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दिल्ली-एनसीआर में अवैध तरीके से बिक रही एस्से सिगरेट, कोरियाई फर्म जारी किए कानूनी नोटिस

Updated at : 15 Nov 2025 8:13 PM (IST)
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Legal Notice

कोरिया की केटीएंडटी कंपनी ने सिगरेट की अवैध बिक्री पर नोटिस जारी किया है.

Legal Notice: दिल्ली-एनसीआर में अवैध और नकली एस्से सिगरेट की बढ़ती बिक्री के खिलाफ कोरियाई कंपनी केटीएंडजी ने बड़ी कार्रवाई शुरू की है. कंपनी ने अवैध व्यापार में शामिल खुदरा विक्रेताओं और व्यक्तियों को 130 से अधिक कानूनी नोटिस जारी किए हैं. भारत में अवैध सिगरेट के कारण लगभग 20% बाजार प्रभावित है, जिससे सरकार को भारी कर नुकसान होता है. यह कदम नकली उत्पादों, तस्करी और अवैध बिक्री पर सख्त निगरानी बढ़ाने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है.

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Legal Notice: दिल्ली-एनसीआर में अवैध और नकली सिगरेट का कारोबार तेजी से बढ़ रहा है. इसी समस्या से निपटने के लिए कोरिया की प्रमुख तंबाकू कंपनी केटीएंडजी ने बड़ी कानूनी कार्रवाई शुरू की है. कंपनी ने एस्से ब्रांड की सिगरेट के अवैध व्यापार में शामिल लोगों और खुदरा विक्रेताओं को 130 से अधिक कानूनी नोटिस जारी किए हैं. यह कदम भारत में नकली और अवैध उत्पादों के खिलाफ कंपनी की निर्णायक रणनीति को दर्शाता है.

कोरियाई फर्म ने शुरू की बड़ी कानूनी कार्रवाई

केटीएंडजी ने भारत में अपनी कार्रवाई को आगे बढ़ाने के लिए प्रसिद्ध कानूनी फर्म एसएस राणा एंड कंपनी को नियुक्त किया है. कंपनी का कहना है कि दिल्ली-एनसीआर जैसे बड़े बाजारों में नकली उत्पादों का प्रसार न केवल ब्रांड को नुकसान पहुंचा रहा है, बल्कि उपभोक्ता स्वास्थ्य को भी प्रभावित कर सकता है. कानूनी नोटिस उन व्यक्तियों और दुकानों को भेजे गए हैं, जो एस्से नाम का इस्तेमाल कर नकली या अवैध सिगरेट बेच रहे थे. कंपनी की यह कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी, क्योंकि कंपनी अवैध सप्लाई चेन को पूरी तरह रोकने की कोशिश में जुटी है.

भारत में अवैध सिगरेट का बढ़ता कारोबार

वैश्विक स्तर पर लगभग 11.6% सिगरेट अवैध रूप से बेची जाती हैं, जिसके चलते दुनियाभर की सरकारों को हर साल लगभग 40.5 अरब अमेरिकी डॉलर का कर नुकसान होता है. भारत में यह समस्या और भी गंभीर है। देश में बिकने वाली अवैध सिगरेट की बाजार हिस्सेदारी करीब 20% बताई जाती है. इससे न सिर्फ सरकार को भारी कर नुकसान होता है, बल्कि स्वास्थ्य मानकों का पालन न होने से उपभोक्ताओं की सुरक्षा भी खतरे में रहती है.

खुदरा बाजार में बढ़ती चुनौती

दिल्ली-एनसीआर में बड़ी संख्या में खुदरा दुकानों में अवैध या तस्करी के जरिए लाई गई सिगरेट बेचे जाने के मामले सामने आए हैं. इन पर वैध चेतावनी, पैकेजिंग नियम, और कर प्रक्रिया का अनुपालन नहीं होता, जिससे सरकार को राजस्व हानि और कंपनियों को ब्रांड हानि दोनों झेलनी पड़ती हैं.

अवैध व्यापार रोकने के लिए आवश्यक कदम

केटीएंडजी की ओर से भेजे गए नोटिस उद्योग में एक स्पष्ट संदेश हैं कि नकली उत्पादों और अवैध बिक्री पर अब कड़ी निगरानी होगी. विशेषज्ञों का मानना है कि कंपनियों, कानून प्रवर्तन और सरकार के संयुक्त प्रयास से ही इस अवैध बाजार पर रोक लगाई जा सकती है. यह कार्रवाई अवैध सिगरेट व्यापार पर सख्ती के नए दौर की शुरुआत मानी जा रही है.

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भाषा इनपुट के साथ

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KumarVishwat Sen

लेखक के बारे में

By KumarVishwat Sen

कुमार विश्वत सेन प्रभात खबर डिजिटल में डेप्यूटी चीफ कंटेंट राइटर हैं. इनके पास हिंदी पत्रकारिता का 25 साल से अधिक का अनुभव है. इन्होंने 21वीं सदी की शुरुआत से ही हिंदी पत्रकारिता में कदम रखा. दिल्ली विश्वविद्यालय से हिंदी पत्रकारिता का कोर्स करने के बाद दिल्ली के दैनिक हिंदुस्तान से रिपोर्टिंग की शुरुआत की. इसके बाद वे दिल्ली में लगातार 12 सालों तक रिपोर्टिंग की. इस दौरान उन्होंने दिल्ली से प्रकाशित दैनिक हिंदुस्तान दैनिक जागरण, देशबंधु जैसे प्रतिष्ठित अखबारों के साथ कई साप्ताहिक अखबारों के लिए भी रिपोर्टिंग की. 2013 में वे प्रभात खबर आए. तब से वे प्रिंट मीडिया के साथ फिलहाल पिछले 10 सालों से प्रभात खबर डिजिटल में अपनी सेवाएं दे रहे हैं. इन्होंने अपने करियर के शुरुआती दिनों में ही राजस्थान में होने वाली हिंदी पत्रकारिता के 300 साल के इतिहास पर एक पुस्तक 'नित नए आयाम की खोज: राजस्थानी पत्रकारिता' की रचना की. इनकी कई कहानियां देश के विभिन्न पत्र-पत्रिकाओं में प्रकाशित हुई हैं.

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