सीजीएचएस को आयुष्मान भारत से जोड़ेगी मोदी सरकार! जानें सच्चाई
Published by : Amitabh Kumar Updated At : 18 Mar 2023 7:21 PM
सोशल मीडिया पर जो व्हाट्सएप चैट का स्क्रीनशॉट वायरल हो रहा है, उसमें लिखा है कि केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार केंद्रीय सरकारी स्वास्थ्य योजना (सीजीएचएस) को आयुष्मान भारत स्वास्थ्य खाता (एबीएचए) से जोड़ने की तैयारी में है.
सोशल मीडिया पर कई लोक-लुभावन मैसेज वायरल होते हैं जो लोगों को आकर्षित करते हैं. ऐसा ही एक मैसेज व्हाट्सएप पर वायरल है. इसमें केंद्र सरकार की केंद्रीय सरकारी स्वास्थ्य योजना (सीजीएचएस) और आयुष्मान भारत हेल्थ अकाउंट (एबीएचए) का जिक्र है. इंटरनेट पर यूजर्स इस चैट को लेकर तमाम तरह के दावे करते नजर आ रहे हैं. इस दावे का फैक्ट चेक सामने आया है जिसके बारे में आपको जानना जरूरी है.
दरअसल, सोशल मीडिया पर जो व्हाट्सएप चैट का स्क्रीनशॉट वायरल हो रहा है, उसमें लिखा है कि केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार केंद्रीय सरकारी स्वास्थ्य योजना (सीजीएचएस) को आयुष्मान भारत स्वास्थ्य खाता (एबीएचए) से जोड़ने की तैयारी में है. ऐसा इसलिए ताकि सीजीएचएस लाभार्थियों को निजी अस्पतालों के बजाय सरकारी अस्पतालों में इलाज मुहैया कराया जा सके.
It is being claimed that the Government wants to link CGHS with Ayushman Bharat Health Account (ABHA) to provide treatment for CGHS beneficiaries in government hospitals instead of in private hospitals#PIBFactCheck:
✔️This claim is fake
✔️GOI has made no such announcement pic.twitter.com/cu3oV9XhoK
— PIB Fact Check (@PIBFactCheck) March 17, 2023
केंद्र सरकार ने सोशल मीडिया पर वायरल इस चैट को फेक बताया है. पीआईबी फैक्ट चेक में सीजीएचएस को आयुष्मान भारत हेल्थ अकाउंट से जोड़ने के वायरल दावे को सिरे से खारिज करने का काम किया है. इस वायरल व्हाट्सएप चैट का फैक्ट चेक पीआईबी ने किया है और बताया है कि यह दावा पूरी तरह से फर्जी है. पीआईबी फैक्ट चेक ने अपने आधिकारिक ट्विटर हैंडल पर इसकी तस्वीर साझा की है और इसके कैप्शन में लिखा है कि दावा किया जा रहा है कि सरकार सीजीएचएस को आयुष्मान भारत हेल्थ अकाउंट (एबीएचए) से जोड़ना चाहती है ताकि सीजीएचएस लाभार्थियों को निजी अस्पतालों के बजाय सरकारी अस्पतालों में इलाज उपलब्ध कराया जा सके. यह दावा झूठा है. भारत सरकार ने ऐसी कोई घोषणा नहीं की है.
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यहां चर्चा कर दें कि PIB Fact Check सोशल मीडिया पर वायरल फर्जी मैसेज को सामने लाने का काम करती है. यदि आप भी किसी वायरल मैसेज का सच जानना चाहते हैं तो 918799711259 इस मोबाइल नंबर या socialmedia@pib.gov.in पर मेल करें और अपने मन में उठ रहे हर सवाल का जवाब जानें.
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By Amitabh Kumar
अमिताभ कुमार झारखंड की राजधानी रांची के रहने वाले हैं और पिछले कई वर्षों से पत्रकारिता की दुनिया में सक्रिय हैं. डिजिटल न्यूज में अच्छी पकड़ है और तेजी के साथ सटीक व भरोसेमंद खबरें लिखने के लिए जाने जाते हैं. वर्तमान में अमिताभ प्रभात खबर डिजिटल में नेशनल और वर्ल्ड न्यूज पर फोकस करते हैं और तथ्यों पर आधारित खबरों को प्राथमिकता देते हैं. हरे-भरे झारखंड की मिट्टी से जुड़े अमिताभ ने अपनी शुरुआती पढ़ाई जिला स्कूल रांची से पूरी की और फिर Ranchi University से ग्रेजुएशन के साथ पत्रकारिता की पढ़ाई की. पढ़ाई के दौरान ही साल 2011 में रांची में आयोजित नेशनल गेम को कवर करने का मौका मिला, जिसने पत्रकारिता के प्रति जुनून को और मजबूत किया.1 अप्रैल 2011 से प्रभात खबर से जुड़े और शुरुआत से ही डिजिटल पत्रकारिता में सक्रिय रहे. खबरों को आसान, रोचक और आम लोगों की भाषा में पेश करना इनकी खासियत है. डिजिटल के साथ-साथ प्रिंट के लिए भी कई अहम रिपोर्ट कीं. खासकर ‘पंचायतनामा’ के लिए गांवों में जाकर की गई ग्रामीण रिपोर्टिंग करियर का यादगार अनुभव है. प्रभात खबर से जुड़ने के बाद कई बड़े चुनाव कवर करने का अनुभव मिला. 2014, 2019 और 2024 के लोकसभा चुनाव के साथ-साथ झारखंड विधानसभा चुनावों (2014, 2019 और 2024) की भी ग्राउंड रिपोर्टिंग की है. चुनावी माहौल, जनता के मुद्दे और राजनीतिक हलचल को करीब से समझना रिपोर्टिंग की खास पहचान रही है.
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