Income Tax Rule 2025: 1 अप्रैल 2026 से देश में आयकर से जुड़े नियमों में बड़ा बदलाव होने जा रहा है. केंद्र सरकार इनकम टैक्स एक्ट, 1961 को खत्म कर उसकी जगह नया इनकम टैक्स एक्ट, 2025 लागू करेगी. इसका मकसद टैक्स कानूनों को सरल बनाना है, ताकि आम नागरिक बिना किसी परेशानी के टैक्स समझ सकें और समय पर भुगतान कर सकें. सरकार का कहना है कि नए कानून का ढांचा पुराना ही रहेगा, लेकिन इसकी भाषा और प्रक्रियाओं को आसान बनाया जाएगा, जिससे टैक्स विवाद और कोर्ट केस कम हों.
नया इनकम टैक्स एक्ट 2025
नया इनकम टैक्स कानून 1 अप्रैल 2026 से पूरे देश में लागू होगा. इसका मुख्य उद्देश्य टैक्स सिस्टम को सरल, पारदर्शी और डर-मुक्त बनाना है. सरकार चाहती है कि व्यक्तिगत करदाता और कारोबारी बिना किसी झंझट के नियमों का पालन कर सकें और टैक्स से जुड़े विवादों में कमी आए.
12 लाख रुपये तक की सालाना आय पर कोई टैक्स नहीं
2025 के बजट में दी गई बड़ी टैक्स राहत 2026 में भी जारी रहेगी. नए टैक्स रिजीम के तहत सालाना 12 लाख रुपये तक की आय पर कोई इनकम टैक्स नहीं देना होगा. हालांकि, इस सिस्टम में छूट (Exemption) और कटौती (Deduction) की सुविधा नहीं होगी, लेकिन टैक्स स्लैब पहले से कम रखे गए हैं.
नए टैक्स स्लैब (संकेतात्मक)
- 4 लाख से 8 लाख रुपये तक की आय पर: 5% टैक्स
- अधिक आय वर्ग के लिए टैक्स दरें क्रमशः बढ़ेंगी
- 24 लाख रुपये से ज्यादा की आय पर: 30% टैक्स
सिगरेट और पान मसाला होंगे महंगे
2026 में सरकार कुछ चुनिंदा उत्पादों पर अतिरिक्त टैक्स लगाने की तैयारी में है.
- सिगरेट पर एक्साइज ड्यूटी बढ़ाई जाएगी
- पान मसाला पर नया सेस (Cess) लगाया जाएगा
- ये टैक्स पहले से लागू GST के अलावा होंगे. सरकार का उद्देश्य इन उत्पादों से ज्यादा राजस्व जुटाना और इनके सेवन को हतोत्साहित करना है.
GST दरों में नहीं होगा कोई बड़ा बदलाव
2026 में GST दरों में किसी बड़े बदलाव की संभावना नहीं है. सितंबर 2025 में लागू हुए नए GST ढांचे का यह पहला पूरा साल होगा. इस सुधार के तहत करीब 375 वस्तुओं और सेवाओं पर टैक्स घटाया गया था. फिलहाल ज्यादातर सामान 5% या 18% GST के दायरे में आते हैं.
तंबाकू जैसे उत्पादों पर ऊंचा टैक्स पहले की तरह जारी रहेगा.
कस्टम ड्यूटी सुधारों पर सरकार का फोकस
GST और इनकम टैक्स में बदलाव के बाद अब सरकार का अगला बड़ा जोर कस्टम्स रिफॉर्म पर है. 2025-26 के बजट में कस्टम टैरिफ स्लैब की संख्या घटाकर 8 कर दी गई है. इसके साथ ही फेसलेस असेसमेंट और डिजिटल कस्टम प्रक्रिया को लागू करने पर तेजी से काम चल रहा है, जिससे आयात-निर्यात से जुड़ी प्रक्रियाएं पहले की तुलना में ज्यादा तेज, सरल और पारदर्शी बन सकें.
आम टैक्सपेयर्स पर क्या पड़ेगा असर
नए टैक्स नियमों से आम लोगों को कई तरह के फायदे मिलने की उम्मीद है. टैक्स कानूनों को समझना आसान होगा, टैक्स विवाद और नोटिस की संख्या में कमी आएगी और पूरी प्रक्रिया के डिजिटल होने से समय और पैसे दोनों की बचत होगी. कुल मिलाकर, 2026 का टैक्स सिस्टम भारत को एक सरल, आधुनिक और पारदर्शी कर व्यवस्था की दिशा में ले जाने वाला एक बड़ा और अहम कदम माना जा रहा है.
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