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IRCTC : रेलवे प्लेटफॉर्म्स पर दुकानें खोलने को राजी नहीं कोई वेंडर, जानिए क्या है वजह...

By Agency
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नाराज हैं रेलवे प्लेटफॉर्म पर सवारियों को खान-पान मुहैया कराने वाले वेंडर.
नाराज हैं रेलवे प्लेटफॉर्म पर सवारियों को खान-पान मुहैया कराने वाले वेंडर.
प्रतीकात्मक फोटो.

भारतीय रेलवे प्रवासी मजदूरों और देश में फंसे लोगों को उनके गंतव्य तक पहुंचाने के लिए श्रमिक ट्रेन, स्पेशल ट्रेन और 200 स्पेशल ट्रेनों का परिचालन कर रहा है, लेकिन देश के रेलवे स्टेशनों के प्लेटफॉर्म्स पर दुकान खोलने के लिए कोई भी वेंडर तैयार नहीं हो रहा है. वजहें कई बतायी जा रही हैं. वेंडिंग एसोसिएशन के अधिकारी इसके पीछे कई कारण बता रहे हैं और इस संदर्भ में रेलवे बोर्ड के अधिकारियों को चिट्ठी भी लिखी है. आरोप-प्रत्यारोप का दौर जारी है. आइए, जानते हैं कि आखिर इसके पीछे असली वजह क्या है...

नयी दिल्ली : रेलवे फूड वेंडिंग एसोसिएशन ने गुरुवार को कहा है कि वह कोविड-19 संकट के चलते अभी देश में रेलवे प्लेटफॉर्म पर सेवाएं शुरू करने को तैयार नहीं है. इसने अधिकारियों से आग्रह किया कि वे दुकान खोलने का दबाव न बनाएं. वायरस के प्रसार को रोकने के लिए 25 मार्च को लॉकडाउन शुरू होने के समय से ही रेलवे प्लेटफॉर्म पर दुकानें बंद हैं. हालांकि, रेलवे बोर्ड ने 21 मई को एक पत्र के जरिये सभी क्षेत्रीय रेल इकाइयों को रेलवे स्टेशनों के भीतर स्थित सभी दुकानों को तत्काल प्रभाव से खोलने का निर्देश दिया.

अखिल भारतीय रेलवे खान-पान लाइसेंसिज वेल्फेयर एसोसिएशन के अध्यक्ष रवींद्र गुप्ता ने रेलवे बोर्ड के अध्यक्ष वीके यादव को 28 मई को एक पत्र लिखकर कहा कि कोई भी अपने व्यवसाय को लंबे समय तक बंद नहीं रखना चाहता और न ही खाली बैठना चाहता, लेकिन वह अपनी इकाइयों को अनुकूल परिस्थितियों में संचालित करना चाहता है.

उन्होंने कहा कि देश के अधिकतर राज्यों में जारी लॉकडाउन/निषिद्ध क्षेत्रों/रेड जोन की वजह से इकाइयों (दुकानों) को फिर से खोलने में बहुत सी बाधाएं और अभूतपूर्व स्थितियां हैं. पत्र में यह भी कहा गया है कि अधिकतर विक्रेता लॉकडाउन की वजह से अपने घर वापस चले गए हैं. इसमें विक्रेताओं की सुरक्षा का मुद्दा उठाते हुए कहा गया कि प्लेटफॉर्म पर व्यक्तियों और सामग्री की सुरक्षा के लिए कोई प्रबंध नहीं किया गया है.

गुप्ता ने अपने पत्र में कहा कि श्रमिक स्पेशल ट्रेन प्रवासी मजदूरों को लगातार ले जा रही हैं, जो लूटपाट और तोड़फोड कर रहे हैं तथा उन्होंने कुछ दुकानों भारी नुकसान पहुंचाया है. एसोसिएशन ने रेलवे से यह आग्रह भी किया कि प्लेटफॉर्म पर दुकानों को दोबारा खोलने के लिए उचित समय दिया जाना चाहिए.

एसोसिएशन ने कहा कि दुकानें खोलने के लिए अधिकारियों को भय का माहौल उत्पन्न करने और दबाव बनाने से रोका जाना चाहिए. पत्र में यह भी कहा गया कि अभी बहुत कम ट्रेन चल रही हैं, इसलिए इस समय दुकानें खोलने का कोई औचित्य नहीं है. देश में नौ हजार रेलवे स्टेशनों पर लगभग एक लाख स्थायी दुकान हैं.

Posted By : Vishwat Sen

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