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Prime Minister Modi@75: स्टार्टअप क्रांति से लेकर चौथी अर्थव्यवस्था के अमृतकाल तक का सफर, 35 प्वाइंट्स में पढ़ें A to Z

Updated at : 17 Sep 2025 10:25 AM (IST)
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Prime Minister Modi@75

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का आज 76वां जन्मदिन है.

Prime Minister Modi@75: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी बुधवार 17 सितंबर 2025 को 75 वर्ष के हो गए. आज उनका 76वां जन्मदिन है. उनके नेतृत्व में भारत चौथी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बना, स्टार्टअप क्रांति से लेकर डिजिटल इंडिया और मेक इन इंडिया जैसे अभियानों ने विकास की नई दिशा दी. विदेश नीति, जी20 अध्यक्षता और अनुच्छेद 370 हटाने जैसे साहसिक कदमों ने भारत की वैश्विक पहचान मजबूत की. आयुष्मान भारत, महिला एवं जनजातीय सशक्तिकरण से लेकर रक्षा आधुनिकीकरण तक मोदी का सफर देश को समावेशी विकास और आत्मनिर्भरता की राह पर अग्रसर करता है.

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Prime Minister Modi@75: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 17 सितंबर 2025 को 75 वर्ष के हो गए. उन्होंने 75 वर्ष की उम्र में भारत को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाते हुए इतिहास रचा है. तीसरी बार लगातार जीत से लेकर स्टार्टअप क्रांति, वैश्विक मान्यता और चौथी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनने तक उनकी यात्रा अद्वितीय रही है. दक्षिण भारत में राजनीतिक विस्तार, संघीय सहयोग, सांस्कृतिक संरक्षण और सामाजिक न्याय पर जोर ने उनके नेतृत्व को संतुलित और समावेशी बनाया. कोविड मैनेजमेंट, राष्ट्रीय सुरक्षा और रक्षा आधुनिकीकरण ने भारत की साख को मजबूत किया, जबकि डिजिटल इंडिया और मेक इन इंडिया ने विकास का नया अध्याय लिखा. आइए, प्रधानमंत्री मोदी के जन्मदिन पर उनके द्वारा देश के विकास के लिए उठाए गए कदमों के बारे में 35 प्वाइंट्स में सबकुछ जानते हैं.

प्रधानमंत्री मोदी का आर्थिक परिवर्तन और भारत का विकास

  • आर्थिक महाशक्ति का निर्माण: मोदी के नेतृत्व में भारत दुनिया की 5वीं सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बना और चौथी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनने की दिशा में अग्रसर है. विनिर्माण का हिस्सा 16% से बढ़कर 19% हुआ और डिजिटल लेन-देन 131 अरब सालाना तक पहुंचा.
  • स्टार्टअप क्रांति: 2014 में 350 कंपनियों से बढ़कर 2025 तक 1.6 लाख स्टार्टअप और 118 यूनिकॉर्न बने, जिनका मूल्य 100 अरब डॉलर से अधिक है.
  • बुनियादी ढांचा आधुनिकीकरण: राष्ट्रीय राजमार्ग निर्माण 12 किमी प्रतिदिन से बढ़कर 28 किमी प्रतिदिन हुआ और उड़ान योजना से 80 से अधिक नई हवाई सेवाएं शुरू हुईं.
  • डिजिटल इंडिया: यूपीआई और ई-गवर्नेंस से भारत दुनिया की अग्रणी डिजिटल अर्थव्यवस्था बना.
  • मेक इन इंडिया सफलता: 25 लाख करोड़ निवेश आकर्षित हुआ और 15 लाख नौकरियों का सृजन हुआ.

प्रधानमंत्री मोदी का सामाजिक न्याय और समावेशी विकास

  • गरीबी उन्मूलन: मोदी की नीतियों से 25 करोड़ लोग बहुआयामी गरीबी से बाहर निकले.
  • वित्तीय समावेशन: जनधन योजना के तहत 55.83 करोड़ नए खाते खुले, जिनमें 56% महिलाओं के नाम पर हैं.
  • स्वास्थ्य सेवा: आयुष्मान भारत योजना से 50.2 करोड़ लाभार्थियों को 5 लाख रुपये तक का बीमा कवर मिला.
  • महिला सशक्तिकरण: ट्रिपल तलाक कानून, नारी शक्ति वंदन अधिनियम और सेक्स रेशियो में सुधार (918 से 933).
  • स्वच्छ भारत मिशन: 12.2 करोड़ शौचालय बनाए गए, ग्रामीण स्वच्छता 38% से 100% हुई.

