इंसान को समझ में आए कि उसका पैसा कैसे काम करता है और कैसे बढ़ता है. मैं मानती हूं जानकारी तभी काम की होती है जब वो समझ में आए. इसलिए मैं लाती हूं बिज़नेस की बड़ी ख़बरें, आसान शब्दों में और आपके लिए. आइए, बिजनेस की दुनिया को थोड़ा और आसान बनाएं साथ मिलकर.

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