ePaper

नोएडा में 10 साल पुराने 12 हजार से अधिक डीजल और पेट्रोल वाहनों का रद्द हुआ RC, जानें क्या है पूरा मामला

Updated at : 28 Jun 2021 3:22 PM (IST)
विज्ञापन
नोएडा में 10 साल पुराने 12 हजार से अधिक डीजल और पेट्रोल वाहनों का रद्द हुआ RC, जानें क्या है पूरा मामला

नयी दिल्ली : नोएडा प्राधिकरण (Noida authority) ने 12,000 से अधिक दस साल पुराने डीजल और पेट्रोल वाहनों के पंजीकरण प्रमाणपत्र (RC) को रद्द कर दिया है. अधिकारियों ने कहा कि 12,200 वाहनों की आरसी की वैधता अब समाप्त हो चुकी है. जी न्यूज की एक रिपोर्ट में दावा किया गया है कि ये सभी गाड़ियां दस साल पुरानी हो गयी थी और प्राधिकरण ने इनको सड़क पर नहीं चलने देने का फैसला किया है.

विज्ञापन

नयी दिल्ली : नोएडा प्राधिकरण (Noida authority) ने 12,000 से अधिक दस साल पुराने डीजल और पेट्रोल वाहनों के पंजीकरण प्रमाणपत्र (RC) को रद्द कर दिया है. अधिकारियों ने कहा कि 12,200 वाहनों की आरसी की वैधता अब समाप्त हो चुकी है. जी न्यूज की एक रिपोर्ट में दावा किया गया है कि ये सभी गाड़ियां दस साल पुरानी हो गयी थी और प्राधिकरण ने इनको सड़क पर नहीं चलने देने का फैसला किया है.

अधिकारियों ने कहा कि ऐसे वाहनों के मालिकों को लगातार नोटिस भेजे गये थे लेकिन उन्होंने ‘अनापत्ति प्रमाणपत्र’ (एनओसी) के लिए आवेदन नहीं किया. ये वाहन अब रडार पर हैं और सड़क पर देखे जाने पर दंडित किये जायेंगे. इससे पहले 18 जून को केंद्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय ने पीयूसी (प्रदूषण नियंत्रण में) प्रमाणपत्र के एक सामान्य प्रारूप के लिए अधिसूचना जारी की थी.

केंद्रीय मोटर वाहन नियम 1989 के तहत पूरे देश में एक समान पीयूसी प्रमाणपत्र जारी किया जायेगा. फाइनेंशियल एक्सप्रेस की एक खबर के मुताबिक 18 मार्च, 2021 को केंद्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने एक ‘स्वैच्छिक’ वाहन स्क्रैपिंग नीति की घोषणा की. इसका उद्देश्य वाहनों के प्रदूषण को कम करना है. साथ ही लोगों को पुराने गाड़ियों को स्क्रैप में देने के लिए प्रोत्साहित करना है.

सरकारी डेटा के मुताबिक वर्तमान में 51 लाख गाड़ियां 20 साल से पुराने हैं और इनके पास नवीनीकृत फिटनेस प्रमाणपत्र नहीं हैं. इसी प्रकार 34 लाख ऐसे वाहन हैं तो 15 साल से अधिक और 20 साल से कम के हैं और 17 लाख गाड़ियां 15 साल से कम पुराने हैं. इनके पास भी नवीनीकृत फिटनेस प्रमाणपत्र नहीं हैं.

Also Read: MG Motor की 20 लाख रुपये से सस्ती Electric Vehicle लाने की तैयारी
गाड़ियों के स्क्रैप के लिए क्या है सरकार का प्लान

केंद्र सरकार की नयी नीति के अनुसार स्क्रैप के लिए जाने वाले गाड़ियों के मालिक को मुआवजे के रूप में नये वाहन की एक्स-शोरूम कीमत का 4-6 फीसदी मिलेगा. उन्हें नये वाहन की खरीद पर 5 की छूट मिलेगी. इसके साथ ही निजी वाहनों के लिए रोड टैक्स पर 25 फीसदी की छूट का प्रावधान किया गया है. इसके साथ ही इस नीति में स्क्रैप किये गये वाहन के लिए जारी किये गये ‘स्क्रैप सर्टिफिकेट’ के प्रस्तुतीकरण पर खरीदे गये नये वाहन के लिए पंजीकरण शुल्क में छूट पर विचार किया जा रहा है.

पुरानी गाड़ियों के लिए अभी क्या हैं नियम

सभी निजी वाहनों को सड़कों पर चलने के लिए 20 वर्षों के बाद अनिवार्य स्वचालित फिटनेस परीक्षण से गुजरना होता है. वाणिज्यिक वाहनों के लिए यह सीमा 15 वर्ष है. यदि वे पास नहीं करते हैं, तो उन वाहनों का पंजीकरण रद्द कर दिया जाता है और परिवहन अधिकारियों द्वारा इन्हें ‘इंड ऑफ द लाइफ व्हीकल’ घोषित कर दिया जाता है. ऐसे गाड़ियों को तुरंत स्क्रैप कराना होता है और इनको सड़क पर चलाने की अनुमति नहीं होती है.

Posted By: Amlesh Nandan.

विज्ञापन
Prabhat Khabar Digital Desk

लेखक के बारे में

By Prabhat Khabar Digital Desk

यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन
Sponsored Linksby Taboola