प्रधानमंत्री मोदी की वैश्विक मान्यता और राजनयिक नेतृत्व

  • रिकॉर्ड अंतरराष्ट्रीय सम्मान: पीएम मोदी को दुनिया भर के देशों से 27 सर्वोच्च नागरिक सम्मान मिले, जो अब तक किसी भी भारतीय प्रधानमंत्री को नहीं मिले.
  • भारत के विकास के लिए सबसे अधिक यात्रा करने वाले प्रधानमंत्री: उन्होंने 68 देशों की यात्रा की और 7 लाख किलोमीटर से अधिक दूरी तय की, जिससे भारत की वैश्विक भूमिका और सशक्त हुई.
  • जी20 नेतृत्व सफलता: 2023 में जी20 की अध्यक्षता के दौरान उन्होंने दिल्ली घोषणा को सर्वसम्मति से पारित कराया, जिसमें 40 से अधिक विश्व नेता शामिल हुए.
  • अंतरराष्ट्रीय सौर गठबंधन अध्यक्ष: 2026 तक दोबारा निर्वाचित होकर पीएम मोदी ने 120 सदस्य देशों के लिए 2.5 बिलियन डॉलर जुटाए.
  • वैश्विक राजनेता के रूप में पहचान: अंतरराष्ट्रीय नेता अक्सर मोदी की ऊर्जा और क्षमता की सराहना करते हैं. अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडेन ने भी उनकी सहनशक्ति की प्रशंसा की.

प्रधानमंत्री मोदी का जनजातीय गौरव और अल्पसंख्यक विकास

  • जनजातीय सशक्तिकरण: 15 नवंबर को “जनजातीय गौरव दिवस” घोषित किया और पीएम-जन्मान योजना से 24,000 करोड़ आवंटित किए.
  • वनाधिकार मान्यता: 18.5 लाख वनाधिकार पट्टे वितरित हुए.
  • मुस्लिम महिलाओं की आज़ादी: ट्रिपल तलाक कानून से 2.7 करोड़ महिलाओं को सुरक्षा मिली.
  • बहु-धार्मिक सौहार्द्र: करतारपुर कॉरिडोर, बौद्ध सर्किट में निवेश और मुद्रा लोन में 25% हिस्सेदारी अल्पसंख्यक उद्यमियों के लिए.

प्रधानमंत्री मोदी का सांस्कृतिक और आध्यात्मिक नेतृत्व

  • समावेशी सांस्कृतिक राष्ट्रवाद: राम मंदिर निर्माण से लेकर अंतरिक्ष मिशनों तक, पारंपरिक और आधुनिक भारत का संतुलन.
  • त्योहार कूटनीति: त्योहारों पर सेना के साथ जश्न और गंगा आरती जैसे आयोजन.
  • धरोहर संरक्षण: आदिवासी स्वतंत्रता सेनानी संग्रहालय और सांस्कृतिक परंपराओं का संवर्धन.
  • योग को वैश्विक पहचान: अंतरराष्ट्रीय योग दिवस से योग को विश्व स्तर पर लोकप्रिय बनाया.

प्रधानमंत्री मोदी का कोविड मैनेजमेंट और राष्ट्रीय सुरक्षा

  • कोविड मैनेजमेंट: दुनिया का सबसे बड़ा टीकाकरण अभियान, 220.5 करोड़ खुराकें और 95% वयस्क कवरेज.
  • सुरक्षा कार्रवाई: पुलवामा-बालाकोट के बाद सर्जिकल स्ट्राइक.
  • रक्षा आधुनिकीकरण: रक्षा उत्पादन 174% बढ़कर 1.27 लाख करोड़ और रक्षा निर्यात 23,622 करोड़ रुपये.
  • अनुच्छेद 370 हटाना: जम्मू-कश्मीर का पूर्ण एकीकरण, आतंक घटनाओं में 70% कमी और पर्यटन में 120% वृद्धि.

