COVID-19 के खिलाफ सरकार सख्त : दवा और मेडिकल डिवाइसेस का उत्पादन बढ़ाने के लिए फार्मा सेक्टर को मिला विशेष पैकेज

भारत सरकार ने कोरोना वायरस (COVID-19) के खिलाफ सख्त कदम उठाना शुरू कर दिया है.
नयी दिल्ली : भारत सरकार ने कोरोना वायरस (COVID-19) के खिलाफ सख्त कदम उठाना शुरू कर दिया है. इस महामारी से आर्थिक मोर्चे पर निपटने के लिए शुक्रवार को वित्तीय टास्क फोर्स की बैठक होनी है, लेकिन उसके पहले सरकार ने देश में दवा और चिकित्सकीय उपकरण बढ़ाने के लिए विशेष पैकेज की मंजूरी दे दी है. इसके अलावा, इस क्षेत्र में नये प्लांट लगाने और उत्पादन क्षमता बढ़ाने को लेकर सरकार की ओर से इंसेंटिव्स भी दिये जाएंगे.
शुक्रवार को कोविड-19 वित्तीय टास्क फोर्स की बैठक में नागर विमानन, होटल, टूर एंड ट्रेवल इंडस्ट्री और एमएसएमई पर ध्यान दिया है. खबर ये भी है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राज्यों के सभी मुख्यमंत्रियों के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंस के जरिये बात की है. सरकार ने मोबाइल उत्पादन के लिए प्रोडक्शन लिंक इंसेंटिव स्कीम को मंजूरी दे दी है. इससे बड़े लार्ज कॉन्ट्रैक्ट मैन्यूफैक्चरर और घरेलू कंपनियों को इंसेंटिव्स मिलेंगे.
इसके लिए सरकार आर्थिक मोर्चे पर राहते पैकेज देने की तैयारी में भी जुट गयी है. सरकार की ओर से जिन क्षेत्रों में राहत पैकेज दिये जाने की संभावना है, उसमें टैक्स के मोर्चे पर कुछ समय के लिए बड़ी राहत मिल सकती है, कुछ महीनों तक के लिए GST चुकाने से छूट मिलने की संभावना है और कर्ज चुकाने में लंबा वक्त मिल सकता है.
सूत्रों के अनुसार, एनपीए की समयसीमा समय सीमा 60 दिन तक बढ़ायी जा सकती है, डीबीटी की तर्ज पर राहत पैकेज दिया जा सकता है, नागर विमानन क्षेत्र को 12,000 करोड़ रुपये का राहत पैकेज मिल सकता है, घरेलू एयरलाइंस के लिए लैंडिंग और पार्किंग चार्ज में छूट मिल सकती है और टूरिज्म सेक्टर को विशेष राहत देने की तैयारी की खबर है.
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By KumarVishwat Sen
कुमार विश्वत सेन प्रभात खबर डिजिटल में डेप्यूटी चीफ कंटेंट राइटर हैं. इनके पास हिंदी पत्रकारिता का 25 साल से अधिक का अनुभव है. इन्होंने 21वीं सदी की शुरुआत से ही हिंदी पत्रकारिता में कदम रखा. दिल्ली विश्वविद्यालय से हिंदी पत्रकारिता का कोर्स करने के बाद दिल्ली के दैनिक हिंदुस्तान से रिपोर्टिंग की शुरुआत की. इसके बाद वे दिल्ली में लगातार 12 सालों तक रिपोर्टिंग की. इस दौरान उन्होंने दिल्ली से प्रकाशित दैनिक हिंदुस्तान दैनिक जागरण, देशबंधु जैसे प्रतिष्ठित अखबारों के साथ कई साप्ताहिक अखबारों के लिए भी रिपोर्टिंग की. 2013 में वे प्रभात खबर आए. तब से वे प्रिंट मीडिया के साथ फिलहाल पिछले 10 सालों से प्रभात खबर डिजिटल में अपनी सेवाएं दे रहे हैं. इन्होंने अपने करियर के शुरुआती दिनों में ही राजस्थान में होने वाली हिंदी पत्रकारिता के 300 साल के इतिहास पर एक पुस्तक 'नित नए आयाम की खोज: राजस्थानी पत्रकारिता' की रचना की. इनकी कई कहानियां देश के विभिन्न पत्र-पत्रिकाओं में प्रकाशित हुई हैं.
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