ईरान-अमेरिका तनाव से शेयर बाजार में गिरावट, सेंसेक्स और निफ्टी लाल निशान पर खुले

Updated at : 09 Apr 2026 11:56 AM (IST)
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Indian Stock Market 9 April 2026

NSE की बिल्डिंग (Photo: ANI)

Indian Stock Market 9 April 2026: कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों ने भारतीय बाजार पर दबाव बनाया है.जानें मिडिल ईस्ट संकट के बीच शेयर बाजार में रिकवरी की कितनी संभावना है.

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Indian Stock Market 9 April 2026: भारतीय शेयर बाजार के लिए गुरुवार की सुबह सुस्त रही है. कल की बढ़त के बाद आज सेंसेक्स और निफ्टी दोनों लाल निशान में खुले हैं. सुबह 9:17 बजे तक सेंसेक्स करीब 408 अंक (0.53%) गिरकर 77,154 पर आ गया, जबकि निफ्टी 157 अंक (0.66%) फिसलकर 23,839 पर कारोबार कर रहा था. इस गिरावट का मुख्य कारण अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ता तनाव है, जिससे ग्लोबल मार्केट्स में अनिश्चितता पैदा हो गई है. 

ग्लोबल मार्केट का भारत पर क्या असर पड़ा?

ANI की रिपोर्ट के अनुसार, सिर्फ भारत ही नहीं, बल्कि पूरे एशिया के बाजारों में गिरावट देखी गई है. जापान का निक्केई और दक्षिण कोरिया का कोस्पी 1.5% से ज्यादा टूट गए. एक्सपर्ट्स का मानना है कि कल बाजार में जो बड़ी तेजी आई थी, वह ‘शॉर्ट कवरिंग’ और ईरान-अमेरिका के बीच सीजफायर की खबरों की वजह से थी. लेकिन जैसे ही इजराइल और लेबनान के बीच नए तनाव की खबरें आईं, इन्वेस्टर्स ने फिर से सावधानी बरतनी शुरू कर दी. कच्चे तेल (Brent Crude) की कीमतें भी फिर से उछलकर 97 डॉलर प्रति बैरल के पार पहुंच गई हैं, जो भारतीय अर्थव्यवस्था के लिए अच्छी खबर नहीं है. 

RBI के फैसले से इन्वेस्टर्स को क्या उम्मीद है?

रिजर्व बैंक (RBI) ने अपनी हालिया पॉलिसी में ब्याज दरों में कोई बदलाव नहीं किया है. हालांकि इससे बाजार को कोई खास बूस्ट नहीं मिला, लेकिन गवर्नर का यह कहना कि ‘देश की ग्रोथ मजबूत है’, इन्वेस्टर्स को भरोसा दे रहा है. एक्सपर्ट्स का अनुमान है कि साल 2027 तक भारत की जीडीपी ग्रोथ 6.9% रह सकती है. इसका मतलब है कि कंपनियों की कमाई में लगभग 12% की बढ़त देखने को मिल सकती है. 

इन्वेस्टर्स को अब क्या करना चाहिए?

बाजार के जानकारों का कहना है कि अभी घबराने की जरूरत नहीं है. सोने की कीमतें (Gold Price) बढ़कर 4,790 डॉलर प्रति औंस के पास पहुंच गई हैं, क्योंकि लोग सेफ इनवेस्टमेंट की तलाश कर रहे हैं. फिलहाल रणनीति साफ है: जिन अच्छी कंपनियों के शेयर विदेशी निवेशकों की बिकवाली के कारण सस्ते मिल रहे हैं, वे आगे चलकर अच्छा रिटर्न दे सकते हैं. ऐसे माहौल में धैर्य ही सबसे बड़ा हथियार है. अगर मिडिल ईस्ट में तनाव कम होता है, तो बाजार फिर से रिकवरी कर सकता है. 

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Soumya Shahdeo

लेखक के बारे में

By Soumya Shahdeo

सौम्या शाहदेव ने बैचलर ऑफ़ आर्ट्स इन इंग्लिश लिटरेचर में ग्रेजुएशन किया है और वह इस समय प्रभात खबर डिजिटल के बिजनेस सेक्शन में कॉन्टेंट राइटर के रूप में काम कर रही हैं. वह ज़्यादातर पर्सनल फाइनेंस से जुड़ी खबरें लिखती हैं, जैसे बचत, निवेश, बैंकिंग, लोन और आम लोगों से जुड़े पैसे के फैसलों के बारे में. इसके अलावा, वह बुक रिव्यू भी करती हैं और नई किताबों व लेखकों को पढ़ना-समझना पसंद करती हैं. खाली समय में उन्हें नोवेल्स पढ़ना और ऐसी कहानियाँ पसंद हैं जो लोगों को आगे बढ़ने की प्रेरणा देती हैं.

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