ट्रेन में करने जा रहे हैं सफर तो पहले जानिए मिडिल बर्थ के इस्तेमाल का नियम, वर्ना पड़ सकते हैं फेर में...

Indian Railways News : आप ट्रेन में सफर शुरू करने जा रहे हों और टिकट कटाने के बाद आपको कंपार्टमेंट में मिडिल बर्थ एलॉट हुआ हो, तो आप उससे जुड़े नियम भी जरूर जान लें. इसका कारण यह है कि मिडिल बर्थ मिलने के बाद आप न तो उसका चौबीसों घंटे इस्तेमाल कर सकते हैं और न ही मिडिल बर्थ मिलने के बाद अपने सह-यात्रियों से किसी प्रकार के बहस कर सकते हैं.
-
ट्रेन के मिडिल बर्थ को लेकर अक्सर यात्रियों में हो जाती है बहस
-
मिडिल बर्थ पर सोकर रिजर्वेशन का पैसा वसूलना चाहते हैं यात्री
-
भारतीय रेलवे ने मिडिल बर्थ को लेकर बनाया हुआ है नियम
Indian Railways News : आप ट्रेन में सफर शुरू करने जा रहे हों और टिकट कटाने के बाद आपको कंपार्टमेंट में मिडिल बर्थ एलॉट हुआ हो, तो आप उससे जुड़े नियम भी जरूर जान लें. इसका कारण यह है कि मिडिल बर्थ मिलने के बाद आप न तो उसका चौबीसों घंटे इस्तेमाल कर सकते हैं और न ही मिडिल बर्थ मिलने के बाद अपने सह-यात्रियों से किसी प्रकार के बहस कर सकते हैं.
आम तौर पर मिडिल बर्थ वालों को अपने सह-यात्रियों से इसलिए बहस होती है, क्योंकि ट्रेन में चढ़ने के साथ ही वे सोने की इच्छा जाहिर करने लगते हैं. उन्हें लगता है कि वे अपने रिजर्वेशन में लगाए गए पैसे की वसूली बर्थ पर सोकर ही कर सकते हैं. वहीं, कई बार कंपार्टमेंट के लोअर बर्थ वाले यात्री भी लेट नाइट तक बैठे रहने पर आमादा रहते हैं. ऐसे में, मिडिल बर्थ वाले व्यक्ति को सोने में दिक्कत होती है, तो उसकी लोअर बर्थ वाले व्यक्ति से बहस हो जाती है. इसीलिए, मिडिल और लोअर बर्थ वाले यात्रियों में हमेशा आपसी तालमेल का अभाव बना रहता है.
रेलवे ने मिडिल बर्थ को लेकर खास नियम बनाया हुआ है. ऐसे में, मिडिल बर्थ वाले यात्री को उसी के अनुरूप ट्रेन में सफर करना होता है. ट्रेन का मिडिल बर्थ ऐसा होता है, जो दिन में डाउन रहता है. उसे रात में चेन से टांगकर बनाना पड़ता है. इस वजह से इस बर्थ को लेकर दिक्कत होती है. मिडिल बर्थ के खोलने पर लॉअर सीट वाले व्यक्ति को मुश्किल होती है. ऐसे में, लोगों को रेलवे के इस खास नियम पता होना जरूरी है.
भारतीय रेलवे के नियमों के अनुसार, अगर किसी का मिडिल बर्थ है, तो आप 24 घंटे इसका इस्तेमाल नहीं कर सकते. आप सिर्फ रात में ही मिडिल बर्थ खोल सकते हैं. इसके अलावा, आपको मिडिल बर्थ बंद ही रखनी होगी.
रेलवे के नियम के अनुसार, मिडिल बर्थ वाला यात्री 10 बजे रात से सुबह 6 बजे तक ही सो सकता है. रात 10 से पहले अगर कोई यात्री मिडिल बर्थ खोलने से रोकना चाहे, तो उसे रोका जा सकता है. वहीं, सुबह 6 बजे के बाद बर्थ को नीचे करना होगा, ताकि दूसरे यात्री लोअर बर्थ पर बैठ सकें. रेलवे एक्ट की धारा 156 के अनुसार, छत या ट्रेन के गेट पर यात्रा करना भी कानूनन अपराध है. ऐसा करने पर यात्री को 500 रुपये के जुर्माने के साथ 3 महीने की जेल भी हो सकती है.
साथ ही, रेलवे एक्ट की धारा 145 (बी) के तहत पहली बार ऐसा करने पर 100 रुपये का जुर्माना किया जाता है और दूसरी बार भी ये ही अपराध करने पर 250 रुपये का जुर्माना या एक महीने की जेल हो सकती है. इसके अलावा, ट्रेन में उपद्रव फैलाने पर भी इसी कानून के आधार पर सजा दी जाती है.
Posted by : Vishwat Sen
प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी
लेखक के बारे में
By Prabhat Khabar Digital Desk
यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।
Prabhat Khabar App :
देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए




