International Monetary Fund: पाकिस्तान को दनादन कर्ज पर कर्ज दिए जा रहा आईएमएफ! क्या मंशा, कहीं भारत के खिलाफ साजिश तो नहीं

International Monetary Fund: सितंबर 2024 में IMF ने पाकिस्तान के लिए 7 अरब डॉलर का 37 महीने का एक्सटेंडेड फंड फैसिलिटी (EFF) पैकेज मंजूर किया था. उस समय 1 अरब डॉलर तुरंत जारी किया गया था. अब तक पाकिस्तान को इस योजना के तहत कुल 3.1 अरब डॉलर की राशि मिल चुकी है
International Monetary Fund: इंटरनेशनल मॉनेटरी फंड (IMF) ने पाकिस्तान को एक और राहत की किश्त जारी कर दी है. बुधवार को IMF ने पाकिस्तान को 1.02 अरब डॉलर (लगभग 8400 करोड़ रुपये) की दूसरी किश्त दी है. यह फंड पाकिस्तान को एक्सटेंडेड फंड फैसिलिटी (EFF) प्रोग्राम के तहत मिला है. इससे पहले 9 मई को भी IMF ने पाकिस्तान को 1 अरब डॉलर की आर्थिक मदद दी थी.
अब तक मिला कुल कितना पैसा?
सितंबर 2024 में IMF ने पाकिस्तान के लिए 7 अरब डॉलर का 37 महीने का एक्सटेंडेड फंड फैसिलिटी (EFF) पैकेज मंजूर किया था. उस समय 1 अरब डॉलर तुरंत जारी किया गया था. अब तक पाकिस्तान को इस योजना के तहत कुल 3.1 अरब डॉलर की राशि मिल चुकी है. पाकिस्तान के केंद्रीय बैंक ने जानकारी दी है कि यह नई किश्त 16 मई तक विदेशी मुद्रा भंडार में जुड़ जाएगी.
भारत ने जताई कड़ी आपत्ति
भारत ने IMF के इस कदम पर गंभीर चिंता जताई है. भारत का कहना है कि पाकिस्तान इस फंड का इस्तेमाल सीमा पार आतंकवाद को बढ़ावा देने में कर सकता है. भारत ने यह भी आरोप लगाया कि IMF की लगातार आर्थिक मदद से पाकिस्तान पर विदेशी कर्ज का बोझ बढ़ता जा रहा है और वह अब IMF का सबसे बड़ा कर्जदार बन गया है.
पाकिस्तान में भारत विरोधी गतिविधियों का दौर
गौर करने वाली बात यह भी है कि हाल ही में भारत ने पाकिस्तान के खिलाफ ‘ऑपरेशन सिंदूर’ को अंजाम दिया था, जिसमें पाकिस्तान ने खुद माना कि उसके 11 सैनिक मारे गए और 78 घायल हुए. इनमें से 2 घायलों की मौत बुधवार को हो गई, जिससे मरने वालों की संख्या 13 हो गई है.
IMF में भारत ने क्यों नहीं किया वोट?
रॉयटर्स की एक रिपोर्ट के मुताबिक, IMF की हालिया बैठक में जब पाकिस्तान को फंड देने पर वोटिंग हुई तो भारत ने वोटिंग में हिस्सा नहीं लिया. IMF में संयुक्त राष्ट्र जैसी ‘NO’ वोटिंग की व्यवस्था नहीं होती है. सदस्य देश या तो समर्थन करते हैं या मतदान से खुद को दूर रखते हैं. भारत ने मतदान से दूरी बनाकर अप्रत्यक्ष विरोध जताया.
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By Abhishek Pandey
अभिषेक पाण्डेय पिछले 2 वर्षों से प्रभात खबर (Prabhat Khabar) में डिजिटल जर्नलिस्ट के रूप में कार्यरत हैं। उन्होंने पत्रकारिता के प्रतिष्ठित संस्थान 'दादा माखनलाल की बगिया' यानी माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय, भोपाल (MCU) से मीडिया की बारीकियां सीखीं और अपनी शैक्षणिक योग्यता पूरी की है। अभिषेक को वित्तीय जगत (Financial Sector) और बाजार की गहरी समझ है। वे नियमित रूप से स्टॉक मार्केट (Stock Market), पर्सनल फाइनेंस, बजट और बैंकिंग जैसे जटिल विषयों पर गहन शोध के साथ विश्लेषणात्मक लेख लिखते हैं। इसके अतिरिक्त, इंडस्ट्री न्यूज, MSME सेक्टर, एग्रीकल्चर (कृषि) और केंद्र व राज्य सरकार की सरकारी योजनाओं (Sarkari Yojana) का प्रभावी विश्लेषण उनके लेखन के मुख्य क्षेत्र हैं। आम जनमानस से जुड़ी यूटिलिटी (Utility) खबरों और प्रेरणादायक सक्सेस स्टोरीज को पाठकों तक पहुँचाने में उनकी विशेष रुचि है। तथ्यों की सटीकता और सरल भाषा अभिषेक के लेखन की पहचान है, जिसका उद्देश्य पाठकों को हर महत्वपूर्ण बदलाव के प्रति जागरूक और सशक्त बनाना है।
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