प्रधानमंत्री मोदी की व्यक्तिगत विशेषताएं और कार्यशैली

  • अथक परिश्रम: 75 वर्ष की आयु में भी प्रतिदिन 18 घंटे काम और रियल-टाइम डैशबोर्ड से निगरानी.
  • प्रधान सेवक दर्शन: खुद को प्रधानमंत्री नहीं बल्कि प्रधान सेवक मानना, जिससे शासन व्यवस्था में सेवा और समर्पण की संस्कृति को बढ़ावा मिला.

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प्रधानमंत्री मोदी का राजनीतिक सफर

  • अभूतपूर्व तीसरी बार जीत: 75 वर्ष की उम्र में प्रधानमंत्री मोदी ने वह उपलब्धि हासिल की, जो अब तक केवल एक प्रधानमंत्री ने पाई थी. लगातार तीन बार प्रधानमंत्री पद जीतना, जिससे उनके व्यापक जनाधार और विविध क्षेत्रों में अपील का पता चलता है.
  • दक्षिण भारत में सफलता: पारंपरिक चुनौतियों के बावजूद, पीएम मोदी ने दक्षिण भारत में महत्वपूर्ण बढ़त बनाई. हाल के वर्षों में उन्होंने कर्नाटक, तमिलनाडु, केरल, आंध्र प्रदेश और तेलंगाना के 50 से अधिक दौरे किए, जिससे हिंदी पट्टी से परे पुल बनाए.
  • सर्वदलीय सम्मान: पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी और पूर्व प्रधानमंत्री एचडी देवगौड़ा की तरह पीएम मोदी को भी अप्रत्याशित राजनीतिक वर्गों से सम्मान मिला. यहां तक कि पूर्व प्रधानमंत्री देवगौड़ा ने भी स्वीकार किया कि मोदी की वक्तृत्व कला वाजपेयी से बेहतर है.
  • संघीय सहयोग: पीएम मोदी विपक्ष शासित राज्यों से भी कामकाजी रिश्ते बनाए रखते हैं और सुनिश्चित करते हैं कि विकास कार्य राजनीतिक मतभेदों से प्रभावित न हों. यह परिपक्व संवैधानिक शासन और संघवाद का उदाहरण है.
  • एकता में विविधता के संवाहक: “एक भारत श्रेष्ठ भारत”, “सबका साथ, सबका विकास”, और “सबका विश्वास” जैसे अभियानों के माध्यम से उन्होंने सांस्कृतिक आदान-प्रदान, भाषाई और सांस्कृतिक विविधता का उत्सव और समावेशी विकास व आपसी विश्वास को मजबूत किया.

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KumarVishwat Sen

लेखक के बारे में

By KumarVishwat Sen

कुमार विश्वत सेन प्रभात खबर डिजिटल में डेप्यूटी चीफ कंटेंट राइटर हैं. इनके पास हिंदी पत्रकारिता का 25 साल से अधिक का अनुभव है. इन्होंने 21वीं सदी की शुरुआत से ही हिंदी पत्रकारिता में कदम रखा. दिल्ली विश्वविद्यालय से हिंदी पत्रकारिता का कोर्स करने के बाद दिल्ली के दैनिक हिंदुस्तान से रिपोर्टिंग की शुरुआत की. इसके बाद वे दिल्ली में लगातार 12 सालों तक रिपोर्टिंग की. इस दौरान उन्होंने दिल्ली से प्रकाशित दैनिक हिंदुस्तान दैनिक जागरण, देशबंधु जैसे प्रतिष्ठित अखबारों के साथ कई साप्ताहिक अखबारों के लिए भी रिपोर्टिंग की. 2013 में वे प्रभात खबर आए. तब से वे प्रिंट मीडिया के साथ फिलहाल पिछले 10 सालों से प्रभात खबर डिजिटल में अपनी सेवाएं दे रहे हैं. इन्होंने अपने करियर के शुरुआती दिनों में ही राजस्थान में होने वाली हिंदी पत्रकारिता के 300 साल के इतिहास पर एक पुस्तक 'नित नए आयाम की खोज: राजस्थानी पत्रकारिता' की रचना की. इनकी कई कहानियां देश के विभिन्न पत्र-पत्रिकाओं में प्रकाशित हुई हैं.

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