बीमा क्षेत्र में 100% FDI को मंजूरी: विदेशी कंपनियां अब बन सकेंगी भारतीय इंश्योरेंस कंपनियों की मालिक

सांकेतिक तस्वीर (फोटो : Canva)
Insurance FDI 100% Approved : इंश्योरेंस सेक्टर में अब 100% विदेशी निवेश! सरकार ने ऑटोमैटिक रूट को दी हरी झंडी, हालांकि LIC के लिए नियम अलग रहेंगे. जानिए इस बड़े बदलाव का आपकी पॉलिसी और देश की अर्थव्यवस्था पर क्या होगा असर.
Insurance FDI 100% Approved : केंद्र सरकार ने बीमा कानून संशोधन विधेयक, 2025 के प्रावधानों को लागू करते हुए इंश्योरेंस सेक्टर में बड़ा बदलाव किया है. अब विदेशी निवेशक बिना किसी सरकारी बाधा के भारतीय बीमा कंपनियों में अपनी पूरी हिस्सेदारी रख सकेंगे.
मुख्य बदलाव और शर्तें
- 100% निवेश: अब विदेशी कंपनियां ऑटोमैटिक रूट के जरिए भारतीय बीमा कंपनियों और इंटरमीडियरीज (जैसे ब्रोकर्स, कंसल्टेंट्स) में 100% तक हिस्सेदारी ले सकेंगी.
- भारतीय नेतृत्व अनिवार्य: नियम सख्त है कि कंपनी के चेयरपर्सन, MD या CEO में से कम से कम एक व्यक्ति भारतीय नागरिक होना चाहिए.
- लाइसेंस की अनिवार्यता: निवेश के बाद भी कंपनियों को IRDAI से लाइसेंस और नियमों का पालन करना अनिवार्य होगा.
LIC के लिए ‘स्पेशल’ नियम
सरकार ने लाइफ इंश्योरेंस कॉरपोरेशन (LIC) की संवेदनशीलता को देखते हुए इसे 100% FDI से बाहर रखा है. LIC में विदेशी निवेश की सीमा 20% पर ही बरकरार रहेगी. यह निवेश LIC एक्ट 1956 के नियमों के अधीन होगा.
पड़ोसी देशों को राहत
सरकार ने एक और बड़ा बदलाव करते हुए चीन और पाकिस्तान जैसे सीमावर्ती देशों से आने वाले निवेश के नियमों को सरल बनाया है.
- अब इन देशों से 10% से कम हिस्सेदारी वाले निवेश के लिए सरकार की मंजूरी की जरूरत नहीं होगी (ऑटोमैटिक रूट).
- मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर के लिए अप्रूवल की समय सीमा 60 दिन तय कर दी गई है, जिससे निवेश प्रक्रिया तेज होगी.
इससे आम लोगों को क्या फायदा होगा?
- सस्ती पॉलिसी: विदेशी पूंजी आने से प्रतिस्पर्धा बढ़ेगी, जिससे बीमा प्रीमियम कम हो सकता है.
- बेहतर तकनीक: ग्लोबल कंपनियां अपने साथ आधुनिक तकनीक और नए तरह के इंश्योरेंस प्रोडक्ट्स (जैसे साइबर बीमा, कस्टमाइज्ड हेल्थ प्लान) लेकर आएंगी.
- रोजगार के अवसर: बीमा क्षेत्र में विस्तार से लाखों नए एजेंटों और प्रोफेशनल नौकरियों के अवसर पैदा होंगे.
- अर्थव्यवस्था को मजबूती: इंश्योरेंस का पैसा लंबी अवधि के लिए होता है, जिसे सरकार देश के बुनियादी ढांचे (Infrastructure) के विकास में लगा सकती है.
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By Abhishek Pandey
अभिषेक पाण्डेय पिछले 2 वर्षों से प्रभात खबर (Prabhat Khabar) में डिजिटल जर्नलिस्ट के रूप में कार्यरत हैं। उन्होंने पत्रकारिता के प्रतिष्ठित संस्थान 'दादा माखनलाल की बगिया' यानी माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय, भोपाल (MCU) से मीडिया की बारीकियां सीखीं और अपनी शैक्षणिक योग्यता पूरी की है। अभिषेक को वित्तीय जगत (Financial Sector) और बाजार की गहरी समझ है। वे नियमित रूप से स्टॉक मार्केट (Stock Market), पर्सनल फाइनेंस, बजट और बैंकिंग जैसे जटिल विषयों पर गहन शोध के साथ विश्लेषणात्मक लेख लिखते हैं। इसके अतिरिक्त, इंडस्ट्री न्यूज, MSME सेक्टर, एग्रीकल्चर (कृषि) और केंद्र व राज्य सरकार की सरकारी योजनाओं (Sarkari Yojana) का प्रभावी विश्लेषण उनके लेखन के मुख्य क्षेत्र हैं। आम जनमानस से जुड़ी यूटिलिटी (Utility) खबरों और प्रेरणादायक सक्सेस स्टोरीज को पाठकों तक पहुँचाने में उनकी विशेष रुचि है। तथ्यों की सटीकता और सरल भाषा अभिषेक के लेखन की पहचान है, जिसका उद्देश्य पाठकों को हर महत्वपूर्ण बदलाव के प्रति जागरूक और सशक्त बनाना है।
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