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इस ट्रेन में सफर करें और मुफ्त खाना का लाभ उठाएं, ब्रेकफास्ट, लंच, डिनर सब फ्री

Updated at : 18 Jun 2025 10:44 AM (IST)
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Indian Railway

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Indian Railway: क्या आप जानते है भारत में एक ऐसी ट्रेन भी है जिसमें सफर करने पर आपको मुफ्त खाना मिलता है. नहीं जानते तो इस आर्टिकल में हम आपको ऐसी ही एक अनोखें ट्रेन के बारे में बता रहे है.

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Indian Railway: भारत में ट्रेनों का सफर अपने आप में एक अलग अनुभव होता है, लेकिन अगर आपसे कहा जाए कि एक ट्रेन ऐसी भी है जिसमें सफर के दौरान नाश्ता, दोपहर का खाना और रात का भोजन सब कुछ फ्री में मिलता है, तो हैरानी होगी ना. हम बात कर रहे हैं Amritsar-Nanded Sachkhand Express की, जो यात्रियों को न सिर्फ मंज़िल तक पहुंचाती है, बल्कि पेट भर स्वादिष्ट खाना भी खिलाती फ्री में.

मुफ्त खाना

भारतीय रेलवे हमेशा से यात्रियों की सुविधा बढ़ाने में लगा रहता है.इस ट्रेन में भी यात्रियों को बेहतरीन सुविधाएं मिलती हैं. अब तो आप अपनी सीट पर बैठे-बैठे खाना पा सकते हैं. IRCTC की वेबसाइट से आप अपनी पसंद का खाना ऑर्डर कर सकते हैं, लेकिन इस खास ट्रेन में आपको बिना किसी पैसे के मुफ्त में लंगर का खाना दिया जाता है.

सफर पूरा होने में कितने घंटे लगते है

सचखंड एक्सप्रेस अमृतसर से नांदेड़ के बीच चलती है. इसका सफर करीब 2081 किलोमीटर लंबा होता है और इसे पूरा करने में लगभग 33 घंटे लगते हैं. रास्ते में यह ट्रेन 39 स्टेशनों पर रुकती है. इनमें से 6 प्रमुख स्टेशनों दिल्ली, भोपाल, परभनी, जालना, औरंगाबाद और मराठवाड़ा पर यात्रियों के लिए लंगर की व्यवस्था की जाती है. खास बात यह है कि नई दिल्ली और डबरा स्टेशन पर तो दोनों दिशाओं में लंगर मिलता है.

लंगर के लिए यात्री अपने-अपने बर्तन लेकर आते हैं और बड़ी श्रद्धा से भोजन ग्रहण करते हैं. खाना जनरल कोच से लेकर एसी कोच के यात्रियों तक सभी को समान रूप से मिलता है. लंगर का खाना हर दिन अलग होता है जैसे कढ़ी-चावल, छोले, दाल, खिचड़ी और मौसमी सब्जियां. यह लंगर गुरुद्वारों द्वारा चलाया जाता है और इसके लिए धन दानदाताओं से आता है. इस सेवा का उद्देश्य सिर्फ पेट भराना नहीं, बल्कि सेवा की भावना को जीवित रखना है.

सचखंड एक्सप्रेस अमृतसर का इतिहास

इस ट्रेन का इतिहास भी बहुत दिलचस्प है. साल 1995 में जब इसे शुरू किया गया था, तब यह हफ्ते में सिर्फ एक दिन चलती थी. फिर यात्रियों की मांग को देखते हुए 1997-98 के दौरान इसे हफ्ते में पांच दिन किया गया. साल 2007 से यह ट्रेन हफ्ते के सातों दिन नियमित रूप से चल रही है.

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Shailly Arya

लेखक के बारे में

By Shailly Arya

मैं एक बिजनेस पत्रकार हूं और फिलहाल प्रभात खबर में काम कर रही हूं. इससे पहले मैंने इकोनॉमिक टाइम्स, दैनिक भास्कर और ABP न्यूज़ जैसे बड़े मीडिया संस्थानों में काम किया है. मुझे कुल मिलाकर 1.5 साल से ज्यादा का अनुभव है. फाइनेंसियल लिटरेसी के बारे में हर किसी को पता होना चाहिए. शेयर बाज़ार हो या म्यूचुअल फंड, मेरा मकसद है कि हर आम इंसान को समझ में आए कि उसका पैसा कैसे काम करता है और कैसे बढ़ता है. मैं मानती हूं जानकारी तभी काम की होती है जब वो समझ में आए. इसलिए मैं लाती हूं बिज़नेस की बड़ी ख़बरें, आसान शब्दों में और आपके लिए. आइए, बिजनेस की दुनिया को थोड़ा और आसान बनाएं साथ मिलकर.

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