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कोलकाता में टमाटर कड़ाही से बाहर, बैंगन किचेन से आउट

Updated at : 09 Jul 2024 5:34 PM (IST)
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कोलकाता में टमाटर कड़ाही से बाहर, बैंगन किचेन से आउट

tomato brinjal price

Price Hike: कोलकाता के बाजारों में सब्जियों, अंडे और पॉल्ट्री मांस की खुदरा कीमतें ऊंची होने के कारण आम आदमी को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है. शहर के कई बाजारों में सब्जी विक्रेताओं ने बताया कि टमाटर की कीमतें एक महीने पहले के 45-50 रुपये से बढ़कर 80-100 रुपये प्रति किलोग्राम हो गई हैं.

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Price Hike: पश्चिम बंगाल की राजधानी कोलकाता में टमाटर, बैंगन समेत हरी सब्जियों, अंडा और पॉल्ट्री उत्पाद की कीमतों में बेतहाशा बढ़ोतरी हो गई है, जिसकी वजह से आम आदमी काफी परेशान है. अंडा-मुर्गी के दाम आसमान पर पहुंच गए हैं. पिछले एक महीने के दौरान बैंगन की कीमत में 150 प्रतिशत से अधिक की बढ़ोतरी दर्ज की गई है. करेला, हरी मिर्च और लौकी जैसी दूसरी सब्जियों की कीमत में भी करीब 50 फीसदी तक बढ़ोतरी हो गई है.

कोलकाता में टमाटर 100 और बैंगन 140 रुपये किलो

मीडिया की रिपोर्ट के अनुसार, कोलकाता के बाजारों में सब्जियों, अंडे और पॉल्ट्री मांस की खुदरा कीमतें ऊंची होने के कारण आम आदमी को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है. शहर के कई बाजारों में सब्जी विक्रेताओं ने बताया कि टमाटर की कीमतें एक महीने पहले के 45-50 रुपये से बढ़कर 80-100 रुपये प्रति किलोग्राम हो गई हैं. बैंगन 110-140 रुपये प्रति किलोग्राम पर बिक रहा है, जो जून की शुरुआत के दाम के मुकाबले करीब 150 प्रतिशत की बढ़ोतरी है. करेला, हरी मिर्च और लौकी जैसी कई अन्य सब्जियों की कीमतों में भी औसतन 50 प्रतिशत की वृद्धि हुई है. स्थानीय बाजारों में अंडे और पॉल्ट्री मांस की कीमतों में 20-30 प्रतिशत की वृद्धि हुई है.

दूसरे राज्यों से बंगाल में आ रहा है टमाटर

कृषि मंत्री सोभनदेव चट्टोपाध्याय ने कहा कि केंद्र सरकार की ओर से उर्वरकों और परिवहन सब्सिडी में किसानों के लिए सहायता कम करने के बाद लोगों को महंगाई की मार झेलनी पड़ रही है, जबकि जलवायु परिस्थितियों ने भी स्थिति को और खराब कर दिया है. समाचार एजेंसी पीटीआई की रिपोर्ट के अनुसार, पश्चिम बंगाल विक्रेता संघ ने कहा कि अब बंगाल में टमाटर दूसरे राज्यों से आ रहा है. लू और भारी बारिश के कारण बेंगलुरु और हिमाचल प्रदेश से टमाटर की आपूर्ति कम हो गई है. इसकी वजह यह है कि उत्पादन भी प्रभावित हुआ है.

कच्चे माल की कीमत में बढ़ोतरी से किसान प्रभावित

तृणमूल कांग्रेस के नेता सोभनदेव चट्टोपाध्याय ने कहा कि पश्चिम बंगाल सरकार हमारे किसानों को लगातार मदद कर रही है. किसान कच्चे माल की लागत में वृद्धि से प्रभावित हैं. दूसरी ओर, केंद्र विभिन्न सब्सिडी में कटौती कर रहा है. इसलिए किसान और आम आदमी दोनों ही परेशान हैं. उन्होंने कहा कि राज्य सरकार के पास खुदरा वितरण नेटवर्क सुफल बांग्ला है, जिसकी दुकानों पर सब्जियां तथा खाद्य सामग्री उचित मूल्य पर बेची जाती है.

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सुफल बांग्ला में टमाटर 65 रुपये किलो

सोभनदेव चट्टोपाध्याय ने कहा कि सुफल बांग्ला में टमाटर की कीमत 65 रुपये प्रति किलोग्राम है, जबकि खुदरा बाजार में इसकी कीमत न्यूनतम 80 रुपये है. करेला 72 रुपये प्रति किलोग्राम और बैंगन 102 रुपये प्रति किलोग्राम पर बिक रहा है, जो 10-20 प्रतिशत सस्ता है. हम दुकानों की संख्या 484 से बढ़ाने की योजना बना रहे हैं. वहीं, गृहिणी मानषी सान्याल ने कहा कि पिछले तीन सप्ताह में सब्जियों, अंडों और मांस के दामों में उछाल आया है. टमाटर के दाम दोगुने हो गए हैं और प्याज की कीमतें भी बढ़ती जा रही हैं. आवश्यक वस्तुओं की महंगाई हमें किसी न किसी तरह से परेशान कर रही है.

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KumarVishwat Sen

लेखक के बारे में

By KumarVishwat Sen

कुमार विश्वत सेन प्रभात खबर डिजिटल में डेप्यूटी चीफ कंटेंट राइटर हैं. इनके पास हिंदी पत्रकारिता का 25 साल से अधिक का अनुभव है. इन्होंने 21वीं सदी की शुरुआत से ही हिंदी पत्रकारिता में कदम रखा. दिल्ली विश्वविद्यालय से हिंदी पत्रकारिता का कोर्स करने के बाद दिल्ली के दैनिक हिंदुस्तान से रिपोर्टिंग की शुरुआत की. इसके बाद वे दिल्ली में लगातार 12 सालों तक रिपोर्टिंग की. इस दौरान उन्होंने दिल्ली से प्रकाशित दैनिक हिंदुस्तान दैनिक जागरण, देशबंधु जैसे प्रतिष्ठित अखबारों के साथ कई साप्ताहिक अखबारों के लिए भी रिपोर्टिंग की. 2013 में वे प्रभात खबर आए. तब से वे प्रिंट मीडिया के साथ फिलहाल पिछले 10 सालों से प्रभात खबर डिजिटल में अपनी सेवाएं दे रहे हैं. इन्होंने अपने करियर के शुरुआती दिनों में ही राजस्थान में होने वाली हिंदी पत्रकारिता के 300 साल के इतिहास पर एक पुस्तक 'नित नए आयाम की खोज: राजस्थानी पत्रकारिता' की रचना की. इनकी कई कहानियां देश के विभिन्न पत्र-पत्रिकाओं में प्रकाशित हुई हैं.

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