ePaper

अगले दो वित्त वर्षों में 6.7% रहेगी भारत की आर्थिक वृद्धि दर, विश्व बैंक ने जताया अनुमान

Updated at : 17 Jan 2025 6:20 PM (IST)
विज्ञापन
Indian economic

विश्व बैंक ने भारत की आर्थिक वृद्धि दर की रिपोर्ट जारी की.

Growth Rate: विश्व बैंक ने दो वित्त वर्ष के लिए भारत की आर्थिक वृद्धि का अनुमान जाहिर किया है. अपनी रिपोर्ट में उसने कहा है कि भारत की स्थिर वृद्धि दर देश की आर्थिक नीतियों की सफलता और वैश्विक चुनौतियों के बावजूद इसकी आर्थिक मजबूती को दर्शाती है.

विज्ञापन

Growth Rate: विश्व बैंक के दक्षिण एशिया आर्थिक रिपोर्ट के अनुसार, भारत की आर्थिक वृद्धि दर अप्रैल 2025 से शुरू होने वाले दो वित्त वर्षों (2025-26 और 2026-27) में स्थिर रहकर 6.7% रहने का अनुमान है. यह स्थिरता भारतीय अर्थव्यवस्था की मजबूती और सरकार की विकास समर्थक पहलों को दर्शाती है.

वित्त वर्ष 2024-25 के लिए अनुमानित वृद्धि दर

विश्व बैंक के अनुसार, वित्त वर्ष 2024-25 में भारत की वृद्धि दर घटकर 6.5% रहने की संभावना है. यह गिरावट मुख्य रूप से निवेश में धीमी गति और विनिर्माण क्षेत्र की कमजोर वृद्धि को दर्शाती है. हालांकि, इसके बाद अगले दो वित्त वर्षों में भारत की वृद्धि दर में स्थिरता आने की उम्मीद है.

सेवा और विनिर्माण क्षेत्र को समर्थन

विश्व बैंक की रिपोर्ट में कहा गया है कि सेवा क्षेत्र के निरंतर विस्तार और विनिर्माण गतिविधियों में मजबूती से भारत की वृद्धि को बल मिलेगा. इसके अलावा, निवेश में वृद्धि के लिए कारोबारी माहौल में सुधार और सरकारी पहलों का सकारात्मक प्रभाव रहेगा. निजी निवेश में तेजी से सार्वजनिक निवेश में कमी की भरपाई होने की उम्मीद है.

दक्षिण एशिया में सुधार

दक्षिण एशिया के लिए विश्व बैंक ने 2025-26 में 6.2% वृद्धि दर का अनुमान लगाया है, जिसमें भारत का मजबूत योगदान रहेगा. पाकिस्तान और श्रीलंका जैसे देशों में भी आर्थिक सुधार और बेहतर नीतियों के कारण इस क्षेत्र की औसत वृद्धि दर में सुधार होगा.

इसे भी पढ़ें: XAT 2025 का परिणाम जारी, ऐसे डाउनलोड करें अपना स्कोरकार्ड

आर्थिक नीतियों से स्थिर रहेगी वृद्धि दर

भारत की स्थिर वृद्धि दर देश की आर्थिक नीतियों की सफलता और वैश्विक चुनौतियों के बावजूद इसकी आर्थिक मजबूती को दर्शाती है. सेवा क्षेत्र का विस्तार, विनिर्माण गतिविधियों में सुधार और निवेश में तेजी जैसे कारक भारत को अगले दो वर्षों में दक्षिण एशिया का विकास इंजन बनाए रखने में मदद करेंगे.

इसे भी पढ़ें: एफआईआई की बिकवाली से शेयर बाजार धड़ाम, सेंसेक्स में 423.49 अंकों की गिरावट

विज्ञापन
KumarVishwat Sen

लेखक के बारे में

By KumarVishwat Sen

कुमार विश्वत सेन प्रभात खबर डिजिटल में डेप्यूटी चीफ कंटेंट राइटर हैं. इनके पास हिंदी पत्रकारिता का 25 साल से अधिक का अनुभव है. इन्होंने 21वीं सदी की शुरुआत से ही हिंदी पत्रकारिता में कदम रखा. दिल्ली विश्वविद्यालय से हिंदी पत्रकारिता का कोर्स करने के बाद दिल्ली के दैनिक हिंदुस्तान से रिपोर्टिंग की शुरुआत की. इसके बाद वे दिल्ली में लगातार 12 सालों तक रिपोर्टिंग की. इस दौरान उन्होंने दिल्ली से प्रकाशित दैनिक हिंदुस्तान दैनिक जागरण, देशबंधु जैसे प्रतिष्ठित अखबारों के साथ कई साप्ताहिक अखबारों के लिए भी रिपोर्टिंग की. 2013 में वे प्रभात खबर आए. तब से वे प्रिंट मीडिया के साथ फिलहाल पिछले 10 सालों से प्रभात खबर डिजिटल में अपनी सेवाएं दे रहे हैं. इन्होंने अपने करियर के शुरुआती दिनों में ही राजस्थान में होने वाली हिंदी पत्रकारिता के 300 साल के इतिहास पर एक पुस्तक 'नित नए आयाम की खोज: राजस्थानी पत्रकारिता' की रचना की. इनकी कई कहानियां देश के विभिन्न पत्र-पत्रिकाओं में प्रकाशित हुई हैं.

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन
Sponsored Linksby Taboola